One Thousand Ways to Make $1000 Warren Buffet Hindi Summary

 One Thousand Ways to Make $1000 Warren Buffett Hindi Summary

One Thousand Ways to Make $1000 Warren Buffet Hindi Summary

---------- About Book ----------

क्या आप भी $1000 डॉलर्स कमाने के 1000 तरीके जानना चाहते है? इस बुक summary में हम आपको अलग-अलग लोगो की कुछ ऐसी ही स्टोरीज़ बताने जा रहे है जो अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट करने में सक्सेसफुल रहे और आज एक हैप्पी लाइफ जी रहे है. इनमे से कुछ लोग तो ऐसे है जिनके पास पहले कोई जॉब नहीं था, और कुछ ने यंग एज में ही अपना काम स्टार्ट कर दिया था. हालाँकि इन लोगो को हर तरह की मुश्किल आई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 1000 वेज़ टू मेक 1000 डोलर्स सबसे पहले 1930 में छपी थी. ये एक क्लासिक बुक है जिसके प्रिंसिपल्स आज भी काफी रेलेवेंट है. फेमस ऑथर वारेन बुफे(Warren Buffet) अपनी एज में इसी बुक को पढकर इंस्पायर हुए थे. इसीलिए आज की जेनरेशन के लिए इसे फिर से अवलेबल कराया जा रहा है.

ये बुक किसे पढ़नी चाहिए ?

1) हर एक बिजनेस मैन ?

2) वो इंसान जो  Warren Buffett की फेवरेट किताब पढ़ना चाहता है ?

3) वो इंसान जो जानना चाहता है की बिज़नेस उतना भी मुश्किल नहीं है जितना हमें बताया जाताहै ?

इस बुक के ऑथर कौन है ?

F C Minaker एक अमेरिकन ऑथर है जिनकी बुक "1000 ways to make 1000 dollars " कोवारेनबुफेट ने बचपन में पढ़ा था और इतनी छोटी उम्र में उन्होंने पिंग –पांग मशीन का बिज़नेस खोल दिया 

---------- SUMMARY ----------

One Thousand Ways to Make $1000 Warren Buffet 

परिचय Introduction 

क्या आप भी $1000 डॉलर्स कमाने के 1000 तरीके जानना चाहते है? इस बुक summary में हम आपको अलग-अलग लोगो की कुछ ऐसी ही स्टोरीज़ बताने जा रहे है जो अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट करने में सक्सेसफुल रहे और आज एक हैप्पी लाइफ जी रहे है. इनमे से कुछ लोग तो ऐसे है जिनके पास पहले कोई जॉब नहीं था, और कुछ ने यंग एज में ही अपना काम स्टार्ट कर दिया था. हालाँकि इन लोगो को हर तरह की मुश्किल आई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 1000 वेज़ टू मेक 1000 डोलर्स सबसे पहले 1930 में छपी थी. ये एक क्लासिक बुक है जिसके प्रिंसिपल्स आज भी काफी रेलेवेंट है. फेमस ऑथर वारेन बुफे(Warren Buffet) अपनी एज में इसी बुक को पढकर इंस्पायर हुए थे. इसीलिए आज की जेनरेशन के लिए इसे फिर से अवलेबल कराया जा रहा है. 

हाउ टू स्टार्ट योर ओन बिजनेस (How to Start Your Own Business)

अपना खुद का बिजनेस आज ही स्टार्ट करे, इससे अच्छा मौका फिर नहीं मिलेगा. अगर आपको लगता है कि आपका प्रोडक्ट या सर्विस जो आप दे सकते है, वो लोगो को पसंद आएगी तो आज से ही अपने बिजनेस की शुरुवात करे. कल का वेट ना करे, और ना ही ये सोच कर टाइम वेस्ट करे कि अभी सिचुएशन ठीक नहीं है. क्योंकि जो आप अभी नहीं कर सकते वो कभी नहीं कर पायेंगे. लोगो को जो कहना है कहने दे. अगर आप उन मुश्किलों के बारे में सोच रहे है जो बिजनेस में फेस करनी पड़ेंगी तो आप कोई स्टेप ले ही नहीं पाओगे इसीलिए टेंशन छोडकर अभी से शुरुवात करो. बस आपके अंदर डीटरमिनेशंन (determination),एक ड्राइव होनी चाहिए जिसे लोग “गट्स” बोलते है. अगर आपके अंदर भी सक्सेसफुल होने की गट्स (guts) है तो आप कभी हार नहीं सकते,

बेशक शुरुवात में कुछ मुश्किलें फेस करनी पड़े. आपका गोल है सक्सेसफुल होना, पैसा कमाना ताकि आप एक बैटर लाइफ जिए. और ये सब पाने के लिए आप अभी से अपनी जर्नी स्टार्ट कर दो. शायद आप सोच रहे होंगे कि आपके पास बिजनेस में लगाने के लिए पैसा तो है ही नहीं. लेकिन उसका भी अरेंजमेंट हो सकता है. सबसे इम्पोर्टेंट चीज़ कि आप के अंदर वो विल पॉवर होनी ज़रूरी है. अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट करो और कल नहीं आज ही करो. गुस्तावुस स्विफ्ट “Gustavus Swift” की स्टोरी से आप इंस्पिरेशन ले सकते है, एक यंग मेन जिसे चलने फिरने की दिक्कत थी. वो एक छोटे से विलेज में रहता था. उसके पास पैसा नही था लेकिन उसके अंदर एक गट्स थी.

उसके विलेज के बाकी यंग बॉयज भी पैसे कमाने के कुछ करना चाहते थे लेकिन स्विफ्ट ने अपना टाइम सोचने में वेस्ट नहीं किया उसने शुरुवात की. उसे मीट की ड्रेसिंग आती थी तो उसने एक मीट का बड़ा सा पीस लिया और उसकी बढ़िया सी ड्रेसिंग कर दी. फिर वो मीलो दूर चलकर गया उस बढ़िया क्वालिटी के मीट को बेचने के लिए. उसे ये काम बुरा नहीं लग रहा था बल्कि उसे तो एक एडवंचरस टाइप का लग रहा था. फिर कुछ टाइम बाद ही वो शिकागो आ गया जहाँ उसने अपना स्विफ्ट पैकिंग बिजनेस स्टार्ट किया. और आज स्विफ्ट का नाम लीडिंग प्रोसेस्ड मीट ब्रांड्स में से एक है. आप के पास भी बहुत सारे बिजनेस आईडियाज होंगे, लेकिन उनमे से आपको कोई एक बढ़िया वाला चूज़ करना है.

जिसके बारे में आपको कोई नॉलेज हो. जैसे कि मिसेज स्नीड (Mrs. Snead ) ने अपना टोमेटो जूस का बिजनेस खोला. ये तब का बात है जब डिप्रेशन का दौर था, स्नीड फेमिली(Snead family) एवंस्टोन, इलेनॉइस (Evanston, Illinois) में रहती थी. मिस्टर स्नीड (Mr. Snead ) की जॉब चली गयी थी और अब पूरी फेमिली को सर्वाइव के लिए भी स्ट्रगल करना पड़ रहा था. उनके दो बेटे कॉलेज स्टूडेंट्स थे. एक दिन किसी फ्रेंड ने उन्हें फ्रेश टोमेटोज़ का एक बॉक्स भेजा तो मिसेज स्नीड (Mrs. Snead decided ) ने सोचा क्यों ना टोमेटो जूस बनाया जाए. उन्होंने उन फ्रेश और जूसी टोमेटोज़ का टेस्टी जूस निकाला और अपने नेबर्स (neighbours) को भी कुछ बोटेल्स भिजवा दी. उनका टोमेटो जूस लोगो को बड़ा पसंद आया.

मिसेज स्नीड को लगा कि ऐसा जूस तो वो बहुत बना सकती है. उन्होंने ये आईडिया अपने हजबैंड और दोनों बेटो को बताया. और इस तरह उन्होंने टोमेटो जूस का बिजनेस स्टार्ट कर दिया जिसका नाम रखा गया “मोर्निंग ग्लोरी” “Morning Glory” टोमेटो जूस. हालांकि मोर्निंग ग्लोरी मार्किट में मिलने वाले दुसरे ब्रांड्स से थोडा सा कॉस्टली था लेकिन फिर भी लोग इसे लेते थे क्योंकि एक तो ये टेस्टी था, दूसरा होममेड था. मोर्निंग ग्लोरी फ्रेश और बढ़िया क्वालिटी के टोमेटो से बनता था इसलिए इसकी क्वालिटी बैटर थी. उनका बिजनेस इतना चला कि सनीड्स को रेलरोड के साथ में एक प्लांट रेंट पे लेना पड़ा. उनके कस्टमर्स बढ़ते जा रहे थे ज्यादा जूस के लिए टोमेटोज की डिमांड थी. अब वे होटल्स और रेलरोड कंपनीज को भी सप्लाई करते थे.

फिर धीरे-धीरे मोर्निंग ग्लोरी ने बाकी फ़ूड प्रोडक्ट्स भी रखने शुरू कर दिए. और ये सब हुआ मिसेज स्नीड (Mrs. Snead) के आईडिया से जो उन्हें अपने किचेन में आया था.$1000 से क्यों बिजनेस स्टार्ट किया जाए ? क्योंकि ये अमाउंट रिजनेबल है जो आपको फोकस और मोटिवेशन देगा. ज़्यादातर लोग इसलिए फेल होते है क्योंकि उनके बिजनेस में टारगेट की कमी होती है. अमाउंट सेट करने से आपके पास एक क्लियर ऑब्जेक्टिव होगा. ओटो स्च्नेरिंग(Otto Schnering ) 21 की एज में ही खुद का बिजनेस स्टार्ट करना चाहता था. उसने $100 में एक कैंडी मेकिंग मशीन ली. उसे कैंडी बिजनेस में सक्सेस दिख रही थी. उसने कैंडीज का फर्स्ट बैच बनाया लेकिन उसकी कैंडीज नहीं बिकी. ओटो ने वही मिस्टेक की जो अक्सर बाकी बिजनेसमेन करते है.

अगर आप अपनी पसंद का प्रोडक्ट बनाओगे तो वो शायद ही बिके लेकिन अगर आप लोगो की पसंद का प्रोडक्ट बनाओगे तो ज़रूर बिकेगा. ओटो ने अपनी चॉइस की कैंडीज बनाई थी लेकिन उसने कस्टमर की चॉइस के बारे में नहीं सोचा. लेकिन ओटो अपनी मिस्टेक जल्दी समझ गया. उस टाइम तीन टाइप की बेस्ट सेलिंग कैंडीज थी जो लोगो को बड़ी पंसद थी और ये चोकलेट, पीनट और कैरेमल के टेस्ट में आती थी. ओटो को एक कैंडी बार के लिए परफेक्ट रेसिपी बनाने में तीन साल लगे. उसने तीनो बेस्ट सेलर टेस्ट एक ही कैंडी में डाल दिए थे. और इस तरह बेबी रूथ का जन्म हुआ. इस कैंडी बार में चोकलेट, पीनट और कैरेमल तीनो फ्लेवर थी और प्राइस भी बस फाइव सेंट पर बार.(five cents per bar). ओटो स्च्नेरिंग (Otto Schnering )ने बेबी रूथ नाम इसलिए रखा क्योंकि ये बोलने और याद करने में ईजी लग रहा था.

उसने $1000 लगाए थे लेकिन अब वो इससे कहीं ज्यादा कमा रहा था. मिसेज मैकडौगल (Mrs. MacDougall ) न्यू यॉर्क सिटी में रहने वाली एक विडो थी. अपने हसबैंड की मौत के बाद वो अकेले ही तीनो बच्चो को पाल रही थी. अपने घरेलु कामो के अलावा उसे एक ही काम आता था और वो था कॉफ़ी ब्लेंडिंग बिजनेस जो उनके हसबैंड चलाते थे. लेकिन मिसेज मैकडौगल के पास ज्यादा पैसा नहीं था इन्वेस्ट करने के लिए. उनके साथ जो बाकी के कॉफ़ी बिजनेस चलाने वाले थे, उन्हें लगता था कि वो 6 मंथ्स से ज्यादा नहीं टिक पायेगी लेकिन मिसेज मैकडौगल ने उन सबको रोंग प्रूव किया. उसने न्यू यॉर्क में 75 मिल्स तक का एरिया मैप किया और पर्सनली अपने बिजनेस के लिए मार्केटिंग की.

उसने होस्पिटल्स, क्लब्स और सेनीटोरियम्स में सप्लाई शुरू कर दी. सिर्फ 2 साल में ही मिसेज मैकडौगल ने $20,000 कमाए.उनके रेपुटेशन बढ़िया थी इसलिए ग्रैंड सेन्ट्रल टर्मिनल के पास उन्होंने खुद का एक कॉफ़ी शॉप खोल लिया. अपने मेनू में उन्होंने कॉफ़ी के साथ कुछ स्नैक्स भी एड कर दिए. आने वाले टाइम में मिसेज मैकडौगल ने न्यू यॉर्क सिटी में 6 और कॉफ़ी शॉप्स खोली. जब वे 65 की थी तो ग्रेट डिप्रेशन का टाइम था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. मिसेज मैकडौगल ने इसी टाइम 3 और शॉप्स खोली. कोई और लेडी होती तो ऐसे मुश्किल टाइम में हार मान लेती लेकिन मिसेज मैकडौगल ने कभी हार नहीं मानी. उनके अंदर अपनी स्कसेस को लेकर बड़ा गट्स था.  

सेलिंग एज अ बिजनेस (Selling as a Business) 

एक सेल्स एजेंट होने के कई एडवांटेजेस होते है. कस्टमर्स की गुडविल और ट्रस्ट ही आपकी रियल कैपिटल है. सेल्स पर्सन को रेज़ का वेट नहीं करना पड़ता वो जितना चाहे उतना कमा सकता है. और ना ही उसे सारा दिन ऑफिस में बैठना पड़ता है. सेलिंग करना मज़ेदार काम है. आप कितने सारे नए लोगो से मिलते है. कई सारे सक्सेसफुल और इन्फ्लुएंशनल लोग आपको जानते है और आप उन्हें. आप किसी के अंडर में नहीं बल्कि अपनी मर्ज़ी से इंडिपेंडेंट होके काम करते है. जब तक कस्टमर्स से आपके अच्छे रिलेशन है, आप पैसा कमाते रहेंगे. सेल्स एजेंट एक तरह से लोगो को एजुकेट करते है. आप घर, वाशिंग मशीन,वैक्यूम क्लीनर या जो कुछ भी लेते है, एक सेल्स एजेंट ही आपको प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए मोटिवेट करता है.

मतलब ये कि सेल्स एजेंट्स लोगो की लाइफ में हैप्पीनेस और सेटिसफेक्शन लाते है. लूसिले अन्थोनी(Lucile Anthony) एक सिंगल पेरेंट है. उसका हजबैंड उससे अलग रहता है इसलिए उनके 6 मन्थ के बेबी को पालने की रिस्पोंसेबिलीटी अब उसके ऊपर है. उसने सिल्क स्टोकिंग्स बेचने का काम शुरू किया. एक मेनूफेक्चरर (manufacturer) ने लूसिले को हायर किया कि वो घर-घर जाकर स्टोकिंग्स बेचे. उसे 6 डिफरेंट कलर्स के सैम्पल दिए गये. वो पहले अपनी फ्रेंड्स के पास गयी. लूसिले को स्टोकिंग्स पहनना पसंद था, उसने अपने फ्रेंड्स को भी ये स्टोकिंग्स लेने के लिए बोला. जितनी औरतो को वो जानती थी, लूसिले ने सबको अप्रोच किया यहाँ तक कि स्ट्रेंजर्स को भी.

लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. वो जिनके भी घर जाती यही जवाब मिलता,” आज नहीं, आई एम् बीजी, आई हेव नो मनी, कम बैक नेक्स्ट वीक. तो लूसिले उनसे बोलती” मुझे पता है आप बहुत बीजी है मिसेज स्मिथ, लेकिन मै ज्यादा टाइम नहीं लुंगी, क्या मै अंदर आ सकती हूँ?” लूसिले तब तक कोशिश करती जब तक कि लोग उसे घर के अंदर नहीं बुला लेते थे. और जैसे ही वो अंदर घुसती सैंपल्स दिखाने शुरू कर देती. उसका एनथूयाज्म (enthusiasm ) ऐसा था कि औरते उससे सिल्क स्टोकिंग्स लेने के लिए मजबूर हो जाती. एक बार तो उसने यूनिवरसिटी ओर शिकागो में कोम्मेंसमेंट एक्सरसाइज़(commencement exercises) से पहले दो सोरोटी हाउसेस को कॉल किया, जहाँ उसने दो ग्रुप में डेमो दिया.

उसे तुरंत ही 56 जोड़ी के ऑर्डर्स मिल गए. उसकी सेल इनक्रीज हो रही थी और सिल्क स्टॉकिंग कंपनी से उसे काफी अच्छा-खासा  कमिशन भी मिलता था. कस्टमर चाहे लाख मना करे लेकिन लूसिले को कोई फर्क नही पड़ता था. उसे बेचने का पैशन था. क्योंकि वो अपने प्रोडक्ट के बारे में अच्छे से जानती थी इसलिए उसे पता था कि लोगो को कैसे परसुयेड( persuade) करना है. ऐसा नही था कि हर कोई उसका प्रोडक्ट लेता था, उसे कई बार रिजेक्शन भी फेस करना पड़ा फिर भी लूसिले कभी पीछे नहीं हटी. ज्योर्ज कौनराड (George Conrad) की स्टोरी भी कुछ ऐसी ही है. वो भी कभी हार नहीं मनाता था. वो स्लाईसिंग मशीन्स का सेल्स एजेंट था. अपना प्रोडक्ट बेचने वो ग्रोसरीज़, रेस्तरोरेंट्स और मीट स्टोर्स में जाया करता.

ज्योर्ज शॉप में घुसता और शॉपकीपर को स्लाइसिंग मशीन की एक कलरफुल इमेज दिखाकर पूछता “ कैसा लगा आपको” तो शॉप कीपर का जवाब होता “अच्छा है, लेकिन मै इतनी एक्सपेंसिव स्लाईसिंग मशीन नहीं ले सकता”” तो ज्योर्ज अपनी कार से असली मशीन लेकर दूकान के काउंटर पे रख के बोलता” ये कम रेट वाला स्लाइसर है लेकिन देखने में एक्सपेंसिव लगता है. आप एक स्लाइसर का कैश में कितना प्राइस दे सकते हो”? तो दूकान वाला बोलता” आजकल बिजनेस स्लो चल रहा है तो मै $10 से ज्यादा नही दे पाउँगा”. ज्योर्ज थोड़ी ना नकुर करकेस्लाइसर का रियेल प्राइस बता देता. “वेल,अगर आप इतना अफोर्ड कर सकते है तो पैसे निकालो, वैसे ये स्लाइसर आपको सिर्फ $7.50 में पड़ेगा.” शॉप ओनर्स हैरान रह जाते,

स्लाइसर का एक्चुअल रेट को उनकी एक्सपेक्टेशन से कम निकला. इस तरह एक वीक में ज्योर्ज की 40 के अराउंड स्लाईसिंग मशीन बिक जाती थी. क्योंकि वो अपने प्रोडक्ट का बढ़िया डेमो देता और लो प्राइस होने के बावजूद उसकी मल्टीपल बेनेफिट्स गिना देता. डेमोनस्ट्रेशन(Demonstrations) और सैम्पल्स हर सेल्स एजेंट का एस्सेट (asset) होते है. डवीट रिची(Dwight Ritchie ) ने अपने मेंडिंग फ्लूइड डेमोज से खूब पैसा कमाया. नहीं, मुझे कुछ नहीं चाहिए” लोग उसे मना कर देते थे. लेकिन डवीट (Dwight) बोलता” कोई बात नहीं, मै बस आपको फेब्रिक रीपेयर करने का एक डेमो दिखा रहा हूँ’.

डवीट (Dwight )हमेशा अपने साथ कुछ सैंपल फेब्रिक ले के चलता था जिसे वो अपने प्रोडक्ट से रिपेयर करके दिखाता” अगर आपके सिल्क स्टोकिंग से कोई धागा निकल जाये तो बस थोडा सा मेंडिंग फ्लूइड लेकर टच कर दो, इससे आप बड़ी जल्दी और आसानी से रिपेयर कर सकते है”. अपने डेमो के बाद वो कस्टमर को मेंडिंग फ्लूइड हाथ में पकड़ा देता. ‘आप दो ट्यूब्स लेंगे या तीन? प्राइस है 25 सेंट्स” और इस तरह वो अर्ली मोर्निग से शाम तक डोर टू डोर सेलिंग करता. डवीट (Dwight) ने प्रूव् कर दिया था कि अगर पैसा कमाने का शौक हो तो घर से निकल के हार्ड वर्क तो करना ही पड़ेगा. अगर आप फ्रेंक डीप्रिएस (Frank DePries) से पूछे कि 1000 डॉलर्स कैसे कमाए जाते है तो वो तुरंत बोलेगा” फायर एस्टिंगुशर्स(Fire Extinguishers) बेच कर”. फ्रेंक ने अपने फर्स्ट $1000 सिर्फ 6 वीक्स में कमाए. हालाँकि ये उतना भी ईजी जॉब नहीं था.

उसने ढेर सारे सेल्स कॉल्स किये लेकिन फर्स्ट मन्थ में उसे एक भी ऑर्डर नहीं मिल पाया. फिर उसे रियेलाईज किया कि गलत लोगो को ट्राई कर रहा है. वो उन लोगो को कॉल करता था जिन्हें फायर एस्टिंगुशर (fire extinguisher) की कोई ज़रूरत ही नहीं थी. तो फ्रेंक ने अपनी फोन डायरेक्टरी को केयरफूली चेक किया. उसमे से उसने कुछ कंपनीज चूज़ की जहाँ उसका प्रोडक्ट काम आ सकता था. कुल मिलाकर एक डिस्ट्रिक्ट में 27 फर्म्स थी. फ्रेंक अपना टाइम और एनेर्जी बचाने के लिए एक रूट प्लान किया ताकि वो सबको विजिट करता चले. फिर क्या था उसका काम बन गया और अब वो डेली के 12 फायर एस्टिंगुशर्स बेचता है. उसने एक स्माल फैक्ट्री के लिए 10 यूनिट्स रखे है, और अब उसका टारगेट है वेयरहाउसेस, बड़ी फैक्टरीज और गैराज़ जिससे उसका वीकली कमीशन $300 के करीब बनता है. 

मेकिंग थिंग्स टू सेल (Making Things to Sell)

जेर्मनी में एक विलेज था जहाँ एक टाइम में एक्सीलेंट वुड कार्विंग (wood carving) का काम होता था. इस विलेज के लोग रिलीजियस स्टेच्यूज़ वनाने में एक्सपर्ट थे और उनकी बनाई हुई चीज़े हाई क्वालिटी और बड़ी आर्टिस्टिक मानी जाती थी. अगर विलेज में एक या दो आर्टिस्ट होते तो माना जा सकता था कि उनके पास नेचुरल टेलेंट है लेकिन वहां तो पूरा विलेज ही आर्टिस्ट से भरा था. जिसको देखो वही वुड कार्विंग में एक्सपर्ट है, तो यही प्रूव हुआ ना कि इंसान चाहे तो कोई भी स्किल लर्न कर सकता है. अगर आपमें कोई टेलेंट है तो आपकी प्रैक्टिस से उसे और निखारना होगा. “जीनियस इज 10% इन्स्पीरेशन एंड 90% पर्स्पीरेशंन” (“Genius is 10% inspiration and 90% perspiration.”) अक्सर फेमस राइटर्स, म्यूज़िशियन्स या एथलीट्स से लोग जलते है. क्योंकि ये लोग बोर्न टेलेंटेड होते है.

लेकिन लोगो को ये नहीं पता होता कि उनकी घंटो की मेहनत और प्रैक्टिस से उन्होंने अपने टेलेंट को और निखारा है और इस लेवल तक पहुंचे है. ज़रा अपने फेवरेट ऑथर के बारे में सोचो. राइटिंग के लिए अपने पैसन की वजह से ही वे लोग इस मुकाम तक पहुंचे है. एक परफेक्ट स्टाइल के लिए उन्होंने ना जाने कितनी मेहनत की होगी और दिन-रात प्रैक्टिस करके ही उन्होंने बेस्ट सेलिंग बुक्स लिखी होगी. हर एक्सपर्ट आर्टिस्ट कभी एक बिगेंनर रहा होगा. कोई भी रायटर फर्स्ट ट्राई में ही राइटर नही बन जाता. अगर आप भी एक एंटप्रेन्योर बनना चाहते हो तो कहीं ना कहीं से आपको शुरुवात करनी पड़ेगी. फेल हो भी गए तो क्या ? हार मत मानो, फिर से ट्राई करो. आप तभी सक्सीड होंगे जब आप अपने ट्रेक पे रहेंगे.

ऐसा क्या है जो आप करना चाहते हो? हो सकता है कि यही आपका फ्यूचर बिजनेस बन जाए. शायद आपने अपनी ज़रूरतों की वजह से कोई करियर चूज़ किया हो लेकिन आपकी हॉबी कुछ और हो. तो अगर आपकी हॉबी आपका बिजनेस बन जाए तो इससे बढ़िया बात और क्या हो सकती है? जहाँ आप रहते है वहां कम्यूनिटी कैसी है? क्या उसमे काफी बच्चे है? क्या आपकी सोसाइटी के लोग अपार्टमेंट्स में रहते है? आप एक फिशिंग विलेज में रहते है या क्राऊडेड सिटी में? आपको कोई ना कोई ऐसा प्रोडक्ट तो मिल ही जाएगा जो आप अपनी कम्यूनिटी में बेच सके. अगर आपके पास बेचने के लिए कुछ है तो सबको बताओ. घर से निकलो और अपना प्रोडक्ट बेचो. बिली बी. ने भी कुछ ऐसा ही किया. वो एक कॉमेडियन था जो एक सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर(entrepreneur) बना. 

बिली एक थियटर में कॉमेडियन था लेकिन फिर उसे जॉब छोडनी पड़ी क्योंकि उसे टीबी की बिमारी हो गयी थी. उसके पास इतना पैसा भी नहीं था कि वो अपना ट्रीटमेंट करवा सके. तो उसके कुछ कलीग्स और फ्रेंड्स ने मिलकर उसकी हेल्प की. दो सालो तक वो न्यू हम्पशायर (New Hampshire) के पाइन फारेस्ट में रहा जहाँ पे उसे ये बिजनेस आईडिया आया. बिली को पाइन ट्रीज़ की स्मेल बड़ी पसंद थी. उसे आईडिया आया कि क्यों ना इसका बिजनेस किया जाए. आखिर जो लोग पाइन ट्री की स्मेल पसंद करते है, उनमे से कई लोग पैसे या टाइम ना होने की वजह से फारेस्ट में जाकर फ्रेश पाइन की स्मेल नहीं ले पाते है. तो बिली को आईडिया आया क्यों ना पाइन ट्री सोप (pine tree soap) बनाके बेचा जाए.

उसने एक सोप मेकर ढूँढा जो उसके लिए ये सोप बना सकता था. लेकिन सेलिंग का काम बिली को खुद करना था. बिली ये सोचकर हंस पड़ा, वो पूरी लाइफ एक कॉमेडियन रहा था उसने आज तक एक भी चीज नहीं बेचीं थी. लेकिन तभी उसे फील हुआ कि वो सारी लाइफ सेलिंग ही तो करता रहा, हर रात वो अपने जोक्स और एक्ट्स ऑडीएंश को बेचता आया था. उसने सोप अपनी पोकेट्स में भर लिए और बेचने निकल पड़ा. लेकिन उसके रास्ते में कई चैलेज थे. ड्रग स्टोर वाले ने उसका सोप लेने से मना कर दिया और एडवरटाईजिंग के लिए बिली के पास पैसा नहीं था. तो बिली को एक और आईडिया आया. वो अक्सर होटल्स में अपने शो किया करता था इस वजह से उसे कंट्री के ऑलमोस्ट सारे होटल मैनेजर्स जानते थे.

एक होटल ने उसे ट्रायल आर्डर की परमिशन(permitted) दे दी. बिली ने अपने सोप्स बढ़िया तरीके से पैक किये और उन पर एक स्टीकर लगा दिया जिसमे लिखा था” दिस सोप विल कीप एव्रीथिंग क्लीन बट योर कान्शेस” (“This soap will keep everything clean but your conscience”) नेक्स्ट डे उसे एक गेस्ट से एक नोट मिला जिसमे लिखा था“डियर बिली, आई लाइक योर सोप, सेंड में सिक्स केक्स, हियर इज योर डॉलर” (Dear Billy, I like your soap. Send me six cakes. Here’s your dollar.) बिली की कमाई शुरू हो गयी थी, बाकी गेस्ट से भी उसे और ऑर्डर मिले रहे थे. आपकी बीमारी या जॉब छूट जाने का मतलब ये नहीं कि अब आप सक्सेसफुल नहीं हो सकते. बिली ने अपना करियर सक्सेसफूली शिफ्ट किया. उसने प्रूव कर दिया कि एक कॉमेडियन भी एंटप्रेन्योर बन सकता है. और एक हॉउसवाइफ या विडो भी. मिसेज स्मिल्थ विडो थी जो ब्रूकलीन (Brooklyn.) में रहती थी.

उनका एक ही शौक था, बेकिंग करना. एक दिन सुबह अपने लिए ब्रेड बेक करते टाइम उन्हें खुद का” फ़ूड स्पेशिएलिटी बिजनेस” स्टार्ट करने का आईडिया आया. उसने कॉफ़ी शॉप्स और टी रूम्स में जाकर अपने प्रोडक्ट्स बेचने शुरू किये. उसे कॉफ़ी केक, नट ब्रेड और डॉनट के लिए ऑर्डर मिले. एक टी रूम तो उनसे डेली पाई और रोल्स आर्डर करता था. एक दिन, मिसेज स्मिथ ने अपने बेटे को एक टूरिस्ट कैंप में भेजा. उनका बेटा अपनी साइकल में एक कुकीज़, पाई और काफी केक से भरी एक बास्केट लेकर गया. जॉनी ने सारा सामना बड़ी ईजिली बेच दिया था और उसे काफी सारे ऑर्डर्स भी मिले थे. उसने घर आकर ये बात मिसेज स्मिथ को बताई, फिर तो पूरे समर दोनों टूरिस्ट कैंप में बेकिंग प्रोडक्ट्स डिलीवर करते रहे.

जब विंटर सीजन आया तो मिसेज स्मिथ को एक और अपोरच्यूनिटी मिली. उसने पार्टी सीजन के लिए चीज़े बेक करनी शुरू कर दी. उसे हेलोवीन पार्टी के लिए ढेर सारे ऑर्डर्स मिले. पार्टी ओर्गेनाइजर्स जानते थे कि मिसेज स्मिथ पूरे टाउन में सबसे बेस्ट डॉनट्स बेक करती है इसीलिए सारे आर्डर उन्ही को दिए गए. मिसेज स्मिथ की सक्सेस का सीक्रेट यही था कि उनके प्रोडक्ट्स इतने टेस्टी होते थे कि लोग दुबारा लेंने आते थे. पार्टीज़, होलीडे या संडे नाईट डिनर में उनके बेक्ड आइटम्स की बड़ी डिमांड थी., मिसेज स्मिथ को बेकिंग से प्यार था और यही उनकी सोर्स ऑफ़ इनकम भी बन गया था. इससे बैटर और क्या हो सकता था. मिसेज नेप (Mrs Knapp) अपनी प्रेस्ड चिकेन रेसिपी के लिए फेमस थी. उनकी फेमिली का मिशिगन में एक पोल्ट्री फ़ार्म था.

स्पेंट हेन खाने में बड़ी हार्ड होती है और ब्रीडिंग सीजन के बाद मिसेज नेप (Mrs. Knapp ) ओल्ड चिकेन्स को अपने प्रेशर कूकर में 40 मिनट तक पकाती थी. इससे कूकिंग का टाइम शोर्ट होता ही था साथ ही चिकेन भी टेस्टी बनता था. फिर वो चिकेन को क्रोस सेक्शन में काटती थी, उसमे सीजनिंग और चिकेन स्टोक डालती थी. कोई स्पेशल आर्डर मिलता तो मिसेज नेप (Mrs. Knapp ) उसमे ओलिव्स, स्लाइसड वेजीटेबल्स और हार्ड बोइल्ड एग्स भी डाल देती थी. वो एक ओल्ड कहावत है ना” इफ लाइफ गिव्स यू लेमंस, यू शुड मेक सम लेमनेड” लेकिन मिसेज नेप (Mrs. Knapp) के लिए ये कहावत कुछ ऐसी थी” इफ यू हेव हंड्रेडस ऑफ़ स्पेंट हेंस, यू शुड मेक टेस्टी प्रेस्ड चिकेन्स” ( if you have hundreds of spent hens, you should make tasty pressed chicken) 

रेजिंग थिंग्स टू सेल (Raising Things to Sell)  

अगर आपको किसी फार्म या फिशरी में बिजनेस करने का मौका मिले तो? क्या आपके इलाके में फ्रूट या वेजिटेबल्सग्रो होते है ? या फिर आपको हर्ब या फ्लावर्स उगाने का शौक हो? वैसे आप चीज़े उगा कर बहुत पैसा कमा सकते है. अब जैसे होवार्ड और बिल की स्टोरी ही ले लो. होवार्ड व्हिटली (Howard Whitely) एक मैप प्रिंटिंग कंपनी में जॉब करता था. उसे अच्छा पैसा मिलता था और बैंक में भी उसकी कुछ सेविंग थी. लेकिन फिर एक दिन डॉक्टर ने उसे उसकी हेल्थ कंडिशन के बारे में बताया तो होवार्ड को जॉब छोडनी पड़ी. डॉक्टर ने उसे ज्यादा से ज्यादा धुप में रहने को बोला था. होवार्ड ने अपनी सेविंग्स से इंडियानापोलिस में एक 15 एकर फ़ार्म लेने का मन बनाया.

इससे पहले जो ओनर था वो इस फार्म में वेजिटेबल्स ग्रो करता था लेकिन होवार्ड को चिकेन्स पालने का आईडिया आया. लेकिन प्रोब्लम ये थी कि उसे पोल्ट्री फार्म बिजनेस के बारे में कोई नॉलेज नहीं थी इसलिए उसने एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की बुलेटिन्स पढनी शुरू की, वो अपने फार्म के पास वाले पौल्ट्री फ़ार्म भी गया. वो इस काम के बारे में और नॉलेज हासिल करना चाहता था. उस पौल्ट्री फार्म में उसने देखा कि वहां का ओनर अपने चिक्न्स की ज्यदा केयर नहीं करता था, उन्हें प्रॉपर खाने को नहीं देता था और ना ही साफ़ सफाई का ध्यान रखता था.

इसलिए उस फार्म के चिकेन्स बड़े वीक और गंदे रहते थे. और उस फार्म के ओनर को चिकेन्स बेचने के बारे में कोई खास नॉलेज नहीं थी. उसने होवार्ड को बोला”और जैसे कि तुम बुक और मैगेजीन पड़कर चिकेन्स पालना सीख जाओगे?’. सच बात तो ये थी कि उस फार्मर को पौल्ट्री मैगजींस और गवर्नमेंट बुलेटिन्स वेस्टेज ऑफ़ टाइम लगता था. लेकिन होवार्ड को ऐसा नहीं लगता था, पोल्ट्री फ़ार्म जाकर उसे पता चल गया था कि वो अपने खुद के फ़ार्म में क्या चीज़ नहीं करेगा. होवार्ड ने मैगजींस में पढ़ा था कि पोल्ट्री फ़ार्म में हमेशा सफाई रखनी चाहिए ताकि चिकेन्स बीमार ना पड़े.

उसने एक सेकंड हैण्ड ब्रूडर और इनक्यूबेटर लिया, फिर उसने अपने फर्स्ट इन्वेस्टमेंट किया, फार्म के लिए 10 डोज़न एग्स खरीदकर. होवार्ड ने उनमे से हाफ एग्स ब्रीडिंग के लिए रखे, और बाकी के हाफ मार्किट में बेचने के लिए. इस दौरान वो गवर्नमेंट बुलेटिन्स भी बराबर पढता रहा. उसे फील हो रहा थे कि उसे ये काम वाकई में पसंद है. अपना प्रोडक्ट मार्किट करने के बारे में उसने काफी सोचा, उसे तीन रेस्तरोरेंट्स और दो होटल्स के ऑर्डर्स मिल गए

थे. कस्टमर्स को उसके फ़ार्म के प्ल्म्प और मिल्क फेड चिकेन्स बड़े पसंद थे. उसे अब एक के बाद एक ऑर्डर्स मिलने लगे थे. उसकी वाईफ चिकेन मीट पैकिंग में उसकी हेल्प करती थी. हर एक चिकेन को बड़ी केयरफूली पैक किया जाता था ताकि फ्रेशनेस मेंटेन रहे. होवार्ड के प्रोडक्ट्स स्टोर के बाकी प्रोडक्ट्स से एक्सपेंसिव होते थे फिर भी डिमांड में थे. कस्टमर्स जानते थे कि उन्हें हाई प्राइस में सुपीरियर क्वालिटी मिल रही है. होवार्ड को अब रेस्तरोरेंट्स, होटल्स और कंट्री क्लब से रेगुलर ऑर्डर्स मिलने शुरू हो गए. 

होवार्ड की तरह बिल क्लेबर (Bill Klaiber) ने भी बुक्स पढके बिजनेस स्टार्ट किया. बिल एक पेंट फैक्टरी में रेगुलर जॉब करता था लेकिन उसकी एक इंट्रेस्टिंग हॉबी भी थी, ट्रोपिकल फिश पालने की. उसने इस सब्जेक्ट में ऑलमोस्ट हर बुक पढ़ रखी थी यहाँ तक कि अपनी नॉलेज बढाने के लिए उसने कई सारी एक्सपेंसिव बुक्स भी खरीदी. इन बुक्स से जो कुछ उसने अब तक सिखा था उससे उसके पास ट्रोपिकल फिश का अच्छा-ख़ासा कलेक्शन हो गया था. उसे जब बिजनेस का आईडिया आया तो अपने ब्यूटीफुल फिश कलेक्शन के लिए एक मार्किट ढूंढी. उसके बिजनेस का नाम था के’स एक्वेरियम (Kay’s Aquarium) जिसमे से सबसे ज्यादा बिकती थी, द बेटास (the Bettas ) या फाइटिंग फिश (Fighting Fish) जो कलरफुल लॉन्ग फिन्स और टेल्स वाली फिश होती है, वैसे ये फिश इसलिए भी स्पेशल है क्योंकि इन्हें गैंबलिंग के लिए यूज़ किया जाता है.

लेकिन उन्हें सेपरेट टैंक में रखा जाता है क्योंकि मेल फिश एक दुसरे को मार डालती है. एक ही टैंक में रखने पर ये आपस में फाइट करती है लेकिन अपने मेट्स और एग्स के लिए काफी प्रोटेक्टिव भी होती है. बिल के पास फाइटिंग फिश की बहुत सी बुक्स थी. उसे कई सारे कस्टमर्स मिल रहे थे, वो सैन फ्रांसिस्को में रहता था लेकिन टेक्सास, मिडवेस्ट और कैनेडा से उसे मेल के थ्रू बेट्टा फिश (Bettas ) के आर्डर मिल रहे थे. एक ऐसा भी टाइम आया जब उसका प्रॉफिट उसकी सेलेरी से भी ज्यादा हो गया था. लोवा(Iowa)के ज्योर्ज जेस्सुप (George Jessup) ने भी अपना साइड लाइन एक बूमिंग बिजनेस में टर्न किया. उसने बी यानी मधुमक्खी पालने का बिजनेस किया. अपने इन नन्हे हनी मेकिंग फ्रेंड्स की हेल्प से ज्योर्ज के सारे हाउसहोल्ड एक्सपेंसेस मज़े से चल रहे थे.

उसने पहले सिर्फ एक बी कालोनी से स्टार्ट किया. उसने उनके लिए एक बड़ा सा बीहाइव बनाया ताकि उन्हें ब्रीडिंग के लिए लार्ज स्पेस मिल सके. उसने क्वीन बी की एफिसियेंशी के लिए एक लार्ज होनी काम्ब भी लगाया. हनी बीज और इक्विपमेंट(equipment) वगैरह खरीदने में $20 और $5 हनी प्रोसेसिंग में खर्च हुए. बी कॉलोनी में एक साल में 100 पाउंड हनी प्रोड्यूस हुआ. ज्योर्ज ने हनी को 5 पाउंड के कंटेनर्स में रखा. विंटर में हनी बीज की ब्रीडिंग हुई जिससे ज्योर्ज को कॉलोनी डिवाइड करके एक और बी हाइव लगाना पड़ा. सेकंड वाले बी हाइव से भी 100 पाउंड हनी मिला. कुछ ही टाइम में ज्योर्ज के पास 10 बी कॉलोनी हो गयी थी. वो अपना हनी व्होलसेलर्स और रिटेलर्स को बेचता था. एक 5 पाउंड कंटेनर का उसे 45 सेंट्स मिलता था.

हालाँकि उसके पास अब 10 कॉलोनीज थी लेकिन उसे उनकी ज्यादा देखभाल नहीं करनी पड़ती थी. क्योंकि हनी बीज को ज्यादा केयर करने की ज़रूरत नहीं होती, वे अपना काम करती रहती है. ज्योर्ज के हिसाब से हनी बीज को आप कहीं भी रख सकते है जहाँ एक आउटसाइड विंडो हो. आप चाहे तो अपने एटिक में या बार्न, गैराज या फिर सेलर में भी हाइव बना सकते है. लेकिन ध्यान रहे कि आपके बी हाइव में एक अच्छी क्वीन बी हो और फिर ये बीज आपके लिए हमेशा हनी बनाती रहेंगी. इसी तरह मशरूम ग्रो करना भी काफी ईजी है. लेज़ लेविन(Laz Lewin ) ने भी मशरूम उगाकर काफी पैसे कमाए. उसने कुछ मशरूम सैंपलिंग लाये और अपने सेलर में प्लांट कर दिए. उसके पास अब 100 फीट का मशरूम बेड साइज़ है.

जब वो मशरूम के स्पानस (spawns) खरीद का लाया तो ये देखने में वाइट (white threads) जैसे लग रहे थे. लेज(Laz ) ने बड़े केयरफूली उन्हें एक 10x10 के स्पेस में प्लांट किया. फाइव वीक बाद लेज़(Laz ) ने जब सेलर चेक किया तो वहां बेबी मशरूम उगे हुए थे. और अमेजिंग बात ये थी कि उसके नेस्क्ट डे ही मशरूम 10 टाइम्स बड़े हो गए थे. लेज़(Laz ) ने मशरूम तोड़े और उन्हें मार्किट में 45 सेंट्स पर पाउंड के हिसाब से बेच दिया. उसने टोटल $110 कमाए. लेज़(Laz) ने और पैसा इन्वेस्ट किया और जल्द ही उसके पास एक 1000 स्क्वायर फीट का मशरूम बेड रेडी हो गया. उसे इस बिजनेस से सिर्फ प्रॉफिट ही प्रॉफिट हो रहा था, उसे कोई रेंट नहीं देना था, कोई इक्विपमेंट की ज़रूरत नहीं थी और ना ही मार्केटिंग का खर्च था. लेज़(Laz) अपने ये सेलर मशरूम्स लोकल स्टोर्स, कैफे और रेस्तरोरेंट्स में बेचता था. 

स्टार्टिंग अ रोडसाइड बिजनेस (Starting a Roadside Business)

हो सकता है कि आप किसी बीजी रोड के पास रहते हो. तो आप आने-जाने वाली गाड़ियों और टूरिस्ट्स को अपना प्रोडक्ट बेच सकते है. रोड साइड पे अक्सर फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, एग्स, पौल्ट्री आइटम. हैंमबर्गर, हॉट डॉग्स, बारबेक्यूज़, कोल्ड ड्रिंक्स जैसे आइटम बिकते है. इसके अलावा आप ऐसे प्रोडक्ट भी सेल कर सकते है जो रोड की लोकेशन के हिसाब से आइडियल हो. या फिर रोड अगर किसी बीच, बेसबाल स्टेडियम, गोल्फ कोर्स या किसी माउंटेन या फारेस्ट की तरफ जा रही हो तो उस के अकोर्डिंग आप प्रोडक्ट बेच सकते है. 77 साल की एक लेडी एला गेस्टोन (Ella Gaston) ओजार्क फिशिंग कंट्री (the Ozark fishing country) के पास रहती थी.

उसका घर हाईवे के पास था जहाँ से कई सारे फिशरमेन गुजरते थे. मिसेज गेस्टोन (Mrs. Gaston ) एक विडो थी, और अक्सर बीमार रहती थी. और मिसेज गेस्टोंन ( Mrs. Gaston) अर्निंग का भी कोई सोर्स नहीं था तो एक दिन उसे आईडिया आया कि क्यों ना रोडसाईंड पे फिश बेट बेचीं जाए. फिर क्या था मिसेज गेस्टोन (Mrs. Gaston )एक क्रीक में गयी और कुछ बेट्स कलेक्ट किये. उसने सारे वोर्म्स अपनी बकेट, बोक्स और कैटेल में भर लिए. उसकी फ्रेंड ने उसकी हेल्प की और दोनों ने मिलाकर एक रोडसाइड स्टैंड खड़ा किया. उसने वहां पे एक बड़ा सा साइन बोर्ड भी लगाया जिसपे लिखा था “फिश बेट्स फॉर सेल” (“Fish Baits for Sale”.  

और इस तरह मिसेज गेस्टोंन का आईडिया काम कर गया. वहाँ से जाने वाली गाड़ियाँ उनके स्टैंड पे रूकती और फिशरमेन उनसे वोर्म्स खरीदते. धीरे-धीरे इतना प्रॉफिट होने लगा कि मिसेज गेस्टोन को कुछ हेल्पर बॉयज भी रखने पड़े. मिसेज गेस्टोंन (Mrs. Gaston )10 सेंट्स पर डोज़न के हिसाब से वोर्म्स बेचती थी. कई बार तो उनके 1,000 डोजंस वोर्म्स एक ही दिन में बिक जाते थे. मिसेज गेस्टोन (Mrs. Gaston) ने रियेलाइज किया कि अब तक उन्होंने वन मिलियन के करीब वोर्म्स तो बेच ही दिए होंगे! उन्होंने अपना सारा उधार चूका दिया और खुद को अपने दम पे सपोर्ट कर रही थी.

और उन्हें ये बिजनेस बड़ा इंट्रेस्टिंग भी लग रहा था जिससे उनकी हेल्थ भी इम्प्रूव हों रही थी. अक्सर ड्राइवर्स को रोड पे जो चीज़ सबसे ज्यादा चाहिए होती है, वो है स्पेयर टायर्स. शिकागो से मिशिगन जाते हुए जेम्स मोव्री (James Mowry) की गाड़ी के फ्रंट टायर बर्स्ट हो गए थे. उसने फ्लेट टायर्स रिप्लेस करके पुराने वाले वही झाड़ी में फेंक दिए. मिशिगन में जेम्स सेकंड हैण्ड टायर्स ढूढ रहा था जो उसे $5 में मिले लेकिन उनकी क्वालिटी उन टायर से भी गयी गुजरी थी जिन्हें वो फेंक आया था. यही से जेम्स को एक बिजनेस आईडिया आया.

उसने सेकंड हैण्ड और लो प्राइस टायर वाला एक सर्विस स्टेशन खोलने का फैसला किया. उसने रोडसाइड में गेसोलीन स्टेशन के पास एक जगह रेंट पे ले ली और 50 बढ़िया कंडिशन वाले रिबिल्ट टायर खरीद लिए. फिर उसने एक रोडसाईंन सेट अप कर दिया. टायर्स $2.25 एंड अप---300फीट अवे” (“Tires $2.25 and up—300 feet away”). स्टैंड के सामने उसने एक बड़ा सा साइनबोर्ड लगाया “होम ऑफ़ जिम्मी’स गारंटीड टायर्स---$2.25 एंड अप” (Home of Jimmy’s Guaranteed Tires—$2.25 and up”). सिर्फ 2 दिन में ही उसके सारे टायर्स बिक गए. और प्रॉफिट हुआ टोटल $52 का. 

स्टोरकीपिंग एज अ बिजनेस (Storekeeping as a Business) 

बेशक आपकी सिटी में कई टाइप के स्टोर्स होंगे. लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा कि उनमे से कुछ बंद या फिर रीप्लेस हो गए होंगे ? आपकी स्ट्रीट में कौन सा स्टोर सबसे ज्यादा चलता है? किसमें सबसे ज्यादा कस्टमर्स आते है और क्या सबसे ज्यादा बिकता है? लोग सोचते है कि स्टोर क्लोज़ हो गया तो ज़रूर इसके पीछे बेड लोकेशन है या फिर सही इंवेस्टमेंट नहीं किया होगा या मैंनेजमेंट ठीक नहीं होगा. लेकिन डीप एनालाइज करेंगे तो पता चलेगा कि स्टोर इसलिए नहीं चलते क्योंकि उनकी सर्विस या प्रोडक्ट कम्यूनिटी के हिसाब से नहीं होते. हो सकता है कि आपके शहर में कई सारे फ़ूड स्टोर हो या ड्रग स्टोर हो या फिर हार्ड वेयर्स और फर्नीचर शॉप्स हो. या उनमे से कोई किसी बड़ी स्टोर चेन का पार्ट हो.

तो ऐसे में आप अपना खुद का स्टोर कैसे खोलेंगे? ऐसा भी तो हो सकता है कि वहां कुछ सर्विस या प्रोडक्ट मिलते है नहीं हो जिनके लिए लोगो को दुसरे टाउन में जाना पड़ता हो. बस यही से आपको स्टार्ट करना है, शू स्टोर में काफी इन्वेस्टमेंट चाहिए. और अगर आप ड्रग स्टोर खोलने का सोच रहे है तो आपके पास फार्मिस्ट की डिग्री होनी ज़रूरी है. तो ऐसे में आप क्या करे? अपन स्पेशिएलिटी स्टोर खोलने का आईडिया कैसा रहेगा? सिम्पली बोले तो ये स्टोर कोई एक स्पेशल आइटम रखते है. कुछ एक्जाम्पल है जैसे कि कुछ स्टोर्स सिर्फ कूकीज और बिस्किट्स रखते है, या स्कूल सप्लाईज या वीमेन एक्सेसरीज या फिर लौंड्री सर्विस या कुछ इसी टाइप का.

अगर आपका भी स्टोर खोलने का मूड है तो अपनी हॉबीज के बारे में भी सोच सकते है. जो आपको करना पसंद है उसी से रिलेटेड कोई स्टोर खोल सकते है. और ऐसी लोकेशन चूज़ करो जो आपकी टारगेट मार्किट के आस-पास हो. बेस्ट सेलिंग शॉप्स ज्यादातर रोड साइड पर होती है. जैसे कि सी. किनोव्सकी एंड राल्फ वाटकिंस(C. Kinowski and Ralph Watkins) का एक पेट शॉप (pet शॉप) है जो उन्होंने रोडसाइड खोल रखा है. अक्सर वहां से गुजरने वाले बच्चे डिस्प्ले देखकर शॉप में घुस जाते है. इन दोनों के पास इस बिजनेस में लगाने को ज्यादा पैसा नहीं था. बस उन्होंने कस्टमर सर्विस अच्छी रखी और स्टोर को ठीक ढंग से मेंटेन किया. सी. किनोव्सकी (C. Kinowski) ने साउथ शिकागो में एक पेट शॉप (pet shop ) खोला था,.

लेकिन उसका रेंट काफी ज्यादा था. तो उसने रोडसाइड विंडो वाली इस जगह का बैटर यूज़ किया और उनका बिजनेस चल पड़ा; उन्होंने वूडन फ्रेम और मेश स्क्रीन्स वाला एक पिंजरा बनवाया जो उन्हें $36 में पड़ा. उसने इस पिंजरे में छोटी कलरफुल बर्ड्स रख दी. और इसके बोटम में लीनोलेयम और बर्ड ग्रेवल रखा. बर्ड्स के लिए उन्होंने कुछ नेस्ट और ब्रांचेस का सेट अप कर दिया. इस पिंजरे में रखी केनेरी और लव बर्ड्स लोगो को बड़ा अट्रेक्ट करती है. लोग इन्हें देखने शॉप के बाहर रुक जाते है, कुछ लोग अंदर भी आ जाते है और एक दो सवाल पूछने के बाद बर्ड्स खरीद के ले जाते है. किनोव्सकी ने जब क्यूट पपीज़ भी रखने शुरू किये तो उनका बिजनेस और भी चलने लगा, वो 3 वीक या 2मन्थ की एज वाले पपीज़ चूज़ करते और उन्हें डिस्प्ले में रख देते. विंडो के बाहर बच्चे घंटो तक उन्हें देखने के लिए खड़े रहते. जिसके पास एक डॉलर होता वो शॉप में जाकर पपी खरीद लेता था.

क्नोव्सकी के ये पपीज़ कोई पेडीग्री (pedigreed) डॉग्स नहीं थे फिर भी बिक जाते थे. पपीज़ की सेल से जो भी प्रॉफिट होता था उससे क्नोव्सकी (Kinowski) का रेंट, इलेक्ट्रीसिटी और बाकी एक्स्पेंसेस कवर हो जाते थे. पेट स्टोर (pet store)में सबसे ज़रूरी चीज़ है सेनीटेशन. इसीलिए कीनोवस्की (Kinowski) डेली अपने स्टोर की साफ़-सफाई करता था ताकि कस्टमर्स को बेड स्मेल ना आये. इससे एनिमल्स भी बीमार नहीं पड़ते थे, इसके अलावा उसने शॉप में डॉग फ़ूड, बर्ड केज और बर्ड ग्रेवल और बाकी पेट एक्सेसरीज़ (pet accessories) भी रखनी शुरू कर दी थी.

इस दौरान राल्फ वाटकिंस (Ralph Watkins) साऊथ शिकागो में एक एक्वेरियम (aquarium)भी चला रहा था. वो इस बिजनेस से हर साल हजारो डॉलर्स कमाता था. जब वाटकिंस ने स्टार्ट किया तो उसके पास सिर्फ 8 टाइप की फिश और 10 छोटे फिश टैंक्स थे लेकिन 3 साल के अंदर ही उसके पास 130 फिश टैंक्स में 120 टाइप की डिफरेंट फिश थी. वाटकिंस ने सिर्फ $200 के साथ बिजनेस शुरू किया था. एक छोटा अमाउंट उसे रेंट का भी देना होता था. उसने $100 में फिश खरीदी, बाकि पैसे से उसने वाटर टैंक्स, वाटर प्लांट्स और कुछ एक्सेसरीज लिया.

वाटकिंस ने जिस दिन स्टोर खोला, उसकी पॉकेट में एक सिंगल सेंट भी नहीं था. दुसरे दिन सुबह जब उस रास्ते से बच्चे स्कूल जा रहे थे तो उन्होंने गोल्ड फिश के बारे पूछताछ की और चले गए. फिर दोपहर में छुट्टी के बाद वो अपने बाकी फ्रेंड्स को भी लेकर आये. वाटकिंस ने उन सबका वेलकम किया. एक छोटी बच्ची को गोल्ड फिश लेनी थी तो उसने पुछा“मै इसका क्या नाम रखु”? वाटकिंस ने पुछा ” “तुम्हारा क्या नाम है?” “सोनया” लड़की बोली. 

“तो गोल्ड फिश का नाम भी सोनया होना चाहिए” वाटकिंस बोला. बाकि बच्चो ने भी अपनी चॉइस की फिश खरीदी और उनके नाम रखे. इस तरह वाटकिंस की शॉप बच्चो में हिट हो गयी. बच्चे बार-बार उसकी शॉप में फिश लेने आते थे और अपने नाम पर फिश कर नाम रखते. उन्हें ये बड़ा मज़ेदार लगता था. फिर उनकी बाते कुछ ऐसी होती” एलिस के पेट में दर्द है” या “आज हेनरी मर गया” जिसे सुनकर उनके पेरेंट्स खूब हसंते. वाटकिंस बच्चो और पेरेंट्स को फिश की टेक केयर के बारे में भी नॉलेज देता था.

कुल मिलाकर उसकी शॉप काफी पोपुलर थी. कस्टमर्स उससे रेयर और एक्सपेंसिव ट्रोपिकल फिश खरीदने आते तो वो उन्हें उनके लिविंग रूम में एक्वेरियम सेट करने में भी हेल्प कर देता था. इसके साथ ही उसने खुद के वाटर प्लांट्स ग्रो करने शुरू कर दिए जिससे उसका बिजनेस और भी एक्सपेंड हो गया था. ट्रोपिकल फिश ट्रोपिकल प्लांट्स में रहती है. और ये सारे प्लांट्स फ्लोरिडा में मिलते है. वाटकिंस के पास कई तरह की फिश थी जैसे गप्पीज(guppies), टेट्राज (tetras),गुरामी( gourami,) सिकिल्ड्स(cichlids), एंगल फिश( angel fish) वगैरह. फिश चीप पेट होती है जो इज़ीली मेंटेने हो जाती है.  और सबसे बड़ी बात कि इन्हें बेचकर अच्छा ख़ास प्रॉफिट कमाया जा सकता है.

बिजनेस चाहे कोई भी हो क्वालिटी का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है वरना बिजनेस टिक नहीं पायेगा. लोग तभी आपकी शॉप में आयेंगे जब आप उन्हें बेस्ट ऑफ़ टाउन प्रोडक्ट या सर्विस देंगे. टेड लेंसमेन और उसके हैंमबर्गर बिजनेस की भी कुछ ऐसी ही स्टोरी है. टेड कैलीफोर्निया में रहता था, वो अपने एक फ्रेंड को अपना ओल्ड ट्रक देने जा रहा था क्योंकि वो इसे अब अफोर्ड नहीं कर पा रहा था. लोस एंजेलेस से पासाडीना (Pasadene) जाते हुए उसने एक हैमबर्गर स्टैंड देखा जिसका ओनर उसे बेचने जा रहा था क्योंकि उसे शायद कोई प्रॉफिट नहीं हो रहा था, वो शैक क्लोज ही करने जा रहा था कि टेड आ गया.

दोनों ने एक दुसरे को ग्रीट किया. दोनों ने ओल्ड ट्रक और शैक को आपस में एक्सचेंज कर लिया. टेड को एक नया बिजनेस मिल गया. लेकिन उसके पास बस 11 सेंट्स थे. शैक में 2 डोजंस बन और सॉफ्ट ड्रिंक के 3 केस रखे हुए थे. टेड जानता था कि 11 सेंट्स से कुछ नहीं होने वाला तो उसने अपने एक फ्रेंड से $50 उधार लिए. वो हैमबर्गर के बारे में सोच रहा था, उसके टाउन में ज्यादातर स्टैंड एक हैमबर्गर 10 सेंट्स में बेचते थे. कोई-कोई तो इससे भी कम में बेचता था. लेकिन टेड अपने फ़ूड में क्वालिटी भी चाहता था. उसने अपने हैमबर्गर्स के लिए बेस्ट बन और बेस्ट बीफ चूज़ किया.

और एक हैंमबर्गर का रेट रखा 15सेंट्स. 6 महीने तक तो उसकी एक पैसे की कमाई नहीं हुई. फिर एक कस्टमर ने जब बर्गर में चीज़ की एक स्लाइस मांगी तो टेड ने चीज़ बर्गर बनाकर बेचने शुरू कर दिए और उसके बर्गर धडाधड बिकने लगे. अब लोग उसे बेस्ट चीज़ बर्गर के लिए जानते थे; जल्दी ही उसने लोस एंजेलेस में दो और शैक खोल लिए. फिर उसने एक स्टीक रेस्तरोरेंट (steak restaurant) भी खोल लिया. अपने बेस्ट चीज़ बर्गर के साथ वो कस्टमर्स को हाई क्वालिटी की स्टीक देता था. 10 सालो के अंदर ही टेड का बिजनेस 5 गुना बड गया था.  

प्रोमोटिंग अ स्माल बिजनेस (Promoting a Small Business)

किसी भी बिजनेस को सक्सेसफूली चलाने के लिए कस्टमर के साथ गुड विल होनी बहुत ज़रूरी है. हालांकि बीच-बीच में प्रोमोशन और एडवरटाईजमेंट्स करने से भी प्रॉफिट इनक्रीज होता है. लोग शोमेनशिप पंसद करते है. अगर आप राइट प्रोमोज कर रहे है और एड्स भी दे रहे है तो लोग आपका प्रोडक्ट ज़रूर लेंगे. जॉन हार्डिंग (John Harding) ने शिकागो में एक रेस्तरोरेंट खोला लेकिन ये उतना चला नहीं क्योंकि शहर में आलरेडी रेस्तरोरेंट्स की भरमार थी. लोगो ने उसे बोला कि रेस्तरोरेंट का बिजनेस एक फूलिश आईडिया है. सबको लगा कि हार्डिंग बस कुछ ही दिनों तक रेस्तरोरेंट चला पायेगा बाद में तो उसे क्लोज करना ही पड़ेगा क्योंकि कॉम्पटीशन जो इतना ज्यादा था.

लेकिन उसने सबको रोंग प्रूव कर दिया. उसके एक यूनिक आईडिया लगाया जो जर्नल पब्लिक को बड़ा पसंद आया था. उसका बिजनेस इतना चला कि बाद में उसने 6 और रेस्तरोरेंट्स खोले. बेशक हार्डिंग गुड फ़ूड सर्व करने पर ध्यान देता था लेकिन इफेक्टिव एडवरटाईजिंग ने उसका बिजनेस चलाने में काफी हेल्प की. उसने लोकल न्यूज़पेपर में एक छोटा सा एडवरटीज़मेंट दिया जो पढने में बड़ा फनी था और इसमें कुछ कॉमिकल कार्टून इमेजेस भी थी. उसने अपने विंडो डिस्प्ले में भी यही एड लगाया. इस एड में कोर्नेड बीफ के साथ कैबेज की पिक थी और इसके बाद से ही टेड “Corned Beef King.” के नाम से फेमस हो गया.

उसने अपनी माउथ वाटरिंग डिशेस की ऐसी और भी पिक्स प्रिंट करवाई. उसका एक विनिंग एड था” हैम हैप्पीनेस” जिसमे एक पिग शैम्पेन के ग्लास में बैठा हंस रहा था” उसके नीचे लिखा था” हैम हैप्पीनेस एट हार्डिंग;स दे डोंट सिम्पली स्लाइस ऑफ अ पीस ऑफ़ हैम एंड प्लेस इट बिटवीन टू स्लाइसेस ऑफ़ ब्रेड. ओह नो! द कार्वर डिप्स द स्लाइस ऑफ़ परफेक्टली बेक्ड शुगर क्योरड हैम इन टू शैम्पेन सौस बिफोर मेकिंग अप द सैंडविच, द प्राइस इज स्टिल 15c.” ये कोई बड़ी बात नहीं थी कि हार्डिंग के रेस्तरोरेंट्स में हमेशा ही लोगो की भीड़ लगी रहती, ये सब उसके मोर्निंग पेपर वाले एड्स का कमाल था जो उसे पर डे का $75 पड़ता था. लेकिन हार्डिंग को कोई फर्क नहीं पड़ता था क्योंकि उसके रेस्तरोरेंट्स का डिलीशियस मील कस्टमर्स की भीड़ जुटाने के लिए काफी था.

हार्डिंग की तरह ही होवार्ड स्टेवेंस ऑफ़ डेट्रॉइट,मिशिगन  (Howard Stevens of Detroit, Michigan)ने भी बिजनेस एड में काफी पैसा इन्वेस्ट किया. उसने मोटेल चलाने के लिए हाईवे में एक घर रेंट पे दे रखा था. हालाँकि ये एक काफी बीजी हाईवे था फिर भी उसका मोटेल खाली पड़ा रहता. होवार्ड को लगा कि अगर कस्टमर्स को अट्रेक्ट करना है तो एक आध चेयर्स, टेबल्स और बियर से कुछ नहीं होने वाला. उसे कुछ और सोचना होगा. सबसे पहले तो होवार्ड ने उस जगह को रीफर्निश करवाया. उसने एक डांस फ्लोर भी बनवाया. कुछ चीप लेकिन मॉडर्न लुकिंग वाला फर्नीचर रखा, एक सेमी सर्कुलर बार भी सेट किया जिसके पीछे लॉन्ग पेरलल मिरर्स लटक रहे थे. होवार्ड ने कुछ फ्रायर्स, रोस्टर्स और ग्रिल्स भी खरीदे जिनमे 9 चिकेन्स और 4 पोर्क लोएँस एक साथ आ सकते थे.

इस सबके बाद उसने हाईवे के साइड में कुछ कलरफुल साइनबोर्ड लगवा दिए. उसने 17 प्रिंटेड साइन्स रोड के किनारे इक्वल दूरी पर लगवा दिए. हर साइन बोर्ड पर होवार्ड के डिफरेंट टाइप के टेस्टी ग्रिल्ड मीट सैंडविच की पिक्स बनी थी. सबके नीचे 15 सेंट्स प्राइस भी मेंशन था और साथ ही इन साइन्स में डिस्टेंस भी दिया था कि होवर्ड का इन वहां से कितनी दूर है. ओपनिंग नाईट वाले दिन होवार्ड हैरान था. उसके यहाँ कस्टमर 6 से लेकर 9 तक आते ही जा रहे थे. उस रात 119 के करीब गाड़ियाँ उसके इन के बाहर पार्क थी. होवार्ड और उसकी वाइफ सर्व कर रहे थे लेकिन 9:30, होते-होते वे लोग आउट ऑफ़ स्टॉक हो गए.

नेक्स्ट डे दोनों हसबैंड वाइफ सप्लाईज फिल करने में लगे रहे. उन्होंने चिकेन रोस्ट किये, बीफ और पोर्क का मीट काटा. और रात तक सब रेडी कर लिया, शाम होते ही कस्टमर्स आने शुरू हो गये,कई लोग तो डांस फ्लोर में एन्जॉय करने के लिए रुक गए थे. होवार्ड ने ट्रेवलर्स की रेस्ट करने और खाने पीने की नीड को समझा. उसने अपने इन में चीप फ़ूड रखा जो ज्यादा कॉस्टली भी नहीं थे मतलब कि हर कोई वहां खाना अफोर्ड कर सकता था. और वैसे भी कोई अच्छे खाने पर 40 सेंट्स खर्च करना उतना माइंड नहीं करता. डांस फ्लोर और साइनबोर्ड्स लगाने से उसका प्रॉफिट और भी बड गया. उसके इन में टेस्टी खाने के साथ अच्छा टाइम भी स्पेंट होता था. 

सेलिंग थिंग्स बाई मेल (Selling Things by Mail) 

अगर आप मेल आर्डर बिजनेस स्टार्ट करना चाहते है तो तीन इम्पोर्टेंट कॉन्सेप्ट्स याद रखो. टारगेट क्लाइंट्स, मेलिंग लिस्ट और सेल्स लैटर. यही सेम प्रिंसिपल ऑनलाइन सेलिंग में भी अप्लाई होती है. सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर्स पहले डायरेक्ट मेल यूज़ करते थे. लेकिन आज आपके पास इमेल की फेसिलिटी है. तो आपके पास एक बिजनेस आईडिया है! इसका मतलब कि आपका प्रोडक्ट बड़ा स्पेशिफिक होगा जिसके लिए आप टारगेट क्लाइंट ढूंढेगे. कुछ लोग हमेशा आपसे ही खरीदना चाहेंगे. आप कोई भी प्रोडक्ट रख सकते है, जैसे कोई हैण्डबेग या पर्सनलाइजड वालेट, लेकिन उससे पहले आपको टारगेट क्लाइंट तक पहुँचने के बारे में सोचना होगा.

फिर आप अपनी मेलिंग लिस्ट रेडी करेंगे जिसमे आपके क्लाइंट्स के नेम, कांटेक्ट नंबर और इमेल्स होगा. ये इन्फोर्मेंशन आप अपने पर्सनल कॉन्टेक्ट्स, किसी बिजनेस वेबसाईट या पे पर क्लिक एड्स के थ्रू ले सकते है. लेकिन अपनी मेलिंग लिस्ट केयरफुली तैयार करे, यही से आपकी इनकम जेनरेट होने वाली है, साथ ही मेलिंग लिस्ट को अपडेट रखे ताकि आपके नए प्रोडक्ट्स और प्रोमोस के बारे में क्लाइंट्स को पता रहे. आप चाहे तो क्लाइंट्स को थोड़ी बहुत वैल्यूएबल इन्फोरमेशन और यूज़फुल टिप्स भी भेज सकते हो. और सबसे ज़रूरी बात, आप अपने हर क्लाइंट के टच में रहे और उनकी क्वेरीज़ के आंसर दे. जितने ज्यादा लोग आपकी लिस्ट में होंगे उतना ज्यादा आपका प्रॉफिट होगा.

फाइनली एक इफेक्टिव सेल्स लैटर कैसे लिखना है, ये सीखे. माना कि आज टेक्नोलोजी बहुत एडवांस है लेकिन बिजनेस मेल आर्डर के लिए आज भी अच्छी कॉपीराइटिंग की ज़रूरत पड़ती है. आपको ये सीखना है कि कैसे एक बढ़िया सेल्स लैटर लिखा जाये जो आपका प्रोडक्ट बेचने में हेल्प करे? अब ये ज़रूरी नहीं कि इसके लिए एक प्रोफेशनल राइटर की ज़रूरत पड़े, बहुत सी ऐसी टेक्नीक्स है जिन्हें फोलो करके आप भी एक बढ़िया सा सेल्स लैटर तैयार कर सकते है. यहाँ हम आपको ऐसे ही दो सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर्स की स्टोरी बता रहे है. हेनरी फील्ड क्रॉप सीड्स बेचने के लिए अपने हॉर्स कार्ट में जाया करता था. वो साउथ वेस्टर्न आयोवा (South-western Iowa) का रहने वाला था. उसका काम था छोटे-छोटे विलेजेस में फ़ार्म से फार्म तक क्रॉप सीड्स बेचना.

वो अपने गार्डन में इन सीड्स को प्रीपेयर करता था. ये एक छोटा सा वन मेन बिजनेस था. जहाँ तक वो जा सकता था वहां वो अपने सीड्स बेच कर आ जाता. उस टाइम पर आयोवा के कई इलाको में प्रॉपर रोड नहीं थी. कभी-कभी उसे किसी फार्मर तक पहुचने के लिए उसके फार्म से होकर जाना पड़ता था. मौसम चाहे कैसा भी हो, हेनरी रुकता नहीं था, वो मीलो मील धुल भरे रास्तो पर चलता रहता. फार्मर्स उससे सीड्स लेते थे इसलिए उनसे हेनरी की फ्रेंडशिप थी. वो उन्हें फार्मिंग के टिप्स देता था और साथ ही ये भी बताता कि अच्छी क्रॉप्स और सीड्स कैसे यूज़ किये जाए. इसलिए हेनरी को फार्मर्स बड़ा लाइक करते थे.

वो उनसे मिलने आता तो वे लोग खुश हो जाते थे. फिर हेनरी के पास सीड्स की डिमांड बड़ने लगी तो उसने मेल ऑर्डर बिजनेस के बारे में सोचा. इतने सारे ऑर्डर्स मिलने की वजह से हर एक फार्मर के पास पर्सनली जाना उसके लिए मुश्किल होने लगा था. लेकिन मेल ऑर्डर्स से वो प्रोडक्शन और सीड्स डिलीवरी इज़ीली मेंटेन कर सकता था. हेनरी ने एक सेकंड हैण्ड प्रिंटिंग मशीन खरीदी और सेल्स लैटर लिखने स्टार्ट किये. कस्टमर्स की मेलिंग लिस्ट उसने पहले ही रेडी कर ली थी. और सबसे बढ़िया चीज़ ये थी कि वो अपने कस्टमर्स को पर्सनली जानता था और उन्हें अपील कर सकता था. वो फार्मर्स को ऐसे ढंग से लिखता था जैसे वो उनसे पर्सनली बात कर रहा हो, डे टू डे लेंगुएज में.

हेनरी ने लैटर्स की लेंगुएज ब्रीफ और पॉइंट टू पॉइंट रखी, उसने लिखा” एक फ्रीजिंग डे में अगर आपको कोई फार्मर मिले जो अपनी कॉर्न क्रॉप को मार्किट में बेचने जा रहा हो तो आप अपने बिजनेस के बारे में बताने के लिए कोल्ड में रोक नहीं सकते. आप को जो भी बताना है तुरंत बताना होगा, ताकि वो आर्डर देकर जल्दी से जा सके, तो इससे अच्छा है कि आप उसे लैटर या कैटलोग (catalogue.) सेंड करे ताकि वो आराम से घर जाकर पढ़ सके” हालाँकि हेनरी ने काफी ब्रीफ लैटर रेडी किये थे लेकिन उनमे एक फ्रेंडशिप टोन थी. उसने कोई किताबी लेंगुएज नहीं यूज़ की, जो लिखा एक फ्रेंड की तरह लिखा. फार्मर्स को उसका ये आईडिया काफी पसंद आया था. वे लोग उसके सेल्स लैटर का रिप्लाई देते थे और रेगुलर आर्डर करते थे.

उसके ये बिजनेस आईडिया इतना चला कि उसके पास कंसास, मिसोरी और नेब्रास्का में रहने वाले फार्मर्स से भी ऑर्डर आने लगे जिनसे वो कभी मिला भी नहीं था. हर साल उसकी मेलिंग लिस्ट इनक्रीज होती गयी. हालंकि वो अभी भी उसी फ्रेंडली और पर्सनल वे में लिखता था. उसकी सेल्स जो पहले कुछ हंड्रेड डॉलर्स थी अब एनुअली $3 मिलियन तक पहुँच गयी थी. फिर वो दिन भी आया जब हेनरी फील्ड कंपनी ने जेर्नल मर्चेनडाइज (general merchandise) ऑफर करना स्टार्ट कर दिया था. हेनरी सीड्स के आलावा अब बाकी सामान भी बेचने लगा था जैसे हैट्स, शूज़, ओवरआल एंड इवन टायर्स. बाद में उसने अपने मेल ऑर्डर्स बिजनेस को भी इम्प्रूव किया. वो अब एपल्स, कॉर्न, ओरेंजेस  और पोटेटो बुश्ल्स के थ्रू बेचता है क्योंकि फार्मर्स इसी तरीके से उसके प्रोडक्ट खरीदते है.

हेनरी ने 5, 10 और 25 पाउंड के कंटेनर्स में कॉफ़ी भी बेचनी स्टार्ट कर दी थी जो वो डोजन के हिसाब से बेचता था. जिस हेनरी के पास कभी एक हॉर्स कार्ट और छोटा सा गार्डन हुआ करता था आज उसके पास कई एकर फील्ड्स थे और खुद की एक कंपनी भी. और ये सब हुआ उसके इफेक्टिव सेल्स लैटर्स की वजह से. हेनरी की तरह आप भी अगर मेल आर्डर बिजनेस में सक्सेसफुल होना चाहते है तो अपने कस्टमर्स को फ्रेंडली लेंगुएज में लैटर लिखे जैसे आप उनको सालो से जानते हो. उन्हें अच्छी स्टोरीज़ बताये और टिप्स दे जो उनके काम आ सके. उनके साथ अच्छा रिलेशनशिप बिल्ड करो लेकिन आर्डर लेना न भूलो. सेल्स लैटर के लास्ट के कुछ पैराग्राफ में कस्टमर को ज़रूर बताये कि उन्हें क्या करना है. क्या उन्हें आर्डर फॉर्म साइन करना होगा? क्या उन्हें रिप्लाई कार्ड भेजना है? आप जब तक उन्हें नहीं बताएँगे उन्हें पता नहीं चलेगा.

एक पर्पज और वैल्यू के साथ अपना सेल्स लैटर लिखे. लेकीन आपको ये कैसे पता चलेगा कि क्लाइंट आपका सेल्स लैटर पढेंगे? अगर उन्होंने पढ़ा नहीं तो आपके टारगेट क्लाइंट्स बनने के चांसेस कम हो जायेंगे. लेकिन अगर आपका लैटर सही लोग तक पहुंचा है तो वे ज़रूर पढेंगे और रिप्लाई के साथ आर्डर भी देंगे. जैसे एक्जाम्पल के लिए जे. डब्ल्यू. रोबर्ट्स एंड सन(J.W. Roberts and Son ) एक मेल आर्डर बिजनेस है जो फाइन हवाना सिगार ऑफर करते है. उन्हें 30 साल से ज्यादा हो गए ये बिजनेस चलाते हुए. और उनका सीक्रेट है कि वो हमेशा राइट क्लाइंट को ही टारगेट करते है. जे. डब्ल्यू. रोबर्ट्स (J.W. Roberts ) सिर्फ अपने अकाउंट में डिपोजिट पेमेंट ही लेते है. नो कैश, नो सीओडी (C.O.D.) उनके कुछ क्लाइंट को 20 साल से भी ज्यादा पुराने है.  

सेलिंग योर सर्विस (Selling Your Services)

अगर आप सर्विस बिजनेस में जाना चाहते है तो पहले खुद से एक सवाल पूछो” आप क्या कर सकते है जो लोगो को पसंद आये? क्या आपके पास कोई स्किल है या आपकी कोई स्पेशिएलिटी है? क्योंकि इस बिजनेस में स्पेशलिस्ट बनना बहुत ज़रूरी है. दुसरे वर्ड्स में बोले तो आपको अपना फील्ड नेरो करना होगा. अपने स्पेशिफिक स्किल को फाइंड आउट करना होगा. जिससे आप अपनी स्किल्स इम्प्रूव करके उसमे मास्टर बन सके. जिससे आपका कॉम्पटीशन भी कम हो जाएगा. ये चीज़ सिर्फ सर्विस बिजनेस में ही नहीं बल्कि हर करियर के लिए अप्लाई होती है.

जैसे एक सक्सेसफुल डॉक्टर बनने के लिए आपको किसी एक फील्ड में स्पेशलाइज होना पड़ेगा. अगर आप एक्सपर्ट है तो लोग नेचुरली आपके पास आएंगे. कस्टमर्स एक्सपर्ट या स्पेशलिस्ट को हाई प्राइस देना माइंड नहीं करते. अगर पूरे टाउन में सिर्फ आप ही एक न्यूरोलोजिस्ट है तो आपकी इनकम ऑटोमेटिकली बढ़ेगी. तो पहले अपना स्किल फिगर आउट करो और इम्प्रूव करो. और एक इम्पोर्टेंट चीज़ कि अपने कस्टमर्स को हमेशा वैल्यू सर्विस दो. आपकी क्वालिटी सर्विस ही लोगो को आपके पास खींच ले आएगी. फिर आप प्रीमियम ऑफर्स के लिए हायर प्राइस भी मांगगे तो लोग देंगे.

ऐसे कई एंटप्रेन्योर्स की स्टोरीज है जिनसे आप कुछ सीख सकते है. क्या आपने कभी रग वाशिंग सर्विस के बारे में सुना है ? एडवर्ड एंडरसन (Edward Anderson ) ने अपनी लाइफ के फर्स्ट $1000 लोगो के कारपेट और रग्स धोकर कमाए थे. एडवर्ड एक डिपार्टमेंट स्टोर में मैनेजर था, जब उसकी जॉब छूटी तो एक दिन उसे कारपेट वाशिंग बिजनेस का आईडिया आया. जिस डिपार्टमेंट स्टोर में वो जॉब करता था वहां एक कारपेट वाशिंग मशीन थी. एडवर्ड ने ईजी इंस्टालमेंट प्लान से मेनूफेक्चरर (manufacturer) से एक वाशिंग मशीन खरीदी.

कारपेट वाश की सर्विस लेकर पहले वो अपने पड़ोसियों के पास गया, उसने उन्हें 1.50 सेंट्स पर रग का ऑफ़र दिया. एक दिन सुबह एडवर्ड ने 7 रग्स धोये. उसने उन्हें लिविंग रूम से हटाये बिना तुरंत ही वाश करके दे दिया था. अपने फर्स्ट आर्डर में ही वो खुद को लकी समझ रहा था लेकिन जिस लेडी से उसने बात की थी, दोपहर में उसने एडवर्ड को मना कर दिया. एडवर्ड अपने घर गया और शहर में जितने भी होटल्स, अपार्टमेंट्स और ऑफिस से थे ,उन सबके नम्बर्स की लिस्ट बनाई. एडवर्ड ने सबको कॉल किया, उसे $30 वर्थ की सर्विसेस मिली. लेकिन इतना काफी नहीं था क्योंकि मशीन के लोन की ड्यू डेट नज़दीक थी.

एडवर्ड ने सोचा अगर मैनेजर्स उस दिन अपने रग्स नहीं धुलवा रहे तो कोई बात नहीं नेक्स्ट वीक सही. उसने दुबारा अपने कॉन्टेक्ट्स को फोन किया और इस बार उसे कई ऑर्डर्स मिल भी गए. उसे एक होटल से $93 का आर्डर मिला और एक ऑफिस बिल्डिंग से $107 का. फिर जब उसे ऐसे और ऑर्डर्स मिले तो एडवर्ड ने मशीन का सारा लोन चूका दिया और प्रॉफिट कमाने लगा. शिकागो में एक ड्रेसमेकर था जिसने एक बार एक फेट लेडी को शॉप कीपर से कम्प्लेंट करते हुए सुना कि उसे अपने साइज़ की ड्रेस नहीं मिल रही.

ड्रेस मेकर उस लेडी के पास गया और अपना इंट्रो दिया. बाद में वो फेट लेडी ड्रेसमेकर की शॉप में आई, उसकी एक सिस्टर और कई सारी फ्रेंड्स की भी सेम प्रॉब्लम थी कि उन्हें अपने साइज़ के कपडे नही मिलते थे. यही लोग ड्रेसमेकर के कस्टमर्स बने. उसने अपने फर्स्ट कस्टमर्स का साइज़ लिया. ड्रेस के अलावा वो उनके लिए लौन्ज्री (lingerie) भी बनाती थी. ड्रेसमेकर ने उन लेडीज को सजेस्ट किया कि उन्हें सीजन के हिसाब से अपने लिए ड्रेस प्लान करनी चाहिए. वो ड्रेस मेकर डिपार्टमेंट स्टोर्स और मैगजींस से नए-नए डिजाईन की इंस्पिरेशन लेती थी. वो अपने कस्टमर्स के लिए फेब्रिक के सैम्प्लस रखती थी और उसके पास लेटेस्ट स्टाइल और ट्रेंड्स का एक ब्रोशर भी था.

कस्टमर्स को उसका गुड टेस्ट पसंद था इसलिए वो उससे अपने लिए ड्रेस आर्डर करते थे, और अपने जैसे और लोगो को भी रेक्मंड करते थे कि वो ड्रेसमेकर से कपडे सिलवाये. बाद में ड्रेसमेकर ने अपने लिए एक और मार्किट ढूंढ ली और वो थी लम्बी लेड़ीज़ के लिए ड्रेस तैयार करना क्योंकि उन्हें भी अपने साइज़ के कपडे नहीं मिलते थे. ड्रेस मेकर के पास इसका सोल्यूशन था, वो उन्हें लॉन्ग स्कर्ट्स और लॉन्ग स्लीव वाली ड्रेस ऑफर करती थी. क्योंकि ज्यादातर स्टोर्स नार्मल बॉडी टाइप के साइज़ में कपड़े रखते थे इससे उस ड्रेस मेकर को एक अपोरच्यूनिटी मिल गयी थी कि वो इस काम में स्पेशिलिस्ट बन जाए.

फ्लोरिडा में भी एक ऐसी ही लेडी थी जिसके पास एक यूनीक स्पेशिलिटी थी. वो श्रिम्प्स (shrimps) पकड के उन्हें फिशरमेंन को बेचती थी और उसका नाम था सेडी मिलर (Sadie Miller). रियल स्टेट बब्ल बर्स्ट हुआ तो सेडी भी बाकियों की तरह सडक पे आ गयी थी. अपनी फाईनेंशियल पोजीशन को बैटर बनाने के लिए वो कोई काम ढूंढ रही थी कि तभी उसे श्रीम्पिंग का आईडिया आया. पहले तो सेडी ने श्रिम्प डॉक चलाने के लिए एक आदमी हायर किया लेकिन वो छुट्टी पे चला गया था और फिर वापस नहीं आया, अब सेडी ने खुद ही ये चैलेंजिंग टास्क करने का फैसला लिया.

सेडी रबर बूट्स पहन के अपने हेल्पर्स के साथ एलुसिव श्रिम्प्स पकड़ने जाती थी. ये छोटे क्रीच्रर्स (creatures ) रोज़ अपनी जगह बदलते है इसलिए उन्हें पकड़ना ईजी नहीं होता. श्रिम्प्स चाहे छोटे हो या बड़े उन्हें जिंदा पकड़ना होता है. सेडी विंटर्स में ज्यादा पैसा कमाती है क्योंकि इस सीजन में श्रिम्प्स बड़ी मुश्किल से मिलते है. वो उन्हें $1 पर 100 पीस के हिसाब से बेचती है. और जब काम ज्यादा होता है तो उसे ज्यादा हेल्पर्स रखने पड़ते है. इस तरह उसका श्रिम्प बिजनेस उसकी इनकम का अच्छा सोर्स है. सेडी की तरह जेम्स ब्राडले (James Bradley) को भी फाइनेंशियल क्राइसिस की प्रोब्लम थी. वो विस्कॉन्सिन में एक छोटे से टाउन का रहने वाला था.

जिस कम्पनी में वो जॉब करता था वो बैंकरप्ट हो गयी थी जिसके चलते जेम्स की जॉब छूट गयी थी. उसके बाद जेम्स में इधर-उधर छोटा मोटा काम किया लेकिन कोई भी जॉब परमानेंट नही थी. एक दिन जेम्स घर के पास टहल रहा था ये सोचते हुए कि अब आगे क्या करे कि तभी उसकी नजर अपने गैराज में खड़े ओल्ड ट्रक में पड़ी. अगर वो इंजिन ठीक कर सके तो शायद उसे ट्रकिंग जॉब्स मिल जाए. जेम्स जंक यार्ड से ट्रक की बॉडी लेकर आया, उसने पहले अपना ट्रक ठीक किया , उसे अच्छे से पेंट किया. फिर वो और उसकी वाइफ किसी अपोरच्यूनिटी का वेट करने लगे.

जेम्स को पहला काम अपने पड़ोसियों से मिला जो मिल्वौकी (Milwaukee.) मूव कर रहे थे. बड़ी ट्रकिंग कंपनीज अक्सर ऐसे छोटे ऑर्डर्स नहीं लेती थी जैसे हाउसहोल्ड आइटम्स शिफ्ट करना वगैरह. लेकिन जेम्स ब्रेडले ख़ुशी-ख़ुशी ये काम करने को तैयार था., उसका बिजनेस स्टार्ट हो गया था. कुछ ही टाइम में उसने एक और ट्रक भी ले लिया था अब वो पूरे मिल्वौकी (Milwaukee) के ट्रक जॉब्स लेता था.औरकई सारी कंपनीज भी उसे कांट्रेक्ट देने लगी थी.जेम्स ब्रेडले के जैसा एक और एक्जाम्पल है जॉन बन्क्रोफ्ट (John Bancroft ) का, वो भी एक बेरोज़गार था. वैसे वो एक कॉलेज एथलीट था लेकिन उसे अपनी पसंद का काम नहीं मिल रहा था. फिर उसने “स्प्रिंगफील्ड बॉयज” क्लब खोला. “Springfield Boys’ Club”.

यहाँ पर जॉन बॉयज को टीचिंग और कोचिंग की सर्विस देता था. उसने क्लब के दो पार्ट किये. एक 8 साल और छोटे बॉयज के लिए और एक 9 से 14 तक के बॉयज के लिए. जॉन स्कूल के बाद उनसे मिलता था. हर बॉय से वो मन्थली $5 चार्ज लेता था. हर ग्रुप में 25 बॉयज थे जिससे जॉन की $1000 सालाना कमाई होने लगी. अब उसने एक असिस्टेंट भी रख लिया था जिसकी सेलरी और होटल के स्विमिंग पूल का रेंट सब आराम से निकल रहा था. जॉन उन बॉयज को पूरे साल की एक्टिविटीज़के लिए प्रीपेयर करवाता था. बॉयज उसके अंडर में बेसबॉल, फूटबॉल, बॉक्सिंग, जिम्नास्टिक, स्विमिंग हाईकिंग वगैरह की ट्रेनिंग लेते थे. और बारिश के दिनों में वो उन्हें काईट मेकिंग, वेगोंन और टॉय एरोप्लेन बनाना सिखाता था.

वो अपने ट्रेनीज के लिए स्विमिंग इवेंट्स या बॉक्सिंग कांटेस्ट भी रखता रखता जो पेरेंट्स भी अटेंड करते थे. वैसे जॉब्स की बात निकली है तो किसी सिमेट्री में जॉब करना शायद सबसे अजीब काम होगा. एक दिन आर्थर रुग्ग्लेस (Arthur Ruggles) कंसास से किसी पास के टाउन में जा रहे थे. रास्ते में एक टूटी-फूटी सिमेट्री पड़ती थी. आर्थर ने यही पर अपने लिए एक बिजनेस अपोर्च्यूनिटी ढूढ़ ली. आर्थर ने वहां के ओनर से बात की तो पता चला कि कई सालो से ये सिमेट्री इसी हालत में थी, उसे कोई बन्दा चाहिए थे जो रास्ते की घास वगैरह हटा कर वहां थोड़ी साफ़-सफाई रख सके.

सिमेंट्री अटेंडेंट अकेले सारा काम नहीं सम्भाल सकता था. लेकिन ओनर ने आर्थर को सीधा बोल दिया कि वो उसे काम के पैसे नहीं दे पायेगा. आर्थर बिलकुल भी डिसकरेज नहीं हुआ उसने बोला कि वो सिमेट्री लॉट को ही पेमेंट समझ कर रख लेगा. ओनर को उसकी बात जंच गयी और उनके बीच डील पक्की हो गयी. आर्थर को अपनी सर्विसेस के एक्सचेंज में $2000 वर्थ का सिमेट्री लॉट मिलने वाला था. फिर क्या था, उसने अपना काम स्टार्ट कर दिया और अपनी हेल्प के लिए दो गार्डनर भी रख लिए. उसका एक और स्मार्ट मूव था सिमेट्री लॉट की मार्केटिंग के लिए एक सेल्स मेन हायर करना. काम फिनिश होने से पहले ही सेल्समेन ने सारा लॉट बेच दिया था.

आर्थर ने उसे $500 कमिशन दिया. उसने गार्डनर्स की पेमेंट और बाकी खर्चे भी निपटा दिए थे. कुल मिलाकर आर्थर ने इस डील से $1000 का प्रॉफिट कमाया था. और अमेजिंग बात ये थी कि उसे टाउन के बाहर कई और सिमेट्रीज से भी ऐसे आर्डर मिल गये थे. आर्थर रुग्ग्लेस (Arthur Ruggles ) अब सिमेट्री बिजनेस से साल के कई हज़ार डॉलर्स कमा रहा है. 

पेइंग फॉर अ कॉलेज एजुकेशन (Paying for a College Education) 

बहुत से फेमस लोगो की सक्सेस का एक रीजन उनका अर्ली वर्किंग एक्स्पिरियेंश भी है. कॉलेज की पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब करने से आप पैसे की वैल्यू समझने लगते है और साथ ही डिफरेंट टाइप के लोगो से मिलने का चांस भी मिलता है. सबसे इम्पोर्टेंट कि इस टाइप की जॉब्स आपकी पर्सनेलिटी शेप करने में हेल्प करती है. जहाँ एवरेज फेमिली के बच्चे इन जॉब्स से काफी कुछ सीखते है वही अमीर घरो के बच्चो को ये एडवांटेज नहीं मिल पाती. आप चाहे तो किसी स्टोर में क्लर्क की जॉब कर सकते है या लाइब्रेरी असिस्टेंट, ट्यूटर, वेटर या फिर फ़ास्ट फ़ूड क्रू. कुछ और टाइप की डिफरेंट जॉब्स भी होती है जो आपको बैटर रिवार्ड्स के साथ एक बैटर एक्स्पिरियेंश भी देती है.

मिस्टर हंटले एक दिन संडे को अपनी कार वाश कर रहे थे. तभी एक यंग बॉय उनके पास आकर बोला “अगर आप अपनी गाडी को सीमोनाइजड (simonized) करवाएंगे तो ये ज्यादा बैटर लगेगी” हंटले ने जवाब दिया “बेशक लगेगी लेकिन उसके $5.00 लगेंगे और मेरे पास अभी उतने पैसे नहीं है” तो उस लड़के ने उन्हें एक छोटा सा कार्ड दिया जिसके सेंटर में सिर्फ एक वर्ड लिखा था” सिमोनाइजिंग” “Simonizing”. बाकी उस लड़के का नाम, एड्ड्रेस और कांटेक्ट नंबर नीचे लेफ्ट हैण्ड कार्नर में लिखा था. “ मै आपकी कार सिर्फ $3 में सिमोनाइज़ करूँगा और बढियां काम करूँगा” उसने कहा. मिस्टर हंटले को पता चला कि उसने अभी-अभी उनके पडोसी की कार पोलिशिंग की है. लड़के ने उन्हें ये भी बताया कि वो वाशिंगटन यूनिवरसिटी (Washington University) का स्टूडेंट है.

 वीकेंड में वो कार पोलिश का काम करता था. “ क्या मै नेक्स्ट सेटरडे आ जाऊं आपकी कार पोलिश करने” लड़के ने उनसे पुछा. उस लडके ने इतने पोलाईट वे में पुछा कि मिस्टर हंटले रेडी हो गए. उन्हें वो लड़का बड़ा इंट्रेस्टिंग लगा” क्या तुम इस टाइप के बाकी काम भी करते है” उन्होंने लड़के से पुछा. “ जी, करता हूँ” लड़के ने कहा. वो लकड़ा डेली एक कार क्लीन और पोलिश करता था. हालांकि वो अभी जूनियर क्लास में ही था फिर भी उसने अपनी ट्यूशन के पैसे खुद कमाए थे.

अब उसके रेगुलर कस्टमर्स भी बन गए थे. यही नहीं उसके कस्टमर्स उसे रेकमंड (recommend) भी करते थे. “हाँ क्योंकि मेरा काम हमेशा बढ़िया होता है” लड़का प्राउडली बोला, उसने लोगो के पास खुद जाकर अप्रोच किया और अपनी क्लाइंट लिस्ट बनायी. उसने अपने कार्ड्स प्रिंट करवाए और जो कोई भी उसे कार वाश करता दीखता उसे वो अपना कार्ड दे देता था. उसने बताया कि वो ऑफिस और फैक्टरीज में भी विजिट करता था, और जब भी वो देखता कि कोई अपनी कार में जाकर बैठ रहा है जिसे पोलिशिंग की सख्त ज़रूरत है तो वो जाकर उसे कार पोलिशिंग ऑफर “कर देता था” “वेल मुझे अभी अपने काम पे जाना है, मै कुछ कार्ड्स आपको देता हूँ,

आप अपने फ्रेंड्स को दे देना जिन्हें कार वाश और पोलिशिंग की रीक्वायरमेंट हो, और मै सेटरडे मोर्निंग आपकी कार वाश करने आ जाऊँगा, मुझे काम देने के लिए आपका शुक्रिया सर”.मिस्टर हंटले ने शाम को अपनी वाइफ से उस स्टूडेंट का जिक्र किया तो वो बोली” तुमने इतने पोलाईट और एम्बिशियस लड़के को पहले कैसे ना बोल दिया और वो भी जो इतना इनिशिएटिव ले रहा हो”?”ऐसे ही मिशोरी (Missouri.) की एक टेलेंटेड लड़की की स्टोरी है. वो वुड कार्विंग में माहिर थी. वो घंटो अपने पापा के वर्क बेंच पे वुड कार्विंग की प्रक्टिस करती रहती थी. एक दिन उसने वुड के छोटे छोटे पीसेस के साथ एक एक्सपेरीमेंट किया. उसने उन छोटे-छोटे टुकडो से एक बड़ा सुंदर सा पपी बनाया और पिन के साथ अटैच कर दिया.

नेक्स्ट डे वो उस ब्रोच को स्कूल में पहन कर गयी. उसके फ्रेंड्स ने देखा तो उन्होंने ऐसे ही ब्रोच अपने लिए भी बनाने को बोला.और फिर क्या था? अगले दिन उसके सारे फ्रेंड्स अपने हैट्स और स्कार्फ में ऐसे ही क्यूट ब्रोच पहन के घूम रहे थे. लड़की ने ऐसे और भी ब्रोच बनाये और पिन के साथ जोडकर उन्हें बेचने लगी. उसका पपी पिन स्कूल में हिट हो गया था. सबको ये पपी पिन चाहिए थे इसलिए उस लड़की के पास अब शॉप स्टोर के आर्डर आने लगे. ऑर्डर इतने ज्यादा थे कि उसे अपने डैड, ब्रदर और सिस्टर की हेल्प लेनी पड़ी. पहले उसके पास अपनी ट्यूशन फी के पैसे नहीं होते थे लेकिन अब उसे इतने आर्डर मिलते थे कि पैसे की कोई प्रॉब्लम ही नहीं रह गयी थी.  

कनक्ल्यूजन (Conclusion) 

अगर आपको भी फर्स्ट टाइम अपने $1000 कमाने का मौका मिलेगा तो आप क्या करोगे? जो भी पैसा कमाओ उसे सोच समझ कर खर्च करो. आप इस पैसे को स्टॉक्स या बांड्स में इन्वेस्ट कर सकते हो. लेकिन जैसा कि कहावत है” डू नॉट पुट आल योर एग्स इन वन बास्केट” (Do not put all your eggs in one basket.") जब ज्यादातर लोग खरीद रहे हो उसी टाइम आप अपने स्टॉक्स बेच दो. और जब ज्यादा लोग बेच रहे हो तो आप उस टाइम अपने स्टॉक खरीदो. आपने इस बुक से कई सारे बिजनेस आईडियाज सीखे.

तो अगर आप भी इन आईडियाज से इंस्पायर है तो आज ही अपना बिजनेस स्टार्ट करो, जैसा आपने हर स्टोरी में पढ़ा कि एक सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर वही होता है जिसमे गट्स होते है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या है, कोई स्टूडेंट है, विडो है, यंग है या बेरोजगार है. आप जो कोई भी है, खुद का बिजनेस स्टार्ट करके पैसे कमा सकते है. आपने यहाँ ये भी सीखा कि बिजनेस में सेलिंग कैसे की जाए.,एक सेल्समेन की कॉमन इमेज है एक बातूनी इन्सान की जो पार्टी में भी चला जाए तो सेल्स के बारे में बात करना नहीं भूलता.

लेकिन अगर आप इस टाइप के नहीं भी है तो टेंशन मत लो, आप फिर भी सेल कर सकते हो. बस थोडा सा पैसन चाहिए और एक पर्पज होना चाहिए. आपने ये भी सीखा कि चीज़े बनाकर कैसे बेचीं जाए. प्रेक्टिस से ही कोई इंसान परफेक्ट बनता है. स्किल कोई भी हो, सीखी जा सकती है. जब आप किसी स्किल को सीखने में खूब सारी प्रेक्टिस करते है तो आप भी एक एक्सपर्ट बन जाते है. याद रखो कि हर एक्सपर्ट कभी एक बिगेनर था. आपको हमने ये भी बताया कि ग्रो करके और ब्रीडिंग से भी आप पैसा कमा सकते है.

फार्मिंग, फिश और हनी बी ब्रीडिंग या प्लांटिंग ये सब सुनने में थोडा मेहनत का काम लगता है लेकिन अगर आप शुरुवात करेंगे तो इसके डिफरेंट प्रोसेस से गुजरते हुए आपको बड़ा अच्छा लगेगा. चीजों को अपने सामने ग्रो करते हुए देखना काफी सेटिसफाइंग होता है. जैसे चिकेन या फिश ब्रीडिंग वगैरह. हमने आपको रोडसाइड बिजनेस के बारे में भी बताया जिसमे बस यही सीक्रेट है कि आपको ट्रेवलर्स की ज़रूरतों का ध्यान रखना है. आपका प्रोडक्ट या सर्विस उन तक पहुंचे इसके लिए रोड की साइड्स में विजिबल साइनबोर्ड लगाना ना भूले.

स्टोर कीपिंग का भी एक बिजनेस है जिसके बारे में हमने बात की थी. शायद आपके टाउन में बहुत सारे स्टोर्स होंगे लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि कुछ जॉब्स ऐसी होंगी जिसमे आप स्पेशलिस्ट होंगे तो उसी से रिलेटेड स्टोर ओपन करो, आफ्टरआल गुड प्रोडक्ट एंड सर्विसेस हमेशा डिमांड में रहते है. आपने स्माल बिजनेस प्रोमोटिंग के बारे में भी जाना. इसमें आपको कस्टमर्स के साथ अपना रिलेशनशिप मेंटेन करना है यही आपकी प्रायोरिटी होनी चाहिए. लेकिन हाँ बीच-बीच में अच्छे एड्स और प्रोमोस करना ना भूले जो आपके बिजेनस एक्स्पेंडिंग में हेल्प करेगा. कुछ नया और बेस्ट तरीका सोचे जिससे ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स अट्रेक्ट हो. और हमने आपको मेल के थ्रू सेलिंग का आईडिया भी दिया था.

लेकिन इसे शुरू करने से पहले अपनी टारगेट क्लाइंट लिस्ट रेडी करो, याद रखो, बेस्ट सेल्स लैटर वही होते है जो फ्रेंडली और पर्सनल मैनर में लिखे गए हो. सेल्स लैटर में कुछ मजेदार स्टोरीज़ एड करे और लैटर के लास्ट में आर्डर मेंशन करना ना भूले. आपको हमने सर्विस बेस्ड बिजनेस भी बताये. सर्विस बिजनेस में स्पेशलिस्ट होना बहुत ज़रूरी है तभी बिजनेस चल सकता है. अगर आपको लगता है कि आप भी किसी खास चीज़ के स्पेशलिस्ट है तो कॉम्पटीशंन के चांसेस ही नहीं रहंगे. अपने कस्टमर्स को हमेशा ज्यादा वैल्यू दो जिनसे उन्हें लगेगा कि आप उन्हें वैल्यू दे रहे है. इससे होगा ये कि कस्टमर्स हाई प्राइस में भी सिर्फ आपकी सर्विस चाहेगा. हमने आपको ये भी बताया कि पढाई के साथ-साथ कमाई कैसे की जाये.

खुद का काम शुरू करके आप अपनी पढ़ाई का सारा खर्च उठा सकते हो. लेकिन हर एंटप्रेन्योर की तरह उसके लिए भी बस गट्स होने चाहिए. एक वर्किंग स्टूडेंट काफी कुछ लेर्न करता है जो उसके केरेक्टर बिल्ड करने में हेल्प करता है. क्या आपके पास भी कोई बिजनेस आईडिया है? अब आपको मालूम हो गया होगा कि पैसे कमाने के अनलिमिटेड तरीके है, ज़रूरत है तो बस घर से निकलकर हार्ड वर्क करने की. सक्सेस पाने के रास्ते में कोई भी शोर्ट कट नहीं चलता, जो लोग आज सक्सेसफुल बिजनेसमेन है वो इसीलिए है क्योंकि उन्होंने कभी हार नही मानी और गिव अप नहीं किया.जैसा कि एक ओल्ड कहावत है” विनर्स नेवर क्विट एंड क्विटेर्स नेवर विन” ("Winners never quit and quitters never win." )

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