The Quick And Easy Way To Effective Speaking Hindi Summary

THE QUICK AND EASY WAY TO EFFECTIVE SPEAKING Hindi summary and Ebook download (pdf)

By- Dale Carnegie

The Quick And Easy Way To Effective Speaking

---------- About Book ----------

इस समरी में आप जानेंगे की कैसे आप पब्लिक स्पीकिंग से जुड़े अपने डर और चिंता को दूर कर सकते हैं।। आप सीखेंगे की पब्लिक स्पीकर भी एक इंसान होता है। वह गलतियां करता है और उसे भी स्टेज पर डर लगता है। लेकिन इम्पोर्टेन्ट यह है की आपमें हिम्मत,कॉन्फिडेंस और पक्का इरादा हो। प्रैक्टिस और इस समरी में बताये टिप्स की मदद से आप एक सक्सेसफुल पब्लिक स्पीकर बनने के लिए तैयार होंगे।  

इस समरी को किसे पढ़ना चाहिए ?

- जो पब्लिक स्पीकिंग से डरते हैं 

- जिन्हें कुछ दिनों या महीनों के बाद एक स्पीच देनी है     

- अलग अलग फील्ड के लीडर ( स्कूल ,ऑफिस या आर्गेनाईजेशन )    

ऑथर के बारे में 

डेल कार्नेगी एक फेमस राइटर और लेक्चरर थे। उन्होंने पब्लिक स्पीकिंग, सेल्समैनशिप, सेल्फ इम्प्रूवमेंट और कम्युनिकेशन स्किल्स के लिए कोर्स तैयार किये। वह डेल कार्नेगी ट्रेनिंग के फाउंडर हैं जिसकी अभी 85 देशों में ब्रांच हैं। 

डेल कार्नेगी एक गरीब परिवार से थे. वह एक फार्म में बड़े हुए। लेकिन उन्होंने अपनी राइटिंग और टीचिंग स्किल के दम पर जबरदस्त कामयाबी पायी। उनकी बुक्स की करोड़ों कॉपी बिक चुकी हैं। डेल कार्नेगी ट्रेनिंग ने 2012 में अपनी 100th एनिवर्सरी सेलिब्रेट की।   

---------- Summary ----------

The Quick And Easy Way To Effective Speaking

इंट्रोडक्शन 

आपको कैसा लगता है जब कोई किसी पार्टी में बोलने के लिए माइक्रोफोन आपकी तरफ करता है ? आप क्या करोगे जब आपको एक्सपर्ट के सामने एक रिपोर्ट पेश करने को कहा जाए? आप कैसे रियेक्ट करेंगे अगर आपको किसी कांफ्रेंस में एक स्पीच देने के लिए बुलाया जाए?

कुछ लोगों के लिए ऐसे मौके एक्साइटिंग और रोमांचक होते हैं और वो चाहते हैं कि उन्हें बोलने के ऐसे मौके और ज्यादा मिलें। लेकिन बाकी लोग ऐसे मौकों पर घबराने और चिंतित होने लगते हैं। अगर आप भी उस समय uncomfortable फील करते हैं जब स्टेज पर सबका ध्यान आप पर होता है तो यह बुक आपके लिए है।

यह बुक आपको एक अच्छा स्पीकर बनने में मदद करेगी। यह बुक दूसरी बुक्स की तरह बिल्कुल नहीं है. पब्लिक स्पीकिंग पर लिखी गयी काफी किताबें technique पर फोकस करतीं हैं जैसे की वोकल आर्टिकुलेशन (vocal articulation) ।

यह बुक इस बात पर फोकस करेगी कि आप कैसे ऑडियंस का ध्यान अपनी और खींच सकते हैं. यह बुक उन सक्सेसफुल लोगों की कहानी बताती हैं जिन्हें पब्लिक में अपनी बात रखने से डर लगता था या वो शर्माते थे लेकिन अब वो एक सक्सेसफुल स्पीकर हैं। लोग आज उनकी बातें दोहराते हैं और उनकी बातों ने कई लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है.  

यह बुक आपको किसी और के जैसा बनने को नहीं कहती. यह आपको अपने अंदर कॉन्फिडेंस , उम्मीद और पक्का इरादा पैदा करने में मदद करेगी।इस बुक को पढ़ने के बाद आप अपने अंदर के डर और चिंता को दूर कर पाएंगे। इस बुक की मदद से आप लोगों के बीच आराम से बोल पाएंगे। 

Acquiring the Basic Skills
बेसिक स्किल हासिल करना 

अगर आपको लोगों के बीच बोलने में डर लगता है तो आप जरूर चाहेंगे की इस डर पर काबू पाया जाये और शायद ये भी चाहेंगे की झिझक को दूर किया जाये। आप चाहेंगे कि आप कॉन्फिडेंट और शांत रहें. आप यह जरूर चाहेंगे कि आपके विचार इस तरीके से बोले जाएं कि वे आसानी से समझे जा सके। तो आप कैसे अपनी बात को साफ़-साफ़ रख सकते हैं जिससे कि लोगों को आपका पॉइंट समझने में मदद मिले।

पहला, आपको दूसरे लोगों के एक्सपीरियंस से सीखना चाहिए। कोई भी जन्म से पब्लिक स्पीकर नहीं होता। यह एक स्किल है जिसे आपको मास्टर करना पड़ता है. इसमें परफेक्ट होने में सालों लग सकते हैं।  

दूसरा,आपको हमेशा अपने गोल को माइंड में रखना है। आपको याद रखना है की सेल्फ कॉन्फिडेंट होने और असरदार तरीके से लोगों के बीच बोल पाने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।आप ज्यादा दोस्त बना पाएंगे और बेहतर तरीके से अपने समाज की सेवा कर पाएंगे। यहां तक की आप अपने ऑफिस में भी लोगों को influence कर पाएंगे। यह पता होना की अच्छी तरह से कैसे बोलना है,आपको लीडरशिप रोल के लिए भी तैयार करेगा।

तीसरा, यह ठान लें की आप सक्सेसफुल होंगे। इससे आप पॉजिटिव तरीके से सोच पाएंगे और विश्वास कर पाएंगे कि आप लोगों के बीच ठीक से बोल सकते हैं और इसमें सक्सेसफुल हो सकते हैं. एक नेगेटिव माइंडसेट से कुछ भला नहीं होता.

चौथा, आपको प्रैक्टिस करने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहिए। एक अच्छा स्पीकर बनने के लिए सिर्फ पब्लिक स्पीकिंग के DOs और DON'Ts जानना काफी नहीं है। आपको लगातार प्रैक्टिस करनी होगी। अगर आप प्रैक्टिस नहीं करते हैं तो आपको कभी पता नहीं चलेगा की आप कितनी प्रोग्रेस कर सकते हैं। 

इस बुक के राइटर Mr. Dale Carnegie को एक मैसेज मिला जिसे देख के वे चकित थे। यह मैसेज मारिओ लाजो नाम के एक आदमी ने भेजा था, उसने कार्नेगी को बताया की वह उनसे अपनी एक स्पीच के लिए ट्रेनिंग लेने न्यूयॉर्क आ रहा है। जब वे न्यूयॉर्क में मिले तो लाजो ने उन्हें अपनी प्रॉब्लम के बारे में बताया। 

हवाना कंट्री क्लब अपने फाउंडर का 50वां जन्मदिन मनाने वाला था। लाजो को उस शाम की main स्पीच देने और फाउंडर को सिल्वर कप भेंट करने के लिया बुलाया गया था। लाजो एक अटॉर्नी थे , लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी पब्लिक के सामने स्पीच नहीं दी थी. असल में वह लोगों के बीच स्पीच देने से बहुत डरते थे। उन्हें लगता था की एक ख़राब स्पीच की वजह से लोग उनका और उनकी पत्नी का मजाक बनाएंगे, इससे शायद क्लाइंट्स के बीच उनका सम्मान भी कम हो जाए। इसी वजह से वो न्यूयॉर्क आए थे।  

चैलेंज यह था की लाजो सिर्फ तीन हफ्ते न्यूयॉर्क में रुकने वाले थे और इसलिए उन्होंने हर रात तीन से चार बार कार्नेगी की क्लास में बोलने की प्रैक्टिस की। तीन हफ़्तों के बाद लाजो ने कंट्री क्लब में अपनी स्पीच दी. उनकी स्पीच इतनी शानदार थी की उसके बारे में टाइम मैगज़ीन ने एक रिपोर्ट लिखी। उन्होंने लाजो को “silver-tongued orator” बताया। 

यह दिखाता है की कई लोगों को पब्लिक स्पीकिंग पसंद नहीं थी लेकिन वे अब एक सक्सेसफुल स्पीकर हैं। यह चमत्कार आपके साथ भी हो सकता है। 

 Developing Confidence
अपने अंदर कॉन्फिडेंस लाना 

सिर्फ लोगों के बीच न बोल पाने के डर से आपने कितने मौका मिस कर दिए? ये कुछ टिप्स हैं जिनकी मदद से आप स्टेज के डर को हरा सकते है। इससे आपको कुछ ही हफ्तों में अपने अंदर कॉन्फिडेंस लाने में भी मदद मिलेगी। 

पहले, आपको कुछ चीजें जान लेनी चाहिए की आप अकेले नहीं हैं जिन्हे पब्लिक स्पीकिंग से डर लगता है। बहुत सारे लोग यहाँ तक की प्रोफेशनल स्पीकर को भी कभी कभी स्टेज पर जाने से डर लगता है।आप पब्लिक स्पीकिंग से इसलिए डरते है क्योंकि आपको इसकी आदत नहीं है। लगातार प्रैक्टिस करने से आप इस डर को अपने अंदर से निकाल सकते हैं। यह बिल्कुल पहली बार टेनिस खेलने या कार चलाने जैसा है। अगर आप प्रैक्टिस नहीं करेंगे तो आप कभी भी ये सब अच्छे से नहीं कर पाएंगे। 

दूसरा , अच्छे से तैयारी करें। कभी भी स्पीच का एक-एक शब्द याद ना करें क्योंकि आप शब्दों को भूल सकते हैं, जिसके कारण आप स्टेज पर घबरा सकते हैं. अपने खुद के शब्दों में बोलें ताकि आप एक्टिव और इफेक्टिव लगे ना की एक रोबोट। हालांकि आप पहले से अपनी स्पीच की आउटलाइन तैयार कर सकते हैं. इससे आप ये पक्का कर पाएंगे कि आपकी स्पीच एक लॉजिकल पैटर्न फॉलो करे और आपको दिए गए टाइम में फिट बैठे। अपनी स्पीच को अपने शब्दों में प्रैक्टिस करें। आप अपने दोस्तों के साथ भी इसकी प्रैक्टिस कर सकते हैं ताकि आपको उनका फ़ीडबैक मिल सके. 

तीसरा, सक्सेस पाने के लिए पॉजिटिव नज़रिए को अपनाएं। अपने सब्जेक्ट में अपना सब कुछ लगा दें और अपना पैशन ऑडियंस को दिखाएं। अपने आपको शाबाशी दें और बेहतर करने के लिए अपने आप को एनकरेज करें। 

आखिर में, कॉन्फिडेंट रहें। बोलने से पहले साँस लें, सीधे खड़े रहें और अपनी ऑडियंस से eye contact बनाये रखें। लोग सिर्फ आपको सुनाने आए हैं. इसलिए स्टेज को सँभालें और उन्हें दिखा दें आप क्या क्या कर सकते हैं.

वेन्स बुशनेल (Vance Bushnell) Equitable Life Assurance Society के वाइस प्रेसिडेंट थे, कुछ साल पहले उन्हें पूरे अमेरिका से आये 2000 लोगों के बीच बोलने के लिए बुलाया गया। उन्होंने insurance industry में अपना करियर अभी शुरू ही किया था लेकिन उनकी कामयाबी के कारण उन्हें 20 मिनट लम्बी स्पीच देने के लिए चुना गया। बुशनेल ने इसे एक्सेप्ट किया लेकिन उन्होंने एक गलती कर दी। उन्होंने अपनी स्पीच का एक-एक शब्द रट लिया और अपने हर हाव्-भाव (expression) को शीशे के सामने प्रैक्टिस कर लिया था। 

जब वह दिन आया, बुशनेल स्टेज पे खड़े हुए, लेकिन वे सब कुछ भूल गए। उन्होंने एक कदम पीछे लिया और दोबारा अपनी स्पीच को शुरू करने की कोशिश की।एक कहानी के लिए स्टेज सेट अप होना जरूरी है। स्टेज पर कोई भी रेलिंग नहीं थी और दीवार और स्टेज के पीछे बहुत ज्यादा खाली जगह थी। बुशनेल स्टेज पर पीछे की तरफ जाते रहे और अपनी स्पीच की कुछ लाइन्स को बार-बार दोहराने लगे। लेकिन जब चौथी बार उन्होंने अपना कदम पीछे लिया तो वो स्टेज से नीचे गिर गए और ऑडियंस जोर जोर से हँसने लगी। अच्छा हुआ की ऑडियंस को यह उनके एक्ट का की एक हिस्सा लगा।   

बुशनेल को इतनी शमिंदगी महसूस हुई की उन्होंने अपनी जॉब छोड़ देना चाहा। लेकिन उनके सीनियर्स से उनका रेजिग्नेशन एक्सेप्ट नहीं किया और उनके खोये हुए कॉन्फिडेंस को वापस लाने में उनकी मदद की। कुछ समय बाद बुशनेल उस (organization के सबसे अच्छे स्पीकर बन गए।उन्होंने अपनी स्पीच को फिर कभी नहीं रटा।    

Speaking Effectively the Quick and Easy Way
अच्छे और असरदार तरीके से बोलने का आसान रास्ता 

क्या आपने कभी किसी को एक मुश्किल सब्जेक्ट पर बोलते हुए सुना है ? क्या आप उस स्पीच को समझ पाए थे? जब वो बोल रहे होते हैं तो शायद आपका ध्यान इधर-उधर जाता होगा। चाहे आप कितने ही अच्छे क्यों न हों, पब्लिक स्पीकर होने में एक दोष भी है। आपकी ऑडियंस आपको नहीं सुनेगी अगर आप बहुत मुश्किल शब्द यूज़ करते हैं। उनका ध्यान आप पर नहीं होगा अगर आप सिर्फ किसी बुक में लिखी बातों को ही अपनी स्पीच में दोहराएंगे। आपको उस स्पीच में अपनी बातें कहनी होंगी जिससे कि ऑडियंस आप से जुड़ पाए। 

तो, आप एक शानदार स्पीच कैसे दे सकते हैं ,पहली बात, आपको सिर्फ उस पर बोलना चाहिए जिसकी आपको नॉलेज हो। आपकी स्पीच किसी ऐसे टॉपिक पर हो सकती हो जिसे आपने अच्छे से स्टडी किया हो, यह आपके प्रोफेशन के बारे में भी हो सकती है। यह आपकी जिंदगी की मुश्किलों और उनका आपने कैसे सामना किया, इसके बारे में भी हो सकती है। यह आपकी हॉबी के बारे में भी हो सकती है या वह आपके किसी यूनिक एक्सपीरियंस के बारे में हो सकती है। आपकी ऑडियंस जानती है कि आपने इसे याद किया है या आप दिल से बोल रहे हैं। इन्ही सब बातों से फर्क पड़ता है कि आपकी स्पीच सुनने लायक है या नहीं। 

दूसरा, अपने टॉपिक को लेकर एक्साइटेड रहें। अपनी ऑडियंस को अपना उत्साह दिखाएं। पॉजिटिव रहकर अपने टॉपिक के बारे में बातें करें। इससे ऑडियंस आपकी बातों पर ध्यान देगी, आपको और ज्यादा सुनना चाहेगी.  

तीसरा, अपनी बात ऑडियंस के साथ शेयर करने के लिए उत्सुक(eager) रहें। आपका excitement आपकी ऑडियंस तक पहुंचना चाहिए। अपना ध्यान ऑडियंस पर रखें न की खुद पर। अपनी बात ऐसे शब्दों में कहें जिन्हें वे समझ सकें। 

कार्नेगी ने एक बार न्यूयॉर्क सिटी बैंक के ऑफिसर्स के लिए एक पब्लिक स्पीकिंग कोर्स organize किया। ये ऑफिसर्स बहुत बिजी रहते थे उनके पास कोर्स के लिए बहुत कम समय बचता था। जैक्सन, जो कि सिटी बैंक के एक ऑफिसर थे, उन्हें क्लास को एक स्पीच देने के लिए कहा गया। दरअसल वो इसके लिए तैयार नहीं थे। जल्दीबाजी में वो अपने ऑफिस के बाहर से फोर्बेस मैगज़ीन (Forbes’ Magazine) की एक कॉपी खरीद लाये और फिर वे क्लास के लिए चल पड़े। 

अपनी स्पीच के लिए उन्होंने मैगज़ीन के एक आर्टिकल को पढ़ा जिसका टाइटल था "सफल होने के लिए आपके पास सिर्फ दस साल हैं "। जैक्सन ने इस आर्टिकल के बारे में बात करने की कोशिश की लेकिन वो कामयाब नहीं हुए, उनकी स्पीच में कोई रियल मैसेज नहीं था। यह उनकी बॉडी लैंग्वेज और आवाज से साफ़ पता चल रहा था। जब उन्होंने अपनी स्पीच खत्म की तो कार्नेगी ने उन्हें बताया की उनकी स्पीच में उनका खुद का कुछ भी नहीं था। लोग यह नहीं सुनना चाहते की फ़ोर्ब्स मैगज़ीन के ऑथर ने क्या कहा है। लोग जैक्सन और उनकी सोच के बारे में जानना चाहते थे। 

जैक्सन ने वह आर्टिकल फिर से पढ़ा। उन्हें एहसास हुआ की वह उस मैगजीन में लिखी बातों से बिल्कुल सहमत नहीं थे। इसलिए अब उन्होंने अपनी स्पीच के लिए एक बैंक executive के तौर पर अपने experiences को याद किया। अगले हफ्ते वो वापस आये और क्लास से बातें की, अपने एक्सपीरियंस शेयर किये और क्लास में लोगों ने उनकी बातें बड़े ध्यान से सुनी। यह साफ़ था की उनकी दूसरी स्पीच ज्यादा असरदार थी। इसी तरह आप भी एक सक्सेसफुल स्पीकर बन सकते हैं। 

Earning the Right to Talk
बोलने का अधिकार हासिल करना 

अगर आपको एक अच्छा स्पीकर बनना है तो आपको पता होना चाहिए की ऑडियंस की दिलचस्पी कैसे बनाए रखें। आइये जानते है कुछ ऐसे तरीके जो इसमें आपकी मदद करेंगे। 

पहला, अपनी स्पीच के सब्जेक्ट को लिमिट करें।अपने टॉपिक को छोटा करें ख़ासकर जब आपको लिमिटेड टाइम दिया गया हो उस पर बात करने के लिए। क्या होगा अगर आप अपनी स्पीच में दुनिया भर की बातें करने लगे? शायद आपकी ऑडियंस उबासी लेने लगेगी. एक टॉपिक पर फोकस करने से आपकी ऑडियंस आपको बेहतर समझ पाएगी. यह आपको एक लॉजिकल पैटर्न फॉलो करने में भी मदद करेगा. 

दूसरा,आपके पास रिज़र्व पावर होनी चाहिए। रिसर्च और स्टडी करके आपको अपने टॉपिक के बारे में जानना चाहिए। इस तरीके से आप अपने विचारों को साफ़-साफ़ रख पायेंगे। यह आपको ऑडियंस में से पूछे जाने वाले सवालों के लिए भी तैयार करेगा। 

तीसरा, आपकी स्पीच में ज्यादा से ज़्यादा example और illustration होने चाहिए। अपने एक्सपीरियंस को ऑडियंस के साथ शेयर करके अपनी बात को एक ह्यूमन टच दें। लोग आपके बारे में सुनना पसंद करेंगे बशर्ते आप कोई भद्दी बात ना करें। नाम यूज़ करके अपनी बात को पर्सनलाइज़ करें। आप अपने example में मन के बनाये नाम भी यूज़ कर सकते है। इससे ऑडियंस को यह समझने में मदद मिलेगी की किसने क्या कहा और किसने क्या किया। अगर आप और ज्यादा कुछ करना चाहते हैं तो अपने example में डायलॉग यूज़ करके उसे ड्रामा का रूप दे सकते है। ऑडियंस से बात-चीत करके आप अपनी टॉक को ज्यादा रिलेटेबल बना सकते हैं।  

चौथा, मजबूत और ऐसे जाने पहचाने शब्द यूज़ करें जो माइंड में picture बनाते हों। अपनी ऑडियंस के लिए एक रीयलिस्टिक पिक्चर क्रिएट करें। जैसे कि जब आप “dog” कहते हैं तो ऑडियंस के माइंड में अलग-अलग तरह के dog आ सकते हैं पर आप जब "बुलडॉग" या "जर्मन शेफर्ड" बोलते हैं तो पिक्चर और क्लियर हो जाती है। 

बेस्ट सेलिंग बुक "इनसाइड" के ऑथर जॉन गनथर मेन्टल हॉस्पिटल्स के बारे में एक आर्टिकल सीरीज पर काम कर रहे थे। वे जिस भी इंस्टिट्यूट में गए उन्होंने वहाँ छान बीन की और जानकारि जुटाईं। गनथर ने जानकारियों के लिए अलग-अलग सोर्स यूज़ किए। उन्होंने नेशनल और लोकल गवर्नमेंट की रिपोर्ट के साथ साथ प्राइवेट हॉस्पिटल की statistics को भी स्टडी किया. हालाँकि इस सबसे वे सिर्फ चार ही आर्टिकल लिख पाए। यह एक अच्छी स्पीच बनाने के लिए काफी था।     

जो नोटबुक उन्होंने अपनी रीसर्च के दौरान यूज़ की, उनका वेट लगभग बीस पाउंड रहा होगा। लेकिन जो आर्टिकल पब्लिश हुआ वह कुछ ही ounce का था. गनथर हमें बताते हैं कि सब कुछ शामिल करने की जरुरत नहीं है। सिर्फ जरुरी पॉइंट्स को ही लिखना चाहिए, बिलकुल वैसे ही जैसे एक पब्लिक स्पीच देते समय करते हैं। बाकि सारे फैक्ट्स को अपनी रिज़र्व पावर की तरह फ्यूचर यूज़ के लिए अलग रखें। 

Delivering the Talk
अपनी बात कहना 

 कैसे आप ऑडियंस से कनेक्ट करते हुए अपनी बात कह सकते हैं? आपको कैसे पता की आप जो बोल रहे हैं उसे वे वैसा ही समझ रहे हैं? सबसे पहले, आपको झिझक के shell को तोड़ना होगा। आपको हर उस बाधा को हटाना होगा जो आपको सच्चाई से बोलने और अपने असल रूप को लोगों के सामने लाने से रोकती है। एक बार जब आप खुद को स्टेज पर आज़ाद कर देंगे, तो आप उस पक्षी की तरह फील करेंगे, जो अपने पिंजरे से निकलकर उड़ गया है।

दूसरा, दूसरों की नक़ल करने की कोशिश ना करें। अपने जैसा बने। आपमें एक अलग बात है। हमेशा याद रखें कि आपके जैसा कोई और नहीं है। खुद की कद्र करें और उन्हें दिखाएं कि आप कौन हैं.    

तीसरा, अपनी ऑडियंस से बात करें, अपने मैसेज को अपने दिल और दिमाग से ऑडियंस के दिल और दिमाग तक पहुचायें। यह समझें कि आप हर एक से बात कर रहे हैं। उनसे सीधे और नैचुरली बात करें। 

चौथा,आपको अपनी बात दिल से कहनी चाहिए। अगर आप अपने टॉपिक को लेकर पैशनेट हैं तो आपको लोगों के बीच इसके बारे में बात करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। याद रखें कि आपकी एनर्जी और जोश ऑडियंस तक पहुंचनी चाहिए। 

आखिरी बात, अपनी आवाज को स्ट्रांग और फ्लेक्सिबल बनाएं। जैसे-जैसे आप रेगुलर प्रैक्टिस करेंगे आपकी परफॉरमेंस और बेहतर होगी। अपनी आवाज की पिच, वॉल्यूम, स्पीड और वेरिएशन चेक करने के लिए आप अपना वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। इसकी मदद से आप स्टेज पर जाने से पहले ही अपनी स्पीच अपने दोस्तों को सुना सकते हैं।  

एक बार कार्नेगी स्विस ऐल्प्स (Swiss Alps) के एक समर रिसोर्ट में गये। वे उस होटल में रुके जहाँ इंग्लैंड के कुछ लेक्चरर हर हफ्ते होटल के गेस्ट से बात करने आया करते थे। उनमे से एक जानी पहचानी इंग्लिश नॉवेलिस्ट थीं और उनका टॉपिक था "द फ्यूचर ऑफ़ नोवेल"

जब वह बोलीं तो उन्होंने बताया कि यह टॉपिक उन्होंने चूज़ नहीं किया था। उनके शब्द क्लियर नहीं थे और उन्होंने ऑडियंस की तरफ देखा तक नहीं। ऐसा लग रहा था मानो वह उन्हें अनदेखा कर रहीं हों। वह कभी अपने नोट्स तो कभी ज़मीन की ओर देख रही थीं। वह न सिर्फ अपने टॉपिक से बल्कि ऑडियंस से भी कनेक्टेड नहीं लग रहीं थीं। 

ऐसा लग रहा था मानो वह लोगों से नहीं ज़मीन से बातें कर रहीं हों। अगर आपको एक अच्छा और असरदार स्पीकर बनना है तो आपको ऐसा करने से बचना होगा। हमेशा अपनी बात पूरे जोश और जुनून के साथ साथ कहें और सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात, अपनी ऑडियंस से कनेक्ट करें। 

कन्क्लूज़न (conclusion)

इस बुक से आपने सीखा की कोई भी जन्म से एक पब्लिक स्पीकर नहीं होता। प्रोफेशनल पब्लिक स्पीकर को भी थोड़ा डर लगता है जब वे स्टेज पर होते हैं। सबसे ज्यादा जो बात मायने रखती है वह है प्रैक्टिस करते रहना। 

आपने सीखा की स्पीच देते समय अपना गोल माइंड में रखना है। पब्लिक स्पीकिंग के फायदे के बारे में सोचना है और अपनी चिंता और डर से छुटकारा पाना है। पब्लिक स्पीकिंग से आप नए दोस्त बना सकते हैं और अपने करियर को बेहतर कर सकते हैं। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सक्सेस को अपनी ओर खीचें। अगर आप सोचेंगे कि आपकी स्पीच अच्छी जाएगी तो सच में ऐसा ही होगा। 

आपने सीखा की कैसे अपनी स्पीच को समय से पहले तैयार करना है। अपनी स्पीच का एक-एक शब्द याद न करें। ऐसा करने से आप एक रोबोट की तरह लगेंगे। इससे आप अपने शब्द भूल भी सकते हैं। हमेशा अपने दिल से बोलें और अपने आपको रोकें नहीं। ऑडियंस आपके इमोशंस से आपको बेहतर समझ पायेगी।  

एक अच्छे पब्लिक स्पीकर को कॉन्फिडेंट दिखना और होना चाहिए। याद रखें लोग आपको देखने और सुनने आते हैं। स्टेज को कंट्रोल करें। ऐसा टॉपिक चुनें जिसको लेकर आप बहुत पैशनेट हों। इससे आपको ऑडियंस के सवालों का जवाब देने में भी मुश्किल नहीं होगी। 

एक सक्सेसफुल पब्लिक स्पीकर बनना एक प्रोसेस है। कोई सिर्फ एक दिन में एक शानदार स्पीकर नहीं बन जाता। इसलिए आपको इस बुक में बताये गए सारे टिप्स अप्लाई करने चाहिए। एक दिन आप भी अपने लिए तालियां बजते हुए और लोगों को अपने सम्मान में खड़े होते हुए देखेंगे। तो पेशेंस रखिये और प्रैक्टिस करते रहिये।

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