The Science of getting Rich hindi Full book by gigl

The Science of Getting Rich-(Full Book) Summary in Hindi

By- Wallace D. Wattles

The science of getting rich book summary in hindi


---------- ABOUT BOOK ----------

About Book
ये बुक आपको सिखाती है कि अमीर कैसे बना जाए और अगर आप अमीर हो तो और अमीर कैसे बना जाए. इससे आप सीखेंगे कि अपने सपने को कैसे पूरा किया जाए. ये एक सच्चाई है कि हर एक इंसान अमीर बन सकता है. लेकिन इसका सीक्रेट आपको इस बुक में मिलेगा. एक बार इस बुक की टेक्नीक्स फोलो करके देखो फिर जैसी लाइफ जीने का सपना आप देखते थे, वो जरूर पूरा होगा. तो क्या आप अमीर बनने को तैयार है ? तो आज ही उस बुक को पढ़कर अमीर बनने के साइंटिफिक तरीके को जानिए. 
  ये बुक किस किसको पढनी चाहिए? 
डेली वेजर्स को, हर फील्ड में काम करने वाले लोगो को, हर उस इंसान को जो अमीर और सक्सेसफुल बनना चाहता है. हर उस इंसान को जो बड़े सपने देखता है, और जो लाइफ में काफी कुछ अचीव करना चाहता है. 

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---------- SUMMARY ----------

चैप्टर ----1 *द राइट टू बी रिच* (अमीर बनने का अधिकार)

लोग गरीबी के बारे में चाहे जो मर्जी कहें, लेकिन सच तो यह है कि अमीर बने बिना आप सुखी और सफल जीवन नहीं जी सकते। जब तक हमारे पास बहुत सारा पैसा ना हो तब तक हम अपनी मैक्सीमम अब्लीटी तक कभी नहीं पहुँच सकते और ना ही खुश रहे सकते हैं; अपने गुणों को बढ़ाने के लिए हम कई चीजों का यूज़ करते है, ऐसा हम तब तक नहीं कर सकते जब तक उन्हें खरीदने के लिए हमारे पास पैसा ना हो।

 

एक आदमी अपने शरीर,दिमाग,और आत्मा का विकास करने के लिए कई चीजों का यूज़ करता  है, हमारी इस सोसाइटी का यह मानना है, कि किसी भी चीज का मालिक बनने के लिए आपके पास बहुत पैसा होना चाहिए; इसलिए,हर इंसान को जीवन में आगे बढ़ने के लिए अमीर होना जरूरी है।  हर इंसान का मोटिव होता है आगे बढ़ना; और हर जीवत चीज का मोटव होता है कि वह जितना हो सके उतना आगे बढ़े।   

 

इंसान के लिए जीने के हक का मतलब है कि उन सभी चीजों का आज़ादी और बिना किसी रोक-टोक के यूज करना जो उसके शरीर ,दिमाग ,और आत्मा के विकास के लिए जरूरी है; या, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो उसके अमीर होने का हक ।

 

इस किताब में मैं किसी भी रूप में प्रॉपर्टी की बात नहीं करूंगा; सच में अमीर होने का मतलब थोड़े में सेटिस्फाई होना नहीं है। किसी भी इंसान को कम में खुश नहीं होना चाहिए अगर उसे लगे कि उसके अंदर ज्यादा कैपेबिलिटी है।नेचर का मोटिव है जिंदगी का विकास करना और उसे रोशन करना; और हर इंसान के पास वह सब कुछ होना चाहिए जो उसकी ताकत को बढ़ा सकें; शान, सुंदरता और अमीरी इससे कम में संतुष्टि कभी नहीं करनी चाहिए।

 

वह इंसान जिसके पास सब कुछ है और वह अपने जीवन को खुशी से जीना चाहता है वो सबसे बड़ा अमीर है; और जिसके पास पैसा नहीं है तो वह इंसान अपने जीवन में वह सब नहीं ले सकता जो वह लेना चाहता है, ऐसा इंसान अपना जीवन दुख में ही जीता है। जीवन इतना विकास कर चूका है, और इतना कठिन हो गया है, कि एक नार्मल आदमी और औरत को भी जीवन जीने के लिए इतना पैसा चाहिए जिससे वह अपना आसानी से जी सकें। हर इंसान यह चाहता है कि वह जो भी चाहे उसे मिल जाए; अपनी हर इच्छा को पूरा करना इंसान का नेचर है; जीवन में सफल होने का मतलब है वो सब कुछ मिल जाना जो आप चाहते है; और कुछ इम्पोर्टेन्ट चीजों का यूज कर के ही आप सफल हो सकते है। लेकिन आप उन इम्प्रोटान्त चीजों को आसानी से तभी यूज कर सकते है जब आपके पास पैसा होगा। इसलिए अमिर बनने की साइंस  जानना बहुत जरूरी है।

 

अमीर बनने की चाहत रखना कोई गलत बात नहीं है। अपना जीवन खुशियों से जीने के लिए और अपनी सभी इच्छाओं को पूरा करने के लिए ज्यादा पैसा कामना कोई गलत बात नहीं है; यह बिलकुल नार्मल है, और ऐसी चाहत रखना अच्छी बात है। जो इंसान अपने जीवन को खुशियों से जीने की इच्छा नहीं रखता है वह इंसान नॉर्मल ही नहीं हो सकता। हमारे जीवन जीने के लिए तीन मोटिव हैं जिन्हें लेकर हम जीते हैं; हम अपने शरीर के लिए, अपने मन के लिए, और अपनी आत्मा के लिए जीते है।  इन तीनों में से कोई भी एक दूसरे से कम नहीं है; यह तीनों एक बराबर है, इंसान इन तीनों के  बिना अपना जीवन नहीं जी सकता।  अगर आप सोचे की आप सिर्फ आत्मा के  लिए जीना चाहते है; मन और शरीर के लिए नहीं तो यह गलत होगा।

 

हम जानते हैं कि सिर्फ शरीर के लिए जीते  हुए आत्मा और मन पर ध्यान न देने के रिजल्ट गलत और बुरे हो सकते हैं ;हम जानते है की जीवन जीने का मतलब है कि तीनो को साथ ले कर चलना ,इंसान अपने हावभव इन तीनो के साथ ही देखा सकता है। चाहे कोई कुछ भी कहे, लेकिन एक इंसान तब तक खुश नहीं रह सकता, जब तक उसका पूरा शरीर एक साथ काम नहीं करता ,जब आपका शरीर एक साथ काम नहीं करता तो आप अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पाते वह अधूरी रहा जाती है। इच्छा एक तरह की संभावना ही होती है, जो चाहती है की उसे काम में लाया जाए।  

 

एक इंसान अपना जीवन खुशी से तब तक नहीं जी सकता जब तक उसके पास अच्छा खाना, अच्छे कपड़े, और आरामदायक घर न हो;कोई भी इंसान ज्यादा मेहनत करने से छुटकारा पाना चाहता है क्योंकि ज्यादा मेहनत की वजह से वह परेशान रहने लगता है। हर किसी को टाइम- टू- टाइम आराम और मनोरंजन की जरूरत होती है।  

 

वह अपने दिमाग से भरपूर जीवन नहीं जी सकता अगर उसके पास किताबें नहीं है, और उन किताबों को पढ़ने का समय नहीं है, यात्रा करने का और चीजों की देखभाल करने का समय नहीं है,दिमागी ज्ञान के बिना भी वह पूरी तरह नहीं जी सकता।

 

सच कहे तो दिमागी तौर पर जीने के लिए, हमें अलग-अलग चीजों में इंटरेस्ट दिखाना चाहिए हमें कला और सुंदर दिखने वाली चीजों से अपने आपको घेरे रखना चाहिए ,ताकि हम उनका यूज कर सकें और एंटरटेन हो सकें।   

 

आत्मा में पूरी तरह जीने के लिए हमारे पास प्यार होना चाहिए; और प्यार पूरी  तरह तब तक दिखाया नहीं जा सकता जब तक हम गरीबी में फंसे हुए हो। एक इंसान सबसे ज्यादा खुश तब होता है जब  वह अपने चाहने वालों को गिफ्ट या उनके साथ अपना प्रॉफिट शेयर करता है; क्योंकि प्यार का दूसरा मतलब ही देने है।  

 

जिस इंसान के पास देने के लिए कुछ भी नहीं है वह पिता, पति, नागरिक और खुद इंसान होने के साथ जस्टिस नहीं कर सकता। लग्जरी आइटम से ही इंसान अपनी जरूरतें पूरी करता है और शरीर को सुख दे पाता है, वह अपने दिमाग का विकास और अपनी आत्मा को जगा सकता है  इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि वह  अमीर बने।

 

अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपकी इच्छा बिल्कुल सही है; अगर आप एक नॉर्मल इंसान हैं आप ऐसा किए बिना रह नहीं सकते। यह भी जरूरी है कि आप अमीर बनने के विज्ञान पर पूरा पूरा ध्यान दें., क्योंकि यह बहुत इंपॉर्टेंट है। सच कहा जाए तो इस बात को इंपॉर्टेंस ना देना अपने साथ, भगवान के साथ, और मानवता के साथ लापरवाही दिखाना है।;क्योकि भगवन की और मानवता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है।  

चैप्टर ----2
अमीर बनने के लिए साइंस  - (देयर इज अ साइंस ऑफ गेटिंग रिच)

अमीर बनने का भी एक विज्ञान है, जो  बिल्कुल ऐलजेब्रा और अर्थमैटिक की तरह ही है। इसके कुछ रूल्स होते हैं; और जो कोई भी इन रूल्स को फॉलो करेगा वह अमीर बन जाएगा।

 

एक खास तरीके से काम करने पर ही आप प्रॉपर्टी और पैसा के मालिक बना सकते हैं; जो लोग गलती से या जान बूझकर  इन तरीकों से काम करते हैं, वह अमीर बन जाते हैं; दूसरी तरफ जो लोग इन तरीकों से काम नहीं करते हैं , वह चाहे कितनी भी मेहनत करें या कितनी भी नॉलेज रखते हो वह हमेशा गरीब ही रहते हैं।

यह एक नेचुरल लॉ है जिस तरह से आप काम करते है उसके रिजल्ट भी आपको वैसे ही मिलते है; इसलिए कहते है कि कोई भी आदमी या औरत इस खास  तरीके से काम करता है तो वह अमीर बन जाता है। नीचे दिए गए फैक्ट ऊपर लेखी गई स्टेटमेंट को सही प्रोफ करते है:

अमीर बनने के लिए किसी खास एनवायरमेंट का होना जरूरी नहीं है, क्योंकि अगर ऐसा होता, तो किसी खास जगह के सभी लोग अमीर होते; और उनके पास बहुत पैसा होता, वहीं दूसरी और उनके पड़ोसी गरीब होते और उनके पास पैसों की कमी होती।

लेकिन हर जगह ऐसा नहीं होता है हमें अमीर और गरीब लोग एक ही जगह पास पास रहते हुए और एक जैसा काम करते हुए मिल जाते हैं, जब दो अलग लोग  एक साथ रहते है और एक जैसा काम करते है, तो उन में से एक अमीर और दूसरा गरीब  बन जाए तो इस बात से यह है साबित हो जाता है कि अमीर या गरीब होने में इन्वायरमेंट का कोई रोल नहीं होता है। हो सकता है कि कुछ खास माहौल में काम करने से तरक्की मिलती हो, लेकिन जब एक ही बिजनेस करने वाले दो लोग, जिन में से एक को सफलता मिलजाए और दूसरा को सफलता न मिले , तो इससे साफ हो जाता है की वह इन्वायरमेंट की वजह से नहीं बल्कि अपने नॉलेज और स्किल की वजह से आमिर बना है।

इससे यह बात साफ हो जाती है, कि अमीर बनने का बेसिक कारण कुछ और ही है इसका टैलेंट से कोई लेना देना नहीं है, अमीर बनने का संबंध इस बात से भी नहीं है कि कोई कितना टैलेंटेड है, क्योंकि टैलेंटेड होते हुए भी कुछ लोग गरीब रह जाते हैं,जबकि दूसरी तरफ कम टैलेंटेड लोग भी अमीर बन जाते हैं। अमीर लोगों के बारे में पढ़ने से यह पता चलता है कि वह भी की चीजों में एवरेज हैं, उनमें नॉर्मल लोगों से ज्यादा गुण या अब्लीटी नहीं होती। वह किस नॉलेज  की वजह से अमीर नहीं बल्कि इसलिए अमीर बनते हैं क्योंकि वह अलग तरीकों से काम करते हैं।

बचत करने, या "कम खर्चा" करने की वजह से कोई अमीर नहीं बनता; बहुत से कंजूस इंसान भी गरीब रह जाते हैं, जबकि ज्यादा पैसा खर्च करने वाले अमीर बन जाते हैं। 

ऐसा नहीं है कि कोई इसलिए अमीर बन जाता है क्योंकि वह जो काम करता है वह दूसरे नहीं कर  पाते, एक ही बिजनेस में दो लोग लगभग एक जैसा ही काम करते हैं, फिर भी एक अमीर बन जाता है और गरीब या बैंकक्रप्ट हो जाता है। अगर अमीर होना अलग तरीके से काम करने का फल है, तो यह एक विज्ञान है। क्योंकि जैसा काम हम करते हैं हमें उसका वैसा ही रिजल्ट मिलता है, इसलिए अगर कोई भी खास  या अलग तरीके से से काम करता है, तो वह अमीर बन सकता है। इन सब बातों से हम इस कंक्लूजन पर पहुंच सकते हैं कि किसी खास तरीके से काम करके ही अमीर बना जा सकता है।

अमीर बनना किसी खास तरीके से काम करने का रिजल्ट है, और जो हम काम करते हैं उसका वैसा ही रिजल्ट मिलता है, इसलिए कोई भी इंसान उस खास तरीके से काम करके अमीर बन सकता है, तो इस मामले को कहा जा सकता है कि यह एग्जैक्ट साइंस है अमीर बनने की।

अब सवाल यह उठता है, कि क्या खास तरीके से काम करना इतना मुश्किल है क्योंकि  यह सब की समझ में यह नहीं आता। यह सच नहीं हो सकता, क्योंकि जब हम अपने आसपास देखते हैं तो हमें खुद ही इसका जवाब मिल जाता है।अगर टैलेंटेड लोग अमीर बनते हैं और तो कुछ मूर्ख लोग भी; अगर  नॉलेज की वजह से लोग अमीर बनते हैं,तो  जिनकी नॉलेज कम होती है वह भी अमीर बन जाते हैं; हेल्दी लोग भी अमीर हो सकते हैं, और कमजोर लोग भी ।  

कुछ हद तक सोचने और समझने का गुण होना जरूरी है , लेकिन जहां तक नेचरल एबिलिटी के बात है,  तो कोई भी आदमी या औरत जिसके पास इन शब्दों को पढ़ने और समझने के गुण है, वह आमिर बन सकता है।   

हमने यह देखा, कि इसमें किसी खास इन्वायरमेंट का कोई रोल नहीं है। एक पार्टिकुलर जगह कुछ लोगों के लिए जरूरी होती है; अगर ऐसा होता तो कोई भी इंसान सहारा के जंगलों के बीच जा कर सफलता की  उम्मीद कर सकता है।    

अमीर बनने के लिए दूसरे लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करने की जरूरत होती है, अमीर बनने के लिए दूसरों से कॉन्टैक्ट करना भी जरूरी है,और ऐसी जगह रहना भी जरूरी है जहाँ के लोग आप के साथ आसानी से कॉन्टैक्ट कर सकें;अगर वह लोगों भी आप की ही तरह खास तरीके से काम करने में इंट्रेस्टेड है तो यह आप के लिए अच्छी बात है। लेकिन यह तो सिर्फ इन्वायरमेंट की ही बात है।    

अगर आपके शहर में कोई भी अमीर बन सकता है, तो आप क्योँ नहीं; और अगर आपके आस पास सभी लोग  अमीर  है, तो आप भी अमीर बन सकते है।       

एक बार फिर, इसका बिजनेस और जो काम आप करते है उससे कोई लेना देना नहीं है। किसी भी तरह का काम करने से लोग अमीर बन सकते है; जबकि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो एक तरह का या सेम काम करके भी गरीब ही रह जाते हैं।    

यह बात भी बिल्कुल सच कि आप उस काम को बहुत अच्छे से  करते है जो आपको पसंद हो, और जो आपके अकॉर्डिंग हो ;और अगर आप के अंदर बहुत टैलेंट और अब्लीटी  है, तो आप अपने टैलेंट से अपने काम को  बहुत आगे तक ले जा सकते हैं।   

इसके अलावा आप उस बिज़नेस  में अच्छा  कर सकते हैं जो आपकी एरिया के हिसाब से सूटेबल हो या कह सकते  हैं की उस एरिया में वो काम जायदा अच्छा चल सकता हो।; अगर मान लीजिए एक आइसक्रीम पार्लर ग्रीनलैंड में होने की वजह किसी गर्म इलाके में मिले तो ज्यादा प्रॉफिट देगा ,वैसे ही साल्मन मच्छी का बिजनेस भी फ्लोरिडा की जगह नार्थ वेस्ट में ज्यादा सफल होगा ,क्योंकि फ्लोरिडा में साल्मन मछली नहीं पाई जाती।     

लेकिन इन सब बातों के अलावा, आपका अमीर बनना भी इस बात पर डिपेंड नहीं होता कि आप क्या बिजनेस करते हैं, यह तो इस बात पर डिपेंड होता है कि आप एक खास तरीके से काम करना सीखते हैं या नहीं। अगर आप कोई बिजनेस करते हैं,और आपके एरिया का हर आदमी सेम बिजनेस करके सफल हो रहा है,लेकिन आप सफल नहीं हो पा रहे, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि आप उस तरीके से काम नहीं कर रहे है जैसे बाकि लोग कर रहे है।   

पैसों की कमी किसी को अमीर बनने से नहीं रोक सकती। यह बात सच है, कि जैसे ही आपको एक साथ ज्यादा पैसा मिलना शुरू होती है तो आपको सफलता बहुत आसानी से और तेजी से मिलने लगती है; लेकिन अगर किसी के पास ज्यादा पैसे हैं तो वह पहले से ही अमीर है, और उसे यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि वह अमीर कैसे बने। चाहे आप कितने ही गरीब क्यों ना हो, पर आप सही तरीके से काम करेंगे तो आपके अमीर बनने की शुरुआत हो जाएगी; और आपके पास भी पैसा इकठा होना शुरू हो जाएगा। पैसा इकट्ठा होना अमीर बनने की पहली सीढ़ी है; और यह रिजल्ट का वह हिस्सा है जो आपके ठीक तरह से काम करने के बदले में मिलता है।   

आप दुनिया के सबसे गरीब आदमी हो सकते हैं, और बुरी तरह उधार में भी फंसे हो सकते हैं; आपके पास न ही कोई दोस्त है, ना ही कोई जान पहचान,और ना ही कोई टूल्स, लेकिन अगर आप ढंग से काम करना शुरू करेंगे,तो सच में अमीर बन जाएंगे, क्योंकि जैसा आप काम करेंगे आपको वैसे ही रिजल्ट्स मिलेंगे ।  

अगर आपके पास इकट्ठा पैसा नहीं है, तो आपको पैसे मिल सकते हैं; अगर आप गलत बिजनेस कर रहे हैं, तो आप उसको छोड़ कर दूसरा बिजनेस शुरू कर सकते हैं; अगर आप किसी गलत इन्वायरमेंट में हैं, तो आप सही इन्वायरमेंट में जा सकते हैं; सफलता पाने के लिए आप ऐसा पुराने काम में और पुरानी जगह रह कर भी कर सकते हैं। आपको बस उस तरीके से काम करना है जिससे आपको आसानी से सफलता मिल जाए।

चैप्टर-- 3 
इस ओपर्चुनिटी मोनोपलाइज्ड ?

 

कोई भी आदमी इसलिए गरीब नहीं रहता क्योंकि दूसरों ने उससे मौका छीन लिया है; या पैसों पर अपना हक़ बना कर, उसके चारों और एक दीवार बना दी हो।  यह हो सकता है कुछ खास जगहों पर आपको काम करने से रोका जाए लेकिन आपके पास और कई  दूसरे रास्ते खुले होते हैं। सोसाइटी का डेवलपमेंट स्टेप बाय स्टेप होता है । यह सच है कि आपके लिए किसी भी रेलवे सिस्टम पर कंट्रोल करना मुश्किल होगा; वह एरिया बहुत अच्छी तरह से मोनोपलाइज्ड है।लेकिन इलेक्ट्रिक रेलवे का बिजनेस अभी भी अपनी स्टार्टिंग स्टेज पर में है,और इसमें आगे बढ़ने के काफी मौके मिलते है; एयरवेज और ट्रांसपोटशन का काम कम टाइम बहुत बड़ा बिज़नेस नहीं बन जायेगा, जो सैकड़ों हजारों लोगों को एक साथ काम दे सकें। जे.जे हिल्स और बाकी स्टेम रेलवे के साथ कम्पीट करने की बजाय क्यों नहीं हम एरियल ट्रांसपोर्टेशन की ग्रोथ की तरफ ध्यान देते हैं।  

यह  बात बिल्कुल सच है कि अगर आप स्टील ट्रस्ट में काम करते हैं और आप चाहते है कि आप उस बिजनेस के मालिक बन जाए तो यह पॉसिबल नहीं हो पता है; लेकिन यह भी सच है कि अगर आप एक खास तरीके से काम करना शुरू कर देते हैं , तो आप जल्दी  ही स्टील ट्रस्ट की नौकरी छोड़ देंगे ; आप एक दस से चालीस एकड़ का खेत खरीद सकते हैं, और खाने की फसलें उगाकर बिजनेस कर सकते हैं। यह समय उन आदमियों के लिए बहुत अच्छा है जो जमीन के छोटे से टुकड़े में रहते हैं और उसी पर खेती करते है; तो इस तरह के आदमी हमेशा अमीर बनते है।अगर आप कहें कि जमीन खरीदना मुश्किल है तो, मैं आपको यह साबित कर सकता हूँ कि यह बिलकुल भी मुश्किल नहीं है , और अगर आप एक खास तरीके से काम करते है तो आपको जमीन आसानी से मिल सकती है।   

अपॉर्चुनिटी की कभी कोई कमी नहीं होती है वह अलग अलग जगहों से,अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से किसी ना किसी तरीके से सामने आ ही जाते हैं। यह दुनिया का नियम है कि जो जैसा सोचता है उसको वैसा ही मिलता है और फिर वह वैसा ही बन जाता है। इस टाइम , अमेरिका, खेती और उससे जुड़े कामों और बिज़नेस की ओर बढ़ रहा है। आज अपनी लाइन में फ़ैक्टरी मज़दूर के सामने रस्ते खुला है यह उस व्यापारी के लिए खुला है जो खाने वाले सामान की सप्लाई फैक्ट्री के वर्करों से ज्यादा किसानों को करते हैं, और जो वर्किंग क्लास को सर्व करता है उससे ज्यादा उसके प्रोफेशनल आदमी के लिए है जो किसानों का ज्यादा इंतजार करता है।   

जो इंसान मौके के साथ चलने की कोशिश करने की जगह उनके साथ चलते है, तो उनको बहुत मौके मिलते ।  

फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर, मेहनती तो होते हैं फिर भी वह उसी जगह रहते हैं जहां वह पहले होते हैं, वह चाहे तो खुद को आगे बढ़ा सकते हैं,क्योंकि उनके अंदर मेहनत करने की आदत तो पहले से ही होती है और मेहनत करने की वजह से किस्मत भी उनके साथ हो सकती है। अगर अमेरिका या बेल्जियम के मजदूर मजदूरों ने ऐसा सोचा होता तो, आज वह किसी अच्छे स्टोर में काम कर रहे होते या खुद का बिजनेस कर रहे होते ;वह  अपने ग्रुप या लोगों को खुद चुनते, और वह इस तरह से अपने बिजनेस में धीरे-धीरे करके  इतना आगे ले जाते कि उन्हें पीछे देखने की भी जरूरत नहीं रहती।   

मजदूर इंसान भी अमीर बन सकते है जब वह एक खास तरीके से काम करना शुरू करते हैं; पैसे कमाने का ढंग उनके लिए भी वैसा ही है जैसा दूसरों के लिए है। यह उन्हें सीखना चाहिए; अगर वह खास तरीके से काम करना नहीं सीखेंगे तो वह कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। जबकि,इस रूल के बारे में दूसरों की नासमझी हमें नीचे नहीं झुका सकती या रोक सकती है;अमीर बनने का मौका कोई भी अपना सकता है और यह किताब बताएगी कि ऐसा कैसे किया जाता है।   

पैसों की कमी की वजह से कोई को गरीबी नहीं रहता है; सभी को जरूरत से ज्यादा मिलता है। अकेले अमेरिका में ही इतना रॉ मटीरियल है कि धरती पर हर परिवार के लिए वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग जितना बड़ा महल बनाया जा सकता है; और अच्छी खेती से, अमेरिका में ही इतना ऊन, कपास, लिनन और रेशम पैदा हो सकता है कि पूरी दुनिया के हर इंसान को सूंदर कपङे पहनने को मिल सकते है; इस के अलावा सभी को अच्छा खाना खिलाने के लिए काफी अनाज भी पैदा किया जा सकता है।   

   देखने वाली चीज खत्म नहीं होती  है; और जो चीज देखती ही नहीं वह सच मुच कभी खत्म नहीं होगी।  पर आप जो कुछ भी इस धरती पर देख़ते है वह एक बेसिक चीज से बनी है, जिससे सभी चीजें पैदा होती हैं। पुरानी जितनी भी चीजें हैं वह खत्म होती जाती है और उनकी जगह नई चीजें आ जाती है यही नेचर का  नियम है।     

बिना आकर के चीज़ की कोई सीमा नहीं है। यूनिवर्स भी इससे बना है; लेकिन यूनिवर्स बनने में इसका पूरा यूज नहीं हुआ है।जो भी कच्चा सामान होता है, उनसे चीजें एक बार बनती है और वो खत्म हो जाता है; पर हमारे यूनिवर्स में जो कच्चा सामान है उसे अभी भी10000 गुना चीजें बनाई जा सकती है, इसका मतलब यह है कि जो भी चीजें हमें यूनिवर्स से मिलती है वह जल्दी खत्म नहीं होती है।     

इस दुनिया में कोई भी इंसान गरीब नहीं है, क्योंकि हमारा नेचर भी गरीब नहीं है,हमे जो भी चाहिए है वो सब नेचर में पहले से ही है।     

नेचर के पास एक बहुत  बड़ा खजाना है ; जो कभी खत्म नहीं होता है।बेसिक चीजें क्रिएटिव एनर्जी से भरी होती है, और लगातार ज्यादा रूपों को पैदा कर रही  है। जब बिल्डिंग बनाने का सामान की सप्लाई खत्म हो जाएगी, तो ज्यादा प्रोडकशन नहीं होगा; जब मिट्टी नहीं रहेगी और उस  पर खेती नहीं होगी तो खाने का सामान और कपास उस पर नहीं उगेगी, तो साइंस की नई टेक्नोलजी से ज्यादा और उपजाऊ  मिट्टी बनाई जाएगी। जब धरती  से सारा सोना-चाँदी खत्म हो जायेगा , तो इंसान  के हिसाब से और ज्यादा सोने चांदी  का प्रोडक्शन होगा।बिना आकर वाली चीज या सामान इंसान की जरूरत को पूरा करता  है; वह उसे बिना किसी अच्छी चीज  के रहने नहीं देगा।   

यह सामूहिक रूप से इंसानों का सच है; हम इंसान पूरी तरह से संपन है, और अगर कोई इंसान गरीब हैं, तो इसका कारण यह है कि वे उन चीजों को करने के खास तरीके से काम नहीं करते हैं जो एक इंसान को अमीर बनाती हैं।   

बिना आकर वाला सामान बुद्धिमान होता है; यह सामान सोचता है कि यह जीवित है, और हमेशा ज्यादा जीवन की ओर बढ़ता होता है लम्बा जीवन जीने की इच्छा सब में नैचुरली होता है; यह हमारे  दिमाग का स्वभाव है कि वह खुद को बड़ा करे, और  हमारी समझ अपनी लिमिट्स को फैलाते हुए पूरा संतोष को पाना चाहती है। यूनिवर्स के आकर को निराकार जीवित चीज़ से बनाया गया है,  जो अपने आप को पूरी तरह से दिखाने के लिए कई रूपों में निकलती  है।
यूनिवर्स एक जीवित चीज की तरह  है, जो हमेशाआगे बढ़ना चाहती है और बाकि सब को  आगे बढ़ाना चाहती है।   

हमारा नेचर जीवन की भलाई के लिए ही बनाया गया है ; जिसका मोटिव सिर्फ आगे बढ़ना है। यही वजह है की हम जो चाहते है ,जैसा भी चाहते है वह सब कुछ जो वो पूरा होता है, क्योकि इसका काम ही है हमारा मोटिव पूरा करना; तब तक कोई यह हमेशा एक्टिव रहता है इसमें तब तक कोई कमी नहीं हो सकती जब तक कि भगवन खुद  ना चाहें इस बात से आप समझ ही सकते है कि यह कितना इफेक्टिव है।     

यह एक ऐसी चीज है जो कभी कम नहीं होगी। आदमी या औरत जो भी इसका यूज करेगा यह यूनिवर्स उसी के हिसाब से काम करेगा, हर किसी की अलग-अलग डिमांड होती है ,लेकिन फिर भी यह सब को उनकी डिमांड के हिसाब से हर चीज देता है।  इसके लिए आपको उस तरीके से सोचना होगा जिस तरीके से अमीर लोग सोचते हैं।  

चैप्टर -4 
अमीर बनने के विज्ञान का पहला रूल

विचारों की शक्ति इतनी मजबूत होती है कि हम उससे जो चाहे वह बना सकते हैं।  इस दुनिया में जितनी भी चीजें हैं वह किसी ना किसी की सोच से बनी हुई है, जैसी जरूरत होती है इंसान वैसा ही सोचने लगता है, और एक दिन वह सोच एक आकार ले लेती है।  

बेसिक चीजें अपने विचारों के अकॉर्डिंग चलती  है; नेचर में आप जिस भी चीज को   देखते हैं, वह आपकी सोच से बनती है। जैसे बिना आकर की कोई  चीज एक रूप के बारे में सोचती है, तो वह वो रूप बना लेती है; जैसा वह किसी स्पीड के बारे में सोचता है, तो वह वो स्पीड बना लेता है। ऐसे ही सभी चीजे बनती है। हम एक ऐसी सोच की दुनिया में रहते हैं, जो हमारी सोच से चलती है। हमारा यूनिवर्स हमारी सोच का हिस्सा है।यूनिवर्स हमारी उस सोच से चलता है,जो कि हम ही उस तक भेजते है, और जो सोच उस यूनिवर्स की तरफ काम करने लगती  है वह ही बाकि के प्लैनेट्स को भी बनती है, यह बात ये साबित करती है कि  सोच से कुछ भी बनाया जा सकता है। हम जितना सोचते है वह उतना ही हमारे सामने आ जाती है और उसके अकॉर्डिंग ही काम करती है।जैसे की सूरज और बाकि प्लैनेट्स जिस सोच से एक सर्कल में रहते है, वो सोच यूनिवर्स की है। अब जैसे बाकि पेड़ों के मुकाबले  ओक का पेड़ बहुत धीरे धीरे बड़ा होता है, लेकिन जब वह बढ़ता है तो बढ़ता ही जाता है, ओक के पेड़ की सोच उसे जल्दी बढ़ने को नहीं कहती लेकिन जो पावर पेड़ों को बड़ा करती है, वह उस एक्टिव कर देती है।   

हर चीज के लिए यह अलग अलग तरह से काम करता है, हमारी सोच में इतने पॉवर है की जो हम सोचते है वह एक आकर या रूप ले लता है, यह डेवलपमेंट होता तो है पर इसमें कुछ टाइम लग जाता है,लेकिन अगर यह लेकिन पहले से शुरू हो जाए तो उसे आगे बढ़ने में ज्यादा टाइम नहीं लगता।   

अगर आप कोई घर बनाना चाहते है, और उसके बारे में सोच रहे हैं, तो घर तुरंत बनना शरु नहीं होगा; लेकिन उस सोच से जो तरंगे निकलती हैं वह यूनिवर्स तक पहुंच कर कुछ ना कुछ रिजल्ट तो निकलती है। लेकिन तब भी उसके घर तुरंत बनना नहीं शुरू होगा। इससे आपके काम या बिजनेस, या जहाँ से पैसा आता है उसमे ऐसे फेर बदल होने लगेगा,  जिससे आप अपना घर बनाने में और एक्टिव हो जायेंगे। और अगर आपके पास कोई पावर नहीं है तो उसमे ज्यादा टाइम भी सकता है, पर एक दिन आपका घर बनेगा जरूर।यह ऑर्गेनिक या इनऑर्गेनिक दुनिया की धीमी स्पीड से ना बनकर उसके बेसिक चीजों से बनेगा, ऐसा इसलिए है कि आपकी सोच का रिजल्ट आपके सामने जरूर आता है।    

अगर बेसिक चीजें हैं तो उससे कुछ ना कुछ तो जरूर बनता है यह बात भी सच है कि अगर बेसिक चीजें हो और उनसे कुछ ना बने तो उनका कोई फायदा नहीं होता। दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं।      

इंसान विचारों का एक सेंटर पॉइंट है, जहां से विचार निकलते हैं। अपने हाथों से अपनी लाइफ में जिन भी चीजों को वह लेकर आता है; वह पहले उसकी सोच  में आना चाहिए वह किसी भी चीज को रूप तब तक नहीं दे सकता जब तक उसके बारे में सोच ना रहा हो।   

और हम इंसानों ने अभी तक ज्यादा मेहनत नहीं की है कि जो भी वह सोचे वह उसे तुरंत मिल जाए; उन्होंने बस पहले से जो चीजें हैं उन सबको और डिवेलप करने का काम किया है जबकि उनकी  सोच इतनी मजबूत होनी चाहिए थी  जिससे कि वह ऐसी चीजें बना सकते जो अभी तक दुनिया में आई ही नहीं है क्योकि इंसानो ने कभी भी नई चीजें बनाने के बारे में सोचा वो बस इस बात पर ध्यान देते गए कि जो पहले से हमारे पास है उनका डेवलपमेंट कैसे करें।     

जब इंसान के पास किसी आकर को रूप देने की सोच होती है, तो वह अपने आस पास से चीजें लेता है, और उस रूप बनाता है ,जो उसके मन में है। उन्होंने अब तक, अपने दिमाग का सही यूज नहीं किया है; और ना ही "पिता के साथ" काम करने की   कोशिश की। उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह बड़े है कर "पिता की तरह काम करेंगे"। उसने सिर्फ जो चीजें पहले से उनको नया आकार दिया है और उनको ही डेवलप किया है ; उसने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया कि वह अपनी सोच से उन बेसिक चीजों का यूज करके कोई नई चीज बना सकता है। हम यहां यह  साबित करने की कोशिश करते हैं कि जो चीजें पहले से है हम उनसे अच्छी और नई चीजें बना सकते है; हमारे अंदर इतनी कपैसिटी है, कि इसे कैसे करना है। हमारे पहले कदम के बेसिस पर , हमें तीन बेसिक सुझवों को बनाना चाहिए।   

सबसे पहले, हम दावा करते हैं कि कोई बेसिक चीज है , जिससे सभी चीजें बनाई जाती हैं। भले ही कई चीजें देखाई दे पर वह साब एक ही चीज का रूप हैं; ऑर्गनिक या अनऑर्गेनिक सभी एक ही सामान से बने अलग-अलग आकार हैं। यह एक  सामान की तरह है जो हम जरूरत पड़ने पर सोचते है और उसमे नए सोच आती रहती है फिर वो  हमारे सामने आ जाता है जिसे हम देख भी सकते है और छू भी सकते है; जब हम कुछ सोचते है तो वह एक शेप ले लेता है क्योकि इंसान थॉट्स का सेंटर पॉइंट है; वहां से जो भी सोच बनती है, वह पूरा होने के लिए ही बनती है। अगर इंसान अपनी सोच को बेसिक चीज तक ले जाते  है, तो वह जिस भी चीज के बारे में सोचत है, उसको बना सकते है। इसे  हम ऐसे भी कह सकते है :-   

की एक सोच का सामान होता है जिससे हम सभी चीजें बना सकते हैं, और जो अपनी बेसिक स्थिति में, यूनिवर्स में पहुंचती है, और वहां के जगहों को भरती है। जितना ज्यादा हम सोचते जाते हैं यूनिवर्स में हमारी सोच से निकलने वाली शक्ति उतनी ही भरती जाती है, हमारे मन में जैसे विचार आते हैं, वैसे ही वो बनकर हमारे सामने आ जाते हैं।    

इंसान जो चाहे वह बन सकता है, वह यह सब चीजें सोचता है और उन्हें अपने सामने लाने के लिए एक कदम बढ़ाता है, जिससे कि उसकी सोच बेसिक चीजों के साथ मिलकर उसके विचरों को उसकी सामने रख देते हैं। अगर लोग पूछे कि क्या आप इन सारी बातों को सच मानते हैं; तो मेरा जवाब बिना सोचे समझे हां में होगा, ऐसा इसलिए क्योंकि मैं तो इस बात को मानता हूं और यह सच में हमारी यूनिवर्स में है क्योंकि मेरे पास इसका लॉजिक भी है और एक्सपीरियंस  भी।    

अगर रूप आकार और सोच को छोड़ दिया जाए, और बेसिक चीजों पर ध्यान दिया जाए तो; मैं यह बात दावे के साथ कह सकता हूं कि इंसान जो भी चाहता है, वह कर सकता है।  ऐसा मैंने खुद एक्सपीरियंस किया है, इसलिए मुझे इसका आईडिया भी है ; मैं अच्छे से लॉजिक  भी दे सकता हूं।   

अगर कोई भी इस किताब को पढ़ता है, और इस किताब में दिए किसी भी आईडिया  को समझकर अमीर बनता तो इसका मतलब यह है उसको कुछ हद तक बातें समझ आने लगी  हैं; लेकिन हर आदमी जो सोचता है और उसे करता भी है, तो यह एक पोस्टिव बात है। यूनिवर्स में जो पॉवर है वह रियाल है यह एक तरीका है जिसमे सक्सेस भी मिलती है और फेलियर भी। वैसे तो बहुत से तरीके सही भी होते है और गलत भी हो सकते है; लेकिनअगर किसी को अमीर बनने का सही तरीका समझ आ जाए  और वह इस किताब के हिसाब से काम करे तो वह एक दिन जरूर अमीर बन जायेगा।     

मैंने कहा है कि इंसान एक खास तरीके से काम करने से ही अमीर बन जाता है; और ऐसा करने के लिए, इंसान को एक खास तरीके से काम करने के बारे में सोचने में कैपेबल होना चाहिए। एक इंसान के काम करने का तरीका, उसके  चीजों के बारे में उसके सोचने के तरीके का सीधा रिजल्ट होता है।  

किसी भी काम को अपने तरीके से करने के लिए, आपको उस तरह से सोचने में कैपेबल होना चाहिए, जिस तरह से आप सोचना चाहते हैं; अमीर बनने लिए यह आपका पहला कदम है। यह ज्यादातर सच हो सकता है क्योंकि सच और दिखावा दोनों आमने-सामने होते हैं, तो एक कंपटीशन बनने लगता है। हर इंसान के पास यह सोचने की नैचरल और जन्म से ही शक्ति होती है कि वह क्या सोचना चाहता है, लेकिन ऐसा करने के लिए उसे सोचने की जगह ज़्यदा  कोशिश करने की जरूरत होती है, हम जो देखते है या सुनते है उसके बारे में बात करना या सोचना बिल्कुल अलग बात है। रूप के अकॉर्डिंग सोचना आसान है; दिखावे की परवाह किए बिना सच सोचना में मेहनत की जरूरत होती है, और इस काम में इतने मेहनत लगती जो किसी भी दूसरे काम में नहीं लगती,जो हर किसी की लाइफ में  यूज होती है।   

जो लोग हमेशा और लगातार रहने वाली सोच से बचने की जितनी कोशिश करते हैं, उतनी वह उतनी किसी दूसरी चीज से बचने की कभी कोशिश नहीं करते; यह दुनिया का सबसे मुश्किल काम है। यह और तब ज्यादा सच लगता जब हम उस सोच को बनाए रखते जो दिखावे से अलग होती। लेकिन इस दिखने वाली दुनिया में हर काम, सोच समझ कर करने वाले दिमाग में एक एक जैसा आकार पैदा करता है, जो इसको चेक करती है, इसे तभी रोका जा सकता है,जब आपके पास सच की सोच या थॉट हो।  

आप जो सोचते हैं वह आपकी लाइफ में वह हो हो जाता है।  इसी तरह जब आप गरीबी के बारे में सोचते हैं, तब तक आपके सामने गरीबी ही नजर आती रहेगी; जब आप अमीरों के बारे में सोचते हैं तो आपके मन में वैसे ही विचार आते हैं।   

जब आप बीमारी से घिरे होते है और आपको अच्छी हेल्थ के बारे में सोचना होता है, या जब आप गरीबी में जी रहे होते है और पैसों के बारे में सोचने लगते है; तो आपको इसके लिए मेहनत जरूर करनी पड़ेगी। और जो मेहनत करने से नहीं डरता है वह मास्टर माइंड बन जाता है। क्योंकि फिर जो वह चाहता है उसे आसानी से मिल जाता है।     

और यह पावर उसके दिखावे के पीछे छुपे असली मोटिव को पहचानने से मिलती है; उसका बस यही मोटो रहता है कि जो असली चीज है हम उस पर ध्यान दें।     

हमें बस इस बात पर ध्यान रखना चाहिए कि जो असली चीज है हम उस पर ध्यान दें बजाय इसके की हम दिखावे के पीछे पड़े। अब हमें सच को समझ लेना चाहिए कि जो चीज सामने है उससे किसी भी सोच को अपने सामने लाकर खड़ा किया जा सकता है क्योंकि एक इंसान अपने सोच को इस तरह से देखा सकता है कि वे उसे रियल लाइफ में दिखने लगे।   

जब हम इस पावर को महसूस करते हैं, और इसका यूज करते हैं, तब हमें यह बात कंफर्म हो जाती है कि हमें जो भी चाहिए हम कर सकते हैं। क्योंकि तब हमारे मन से यह डर खत्म हो जाता है कि हम अपने सोच को रियल लाइफ में ला सकते हैं या नहीं। अमीर बनने के लिए आपको तीन बातों का ध्यान रखना पड़ेगा, इस चैप्टर में मैं उसको पहले ही बता चुका हूं; लेकिन मैं फिर से बताता हूं:-   

*की एक सोच का सामान होता है जिससे हम सभी चीजें बना सकते हैं, और जो अपनी बेसिक स्थिति में, यूनिवर्स में पहुंचती है, और वहां की जगहों को भरती है। * जितना ज्यादा हम सोचते जाते हैं यूनिवर्स में हमारी सोच से निकलने वाली शक्ति उतनी ही भरती जाती है, हमारे मन में जैसे विचार आते हैं, वैसे ही वो बनकर हमारे सामने आ जाते हैं।    

*इंसान जो चाहे वह बन सकता है, वह यह सब चीजें सोचता है और उन्हें अपने सामने लाने के लिए एक कदम बढ़ाता है, जिससे कि उसकी सोच बेसिक चीजों के साथ मिलकर उसके विचरों को उसकी सामने रख देते हैं।   

आपको इस पर तब तक सोच विचार करना करना चाहिए ,जब तक यह आपके मन शांत ना हो जाए  और आपकी मामूली सोच का हिस्सा न बन जाए | इस सेन्टेन्स  को बार -बार पढ़ें ;हर वर्ड को याद करे और उन पर तब तक विचार करे ,जब तक आपको उन वर्ड्स  पर पूरी तरह से विश्वाश न हो जाए | अगर मन में कोई डाउट   हो तो उसे पाप समझकर अपने से दूर कर दें। इस सोच के अगेंस्ट कुछ न सुनें ;ऐसी बातें न सुनें और न ही ऐसी जगह जाएँ जहाँ लोग गलत सोच रखते हों ;टी.व् या रेडियो पर ऐसे प्रोग्राम न देखें ,जहाँ गलत चीजें दिखाई या सुनाई जाती हों ;ऐसी बुक्स या मैगजीन न पढ़ें जिस में गलत सोच के बारे में बताया गया हो। अगर आपका विश्वास कमजोर हो गया तो आपके सारे प्रयत्न ख़राब हो जायेंगे।       

यह मत पूछिए कि ये बातें सच क्यों हैं, और न ही अंदाजा लगाएं कि ये कैसे सच हो सकती हैं; बस इस पर विश्वास कर लें । अमीर बनने की साइंस इस सोच पर पूरी तरह से विश्वास करने और स्वीकार करने से शुरू होती है।  

चैप्टर -5
इंक्रीजिंग लाइफ

आपको अपने मन से यह बात पूरी तरह से निकाल देना चाहिए कि आप भगवान की इच्छा से गरीब है या भगवान ही आप को गरीब बना कर रखना चाहते हैं।  

आपके अंदर रहने वाली इंटेलीजेंट चीज सब कुछ है, और यह सबके अंदर होती है, यह एक जीवित चीज है। यह एक जानकार जीवित चीज होने के नाते, इसमें जीवन को आगे बढ़ाने के लिए नैचुरली या जन्म के साथ आने वाली इच्छा होनी चाहिए। हर जीवित चीज को अपने जीवन में बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश करनी चाहिए,क्योंकि जीवन जीने के लिए खुद को आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है।  

जिस तरह एक बीज मिट्टी में डालने से यह पौधा बन जाता है, और वह बड़ा होता रहता है और अपनी तरह के और भी ज्यादा बीज बनाने लगता है; इसी तरह जीवन, में हर चीज छोटे से शुरू होकर बड़े होने तक चलती रहती है। या ऐसा भी कहा सकते हैं कि हर चीज का डेवलपमेंट होना उस लाइफ के लिए बहुत जरूरी है।  

ज्ञान को लगातार बढ़ाने के लिए यह भी जरूरी है। हम जो भी सोचते हैं वह हमें दूसरे विचार सोचने के लिए मोटिवेट करते हैं; ज्ञान एक ऐसी चीज है जो लगातार बढ़ती जाती है। हर फैक्ट जो हम सीखते हैं, वह हमें दूसरे फैक्ट की ओर ले जाता है;  हम जो भी प्रतिभा को डिवेलप करते हैं; वह हमारे मन में दूसरी प्रतिभाओं को डिवेलप करने की इच्छा बनाती हैं। हम जीवन की सभी इच्छाओँ की जिद से दबे हैं, जो हमें और ज्यादा जानने, करने और बनने के लिए मोटिवेट करते हैं।  

और ज्यादा जानने के लिए, ज्यादा करने के लिए, और ज्यादा बनने के लिए हमारे पास ज्यादा होना चाहिए; हमारे पास यूज करने के लिए चीजें होनी चाहिए, क्योंकि हमसिर्फ  चीजों का यूज करके सीखते हैं, और जानते  हैं और बनते हैं। हमें अमीर बनना चाहिए, ताकि हम और जी सकें।  

ज्यादा पैसों की इच्छा तभी होती है, जब हम अच्छी लाइफ की कल्पना करते हैं।  हम जितना अच्छा सोचेंगे उसके लिए उतने ही पैसों की जरूरत होगी, हर किसी को इस बारे में सोचना चाहिए। आपकी ज्यादा पैसा पाने की इच्छा ठीक वैसी ही है जैसे कोई छोटा पौधा अपना विकास चाहता हो; यह जीवन है जो अपने लिएपूरा डिस्क्लोजर चाहता है।   

 जिस जीवित चीज़ से बाकी सभी चीजें बनी है,वह इस इनबिल्ट कानून के अंडर होना चाहिए। यह ज्यादा लंबा जीवन जीने की इच्छा से भरी हुई है।  यही कारण है कि चीजों को बनाने की जरूरत पड़ती है। वही चीज आपके और अंदर बसने की इच्छा रखती है; वह चाहती हैं कि आपके पास में सभी चीजें हो जिनका आप यूज कर सके।   

यह भगवान की इच्छा है कि आपके पास पैसा होना चाहिए। वह चाहता है कि आप अमीर बने, क्योंकि वह आपके माध्यम से अपने आप को ठीक ढंग से प्रजेंट करना चाहता है।इससे वह भी खुद को बेहतर एक्सप्रेस कर सकेगा। भगवान आपके और अंदर रह सकता है,अगर आपके पास जीवन के साधनों के लिए बहुत पैसे हों।  यूनिवर्स चाहता है कि आपके पास सब कुछ आपके मन के हिसाब का हो। नेचर आपके प्रोजेक्ट के लिए एक फ्रेंडली भाव रखती है 

सब कुछ असली रूप से आपके लिए है।  मन में तय कर ले कि यही सच है।  हालांकि यह जरूरी है कि आपका टारगेट भगवन के पर्पस से मेल खाता हो। आपको सिर्फ अपने सेंसिस से मिलने वाले फिजिकल सुख की जगह असली जीवन की इच्छा रखनी चाहिए। जीवन मेहनत करने का नाम है हम इस सही मायने में तब भी जीते हैं, जब हम मेंटली फिजिकली और भगवान् से रिलेटेड काम बिना किसी अति के पूरा करते हैं।    

आप अपनी पशु जैसी इच्छाओं की सटिस्फैक्शन के लिए पैसा नहीं कमाना चाहेंगे; वह जीवन नहीं है, लेकिन हर फिजिकल काम का दिखावा लाइफ का पार्ट है और जो एक कॉमन और हेल्दी एक्सप्रेशन के साथ शरीर के जोश से इनकार करता है, वह पूरी तरह से नहीं जीता।    

आप सिर्फ मानसिक सुखों का आनंद लेने, ज्ञान पाने, और इच्छाओं को पूरा करते हुए दूसरों से आगे निकलना या फेमस होने के लिए अमीर नहीं होना चाहते हैं। जबकि इन इच्छाओं में कोई बुराई भी नहीं है।लेकिन सिर्फ मानसिक सुख के लिए जीने वाला आदमी काम जीवन ही जी सकता , वह कभी स्टसफाई हो पाएंगे।  

आप सिर्फ दूसरों की भलाई के लिए अमीर नहीं बनना चाहते हैं। दूसरों की भलाई करते करते खुद को परेशान करना या अपनी खुशियों को बाद में देखना, यह तभी हो सकता है जब हम अमीर बन जाए। इन सब से हमें खुशी का एहसास होता है और यह सारी खुशियां हमारी लाइफ का एक हिस्सा है। और वह किसी भी दूसरी चीज से बढ़कर नहीं हो सकती है।  

आप इस लिए अमीर बनना चाहते हैं, क्योंकि जब आपको बुढ़ापा आए तब आपको  किसी तरह का कोई काम ना करना पड़े। अच्छा जी जीवन जिए, अच्छा खाना खाए, अच्छे कपड़े पहने, और दूसरे देशों में घूमने जाएं।जब आप अमीर होंगे तब आपके लिए सभी चीजें पॉसिबल हो पाएंगी। फिर आप लोगों से प्यार करने लगेंगे, अच्छे काम करेंगे, और दुनिया में सच की खोज करने में लोगों की मदद करेंगे।  

यह भी आपको याद रखना है, कि बहुत ज्यादा दान देना और लोगों की भलाई करना, और उनके आगे खुद को नजरअंदाज करना गलत बात है।  आप सब की मदद करें लेकिन पहले खुद की भलाई करें।जब तक आप खुश नहीं रह पाएंगे, तो दूसरों को कैसे खुश रख पाएंगे।  

इस सोच से दूर रहे कि भगवान आपसे दूसरों के लिए सेक्रिफाइज चाहता है।आपके  ऐसा करने से आप उनके और फेवरेट नहीं हो सकते हैं। भगवान आपसे ऐसी कोई उम्मीद नहीं रखते  है ।  

भगवान केवल यही चाहते हैं कि आप अपने लिए,अपनी पूरी ताकत का यूज़ करें।  जब आप हर पॉसिबिलिटी से अपनी उम्मीदों को पूरा करेंगे तो आपके लिए दूसरों की सहायता करना और भी आसान हो जाएगा।    

आप अमीर बन कर ही ज्यादा चीजों का मजा ले सकते हैं, इसलिए यह सही है, कि आप पहले अपने बारे में सोचिए और अपने विचारों को सिर्फ पैसा कैसे कमाना है उसमें लगा दीजिए।  

हालांकि यह बात याद रखिए,की यह बेसिक पावर हर किसी के लिए है, यह सबको अमीर बनाना चाहती है, और हर किसी को अच्छा जीवन देना चाहती है। इसमें किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं है, ऐसा नहीं हो सकता कि यह किसी को कम  या किसी को ज्यादा दे। फर्क बस इतना है कि इसको किस तरह और कितना यूज़ करना हैं।अगर लोग इसे सही तरीके से यूज करना सीख जाएं तो सभी अमीर हो जाएंगे।  

बुद्धिमान तत्व आपके लिए चीजों को बनाएगा, लेकिन यह किसी दूसरे से चीजें छीन कर आपको नहीं देगा। आपको कॉमिटिशन की सोच से छुटकारा पाना होगा। जो पहले से बनाया गया है, उसके लिए कॉम्पिटिशन करने की कोई जरूरत नहीं है। आपको किसी से कुछ भी लेने की जरूरत नहीं है। आपको बार्गेन करने की जरूरत नहीं है।  

आपको धोखा देने या फायदा उठाने की जरूरत नहीं है।आपको किसी भी आदमी को अपनी कमाई से कम पर काम करने देने की जरूरत नहीं है।  

आपको दूसरों की प्रॉपर्टी का लालच नहीं करना चाहिए, या इसकी इच्छा रखने की भी कोई ज़रूरत नहीं है;आप दूसरों से कुछ भी लिए बिना सब कुछ पा सकते हो।   आपको क्रिएटर बनना चाहिए, ना कि कंपीटीटर। आप अपने लिए जो चाहते हैं, वह सब कुछ मिलेगा ,लेकिन इस तरह मिलेगा कि उसे दूसरों को भी प्रॉफिट होगा।  

मुझे पता है कि बहुत सारे लोग ऊपर दिए गए पैराग्राफ की स्टेटमेंट का विरोध करेंगे जिनके पास ज्यादा पैसा होता है, और जो अमीर होते है। आमिर लोग, जो बहुत अमीर होते हैं, वह ज्यादा दूसरों से ज्यादा कॉमिटिशन करते है। कुछ लोग ऐसे भी होते है जो दूसरों से बिजनेस की चलते कॉम्पिटिशन करते है; कुछ लोग दूसरों से आगे बढ़ना चाहते है उन्हें यह अच्छा नहीं लगता की उन से भी कोई आगे बढ़ जाए। रॉकफेलर, कार्नेगी, मॉर्गन, एट अल,यह सब बिजनेस मैन अपने बिजनेस को बढ़ाने में सफल रहे हैं।इन लोगों ने अपना काम बढ़ाने के चाकर में दूसरों को बहुत फायदा करवाया है; उनके दिन लगभग खत्म हो गए है; अब जिन लोगों से वह कॉम्पिटिशन करते थे ,वह लोग बहुत आगे निकल गए है।और अब1दिन इन्हें अपना बिजनेस बंद करना पड़ सकता है।  

जो ज्यादा करोड़पति लोग होते हैं वह एक राक्षस की तरह लगते है; वह इस डेवलपमेंट की प्रोसेस में आगे तो रहते हैं, लेकिन जिस पावर ने उन्हें इतना बड़ा बनाया है वहीं उन्हें बर्बाद भी कर देती है। देखा जाए तो ऐसे लोग कभी अमीर नहीं रहते हैं; अगर उनकी पर्सनल लाइफ को देखा जाए तो वह हमेशा प्रॉब्लम में घिरी रहती है, जो किसी गरीब की तरह ही लगती है।  

कॉम्पिटिशन  ग्राऊंड पर सुरक्षित धन कभी भी स्टसफेक्टरी और परमानेंट नहीं होता है; वे आज किसी का हैं,  तो कल किसी और का। याद रखें, अगर आपको खास तरीके से अमीर बनना है, तो आपको पूरी तरह से कॉम्पिटिशन की सोच से बाहर निकलना होगा। आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि सप्लाई लिमिटेड है। जैसे ही आप यह सोचना शुरू करते हैं कि आपका सारा पैसा बैंकरों और दूसरे लोगों के कंट्रोल में जा रहा है, और आपको  इस प्रोसेस को रोकने के लिए खुद कानून बनाने की कोशिश करनी चाहिए, और इसी तरह;उस टाइम में आप दिमाग में कॉम्पिटिशन की भाव आ जाते है, और आगे बढ़ने की आपकी शक्ति कुछ टाइम  के लिए खत्म हो जाती है; और इससे भी बुरी बात यह है कि आप उन क्रिएटिव मोमेंट को रोक देते है जिन्हें आपने पहले ही शुरू किया था।  

आप यह जानिए कि धरती पर जो पहाड़ है उन पर कितना सोना मौजूद है, जो अभी तक लोगों को पता भी नहीं होगा; उन्हें बस कुछ का पता है, अगर ऐसा नहीं होता तो आपकी जरूरतों को पूरा करने के लिए उस थिंकिंग सब्सटेंस से और ज्यादा बनाया जाता।  

आप यह जान लीजिए कि आपको जो पैसा चाहिए वह आएगा जरूर, भले ही उसके लिए आपको लोगों को लीड क्यों ना करना पड़े चाहे वह  सोने की खान हो या फिर कोई और रास्ता।  

दखने वाली सप्लाई को कभी न देखें; बल्कि उसकी जगह यह सोचें सोचें यह जो चीज सामने नहीं है वह फिर भी मौजूद है और हमारी तरफ आ रही है जिसे आप पा सकते हैं और उनका यूज कर सकते हैं। कोई भी, देखने वाली सप्लाई को घेरकर, आपयह अंदाजा नहीं लगा सकते कि वह हमे मिल ही जाएगा।  

एक पल के लिए भी अपने मन में यह विचार ना आने दे कि आपको जल्दबाजी करनी होगी, वरना आपका घर बनने के लिए अच्छी जगह पहले से ही भर चुकी होगी। सरकार ट्रस्ट या कॉर्पोरेशन आदि के बारे में यह ना सोचें कि यह सब धरती को लूट लेंगे। इस बात से ना डरे कि आपको आपका मनपसंद नहीं मिलेगा और कोई दूसरा आदमी उसे आपसे पहले ही ले लेगा; ऐसा हो ही नहीं सकता आप कुछ ऐसा नहीं  खोज रहे हैं, जिस पर किसी और का हक हो। आप बिना आकार वाली चीज से अपना मनपसंद पाना चाहते हैं और उसके पास लिमिटेड सप्लाई है। इस स्टेटमेंट को कभी ना भूले:  

*की एक सोच का सामान होता है जिससे हम सभी चीजें बना सकते हैं, और जो अपनी बेसिक स्थिति में, यूनिवर्स में पहुंचती है, और वहां की जगहों को भरती है।
* जितना ज्यादा हम सोचते जाते हैं यूनिवर्स में हमारी सोच से निकलने वाली शक्ति उतनी ही भरती जाती है, हमारे मन में जैसे विचार आते हैं, वैसे ही वो बनकर हमारे सामने आ जाते हैं।   
*इंसान जो चाहे वह बन सकता है, वह यह सब चीजें सोचता है और उन्हें अपने सामने लाने के लिए एक कदम बढ़ाता है, जिससे कि उसकी सोच बेसिक चीजों के साथ मिलकर उसके विचरों को उसकी सामने रख देते हैं।

चैप्टर 6  
हाउ रिचेस कम टू यू

जब आपसे मैं कह रहा हूं कि आपको किसी से कोई सौदा नहीं करना है इसका मतलब यह नहीं है कि आपको सच में किसी से कोई बिजनेस नहीं करना इसका मतलब यह है कि आपको किसी के साथ कुछ गलत नहीं करना है या फिर किसी के साथ कुछ गलत करके अपना फायदा नहीं कमाना है आपका नेचर बहुत मायने रखता है किसी के साथ भी कुछ गलत करके आपको कुछ फायदा लेने की जरूरत नहीं है या कुछ कमाने की जरूरत नहीं है क्योंकि जो आपकी मेहनत होगी उसका फल आपको जरूर मिलेगा। क्योंकि इससे आप इतने बड़े बन जाएंगे कि जितना आप उससे लेते ,अब आप उससे ज्यादा उसे दे पाएंगे। तब आपको वह चीज इतनी बुरी नहीं लगेगी। आप हर किसी को मार्केट प्राइस से ज़ायदा प्राइस नहीं दे सकते। आप उस चीज के कैश प्राइस से ज्यादा उसकी यूज वैल्यू दे सकते हैं।  

देखा जाए तो कैश  प्राइस उस चीज के पैसे हैं जो जिस  चीज में वह बिकती है जितना पैसे की वह चीज मिल रही है जबकि यूज वैल्यू वह है जो हमें लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए फायदा देती है ,हो सकता है इस बुक का पेपर इंक उसके प्राइस के लायक ना हो जो आप इसे खरीदने के लिए देते हैं ,पर इस बुक में दिए गए सजेशन्स और थॉट्स आपको इतना ज्यादा फायदा दे सकते हैं या कह सकते हैं कि इतना अमीर बना सकते हैं जो इसके यूज वैल्यू से  पता चलता है कहने का मतलब यह है कि यूज वैल्यू वह चीज होती है जो हमें बाद में भी फायदा देती है।   

जिस ने  भी यह किताब आपको दी होगी उन्होंने बहुत कम प्राइस में आपको बहुत ही वैल्युएबल चीज दी है और आपको उनक थैंकफुल होना चाहिए मान लीजिए मेरे पास एक बहुत बड़े ऑटिस्ट की तस्वीर है जिसकी सोसाइटी में इसका प्राइस थाउजेंड डॉलर होगी ,इतनी महंगी तस्वीर को मैं Baffin Ray के पास ले जाता हूं ,और "सेल्समैनशिप" से  एक एस्किमो को इसके लिए $500  के फर का एक बंडल देने के लिए कहता करता हूं। ऐसा कर के मैं उसके साथ गलत कर रहा हूँ , उसके लिए इस तस्वीर की कोई यूज़  वैल्यू नहीं होगी, ये उसके लिए बिलकुल बेकार होगी, क्यूंकि ये तस्वीर उसकी लाइफ किसी भी तरह से बदलाव नहीं लाएगी। पर मान लीजिये अगर मैं उसे एक गन देता हूँ तो वो उसके लिए बहुत वैल्युएबल और अच्छी डील होगी , क्यूंकि इससे वो ज़ायदा फर , बहुत सारा खाना और पैसे  कमा सकता है , जिस से कि उसकी लिए में बहुत तरक्की होगी और बहुत बहुत रिच बन जायेगा।  

जब आप अपने बिजनेस में कॉम्पिटिशन  को छोड कर क्रिएटिव चीज पर फोकस करते हैं तो आप अपने बिजनेस और लेने देन  पर बहुत ध्यान रख सकते हैं, अगर आप किसी को भी ऐसी चीज़ बेच रहे हैं जिस से की उसकी लाइफ में कोई चैंजेस  नहीं आये तो इससे किसी का फायदा नहीं होगा। और जो बदले में वह आपको देखा उसका भी कोई मतलब नहीं होगा। आपको बिजनेस के लिए किसी को भी हराने की उसे पीछे छोड़ने की जरूरत नहीं है जब आपके अंदर कंपटीशन की भावना आ जाती है और दूसरों को पीछे छोड़ने की होड़ में लग जाते हैं पर आपको समझदारी से काम लेना चाहिए और इस चीज को छोड़ देना चाहिए। आप हर उस इंसान को जिसे कैश  वैल्यू की चीजें देते हैं उसे यूज वैल्यू की चीजें दें तो यह ज्यादा अच्छा होगा, तो आप ऐसा करके दुनिया में अच्छाई बढ़ा रहे हैं।   

अगर आपके पास काम करने वाले लोग हैं तो उन्हें wages  में पे  करने के कंपैरिजन में आपको कैश वैल्यू  में आपको उनसे  ज़ायदा  लेना चाहिए , लेकिन आप अपने बिजनेस को इतना ओर्गनाइज़  कर सकते हैं ताकिआप सिर्फ तरक्की करें और आगे बढ़ते रहें। इससे यह फायदा होगा जो वर्कर आपके पास काम करते हैं वह भी तरक्की करने के लिए सोचेंगे और आप के जरिए धीरे-धीरे ही सही पर आगे बढ़ेंगे।  ये एक अच्छी सोच होगी।  

आप अपना बिजनेस अपने  एम्प्ल्योईस  लिए भी कर सकते हैं जो यह बुक आपके लिए कर रही है।  आप अपने बिजनेस को ऐसे चला सकते हैं कि  हर एक के लिए वह एक सीडी बन जाए जिससे कि हर एंप्लॉय जो एफर्ट्स करता हो या मेहनत करता हो अमीर बन सके। आप उन्हें एक मौका दे सकते हैं पर अगर वह ऐसा करने में सफल नहीं होता तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। और लास्ट में आपको अमीर बनने के लिए उन्हीं फॉर्मलेस चीजों का इस्तेमाल करना होता है जो एनवायरमेंट में मौजूद है। पर इसका मतलब यह नहीं है कि वह जो चीजें इन्वायरमेंट में है अपने आप ही फिजिकल हो जाएंगी ,पर ये आपके थॉट्स उसके लिए कैसे हो उसे ही होता है। कहने का मतलब यह है आप किसी भी चीज को अपने विचारों से और अपनी सोच से बदल सकते हैं ,   

एक्साम्पल के लिए  अगर आप कोई सिलाई मशीन चाहते हैं ,पर मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि आपको सिलाई मशीन के थॉट को तब तक  थिंकिंग सबटेंस में लाना है जब तक मशीन आपके सामने ना आ जाए या कमरे में ना आ जाए जहां आप बैठे हैं अगर आप एक सिलाई मशीन चाहते हैं तो उसकी अपीयरेंस अपने माइंड में बनाइए और पॉजिटिविटी के साथ सोचिए कि यह आपके लिए है और आपके पास ही जा रही है एक बार सोचने के बाद सोचिए की सिलाई मशीन आपके लिए ही आ रही है इसके बारे में दोबारा ना सोचे और मन में बस इतना यकीन रखें कि यह आपके लिए ही आ रही है।  

यह इंसानों के मन पर काम करता है और सुप्रीम इंटेलिजेंस  से आपके पास लाया जाता है। अगर आप मेन में रहते हैं तो हो सकता है किसी आदमी के साथ लेन-देन करने के लिए टेक्स्ट क्या जापान से लाया जाएगा और जिसका मतलब होगा कि वह आपको मिल जाएगी यहां पर बस आपको यकीन करते रहना है और रास्ते खुद ब खुद बन जाएंगे। अगर ऐसा होता है तो सब कुछ उस आदमी के लिए और आपके लिए दोनों के लिए ही फायदेमंद होगा क्योंकि हर चीज किसी ना किसी के विचारों से ही बनती है पर आपको यह भी ध्यान में रखना है कि सोचने की पावर और थिंकिंग सब्सटेंस हर किसी के पास होता है।   

और हर किसी के ज़रिये वह लोगों से जुड़े सकते है जिंदगी को बेहतर करने के लिए लोगों ने सिलाई मशीन के बारे में सोचा और फिर उसको बनाया गया और इसी वजह से बहुत से लोगों की तरक्की हो सकती है ऐसी ही छोटी छोटी चीजों से बहुत सारी चीजों को एक्जिस्टेंस में लाया जा सकता है। और ऐसा करके अमीर भी बना जा सकता है पर ऐसा तभी हो सकता है जब इंसान अपने सोच के दायरे को बढ़ाता है और वह अपनी सोची गई चीज पर पूरा यकीन करता है कि जो उसने सोचा है वह एक ना एक दिन तो उसमें सफल जरूर होगा और यह पूरी जरूर होगी इसके लिए आपको अपने अंदर विल पावर को इतना स्ट्रांग रखना होता है कि आप डगमगाए नहीं।  

आपके घर में सिलाई मशीन जरूर होगी ,यह वैसे ही होगी जैसे कि घर में बाकी दूसरी चीजें होती हैं जिनका आप इस्तेमाल करते हैं   आपकी day-to-day लाइफ को इजी बनाने के लिए जो चीज आपके पास है अगर उसका इस्तेमाल दूसरे भी कर सके तो इससे दोनों की लाइफ में तरक्की होगी।  

आपको खुलकर पूछने में बिलकुल भी हैजिटैट नहीं होना चाहिए की भगवान आपके लिए क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं। "भगवान यीशु ने भी कहा है कि आपको राज्य देना आपके पिता की खुशी है " ओरिजिनल सब्सटांस चाहता  है कि आपके पास वह सब हो जो आप चाहते हैं और आप वह सब चीजें इस्तेमाल कर पाए जो आपको जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। और जिससे आपकी लाइफ बेहतर हो सके। अगर अमीर  बनने की इच्छा आप अपने माइंड में बैठा लेते हैं और उसके लिए एफर्ट्स करते हैं तो उसके लिए सर्व  शक्तिमान ईश्वर भी आपके साथ होता है जिससे आपका विश्वास और भी बन जाता है।  

एक बार मैंने देखा एक छोटा सा लड़का पियानो पर बैठकर उसको बचाने की कोशिश कर रहा था और मैंने देखा जब उससे वह म्यूजिक नहीं बज रहा जो म्यूजिक होता है तो वह बहुत दुखी हो गया था मैंने उससे उसके दुख की वजह पूछी तो उसने बताया कि वह म्यूजिक को अपने अंदर फील तो कर सकता है लेकिन वह बजा नहीं पाता। यहां पर कह सकते हैं कि म्यूजिक उस छोटे लड़के के जरिए वजूद में आने की कोशिश कर रहा था पर वह बच्चा उसे अच्छे से समझ नहीं पा रहा था।  

इस तरह से भगवान मानवता के जरिए जीने की कोशिश करते हैं और यह बताना चाहते हैं कि वह दुनिया में है, जो हर किसी की मदद करते हैं। और किसी को भी पीछे नहीं रहने देते पर वह यह चाहते हैं कि हम अलग-अलग तरह के कामों को सीखें और उन्हें बजाएं और दिखाएं जिसकी वजह से हमें खुशी मिलेगी।  

लोगों के जरिए ही भगवान के होने के साइन मिलते हैं ,भगवान चाहते हैं कि जिसको जो कला आती है या म्यूजिक आता है या कुछ इंस्ट्रूमेंट प्ले करना आता है वह उसके अलावा और भी इंस्ट्रूमेंट बजाना सीखे ,कला को जितना हो सके अपनी लाइफ में लाना चाहिए। वह चाहते हैं कि जो लोग खूबसूरती की तारीफ करते हैं वह अपने आसपास इतनी खूबसूरत चीजे रखें कि किसी को भी वहां आने पर सिर्फ पॉजिटिव फील हो। जो लोग सच को मानते हैं उन लोगों को सच से जुड़ी हर चीज के बारे में पता होना चाहिए। भगवान उन लोगों को पसंद करते हैं जो हर तरह की कला की रिस्पेक्ट करते हैं जैसे अगर किसी ने अच्छे कपड़े पहने हैं तो उसकी तारीफ करनी चाहिए अगर किसी ने खाना बनाया है तो उसके खाने की तारीफ करनी चाहिए और उसे भी अच्छा खाना खिलाना चाहिए।  

“पॉल ने कहा है, कि भगवान हर उस चीज को पसंद करते हैं जो सच है उनको खूबसूरती,सुन्दर चीज़ें ,अच्छा म्यूजिक ,इंस्ट्रूमेंट बजाना और अच्छा खाना बहुत पसंद है वह चाहते हैं कि आप भी इसे पसंद करें क्योंकि वह खुद भी इसका इंजॉय करते हैं वह कहते हैं कि अच्छे खाने की तारीफ  हमेशा होनी चाहिए भगवान चाहते हैं कि हमारे अंदर काम करने की इच्छा होनी चाहिए।  

अमीर बनने के लिए या  लाइफ में पैसे कमाने के लिए जो भी आप  फील करते हैं उसकी कोई सीमा नहीं है ,जो कभी खत्म नहीं हो सकती।  इन सब बातों से भगवान आपके अंदर खुद को एक्सप्रेस करने या खुद को दिखाने की कोशिश करते हैं।   

जब उन्होंने उस छोटे लड़के में अपने आप को देखने की कोशिश की तो आप को भी इस बात से बिल्कुल हिचकिचाना नहीं चाहिए कि आप भी कुछ बड़ा मांग सकते हैं इस में कोई बुराई नहीं है। और आप भगवान से बेझिजक मांग  सकते हैं क्योंकि भगवान हमेशा आपकी इच्छाएं पूरी करना चाहते हैं।  

कुछ लोग एक ही मुश्किल पॉइंट के बारे में सोचते हैं कि वह पहले जैसे गरीब थे हमेशा वैसे ही गरीब रहेंगे और यही भगवान चाहते हैं वह अपनी ऐसी सोच को बदलना ही नहीं चाहते , वह गरीबी को एक योजना की तरह लेते हैं उन्हें लगता है कि यह नेचर के लिए जरूरी है उन्हें ऐसा लगता है कि भगवान ने अपना काम खत्म कर दिया है और जो कुछ बनाना था वह बना चुके हैं बहुत से आदमी यह सोचते हैं कि कि हम गरीब है क्योंकि कि चारों तरफ इनफ चीजें अवेलेबल नहीं है। वह इस थॉट  को अपने माइंड में इस तरह बैठा चुके हैं कि वह कुछ करना नहीं चाहते उन्हें किसी से पैसे मांगने में भी शर्म आती है और किसी के साथ कम्पीट भी नहीं करना चाहते जो होता है, जैसे हैं वैसे ही रहना चाहते  पसंद करते हैं.  

मुझे एक स्टूडेंट का मामला याद आ रहा है जिसमें उसे कहा गया था उसके माइंड में जो भी इच्छाएं हैं वह उनके बारे में सोचें पर क्रिएटिव तरीके से सोचे जिसकी वजह से वह चीजें वजूद  में आ जाएंगी। एक बहुत ही गरीब आदमी था जो रोज के रोज कमाता था और रोज खत्म हो जाता था ,उसकी लाइफ में बस यही चीजें थी कि वह रोज कमाता और सेविंग्स के बारे में सोच भी नहीं सकता था।  इस बात को नहीं समझ सकता था कि सब कुछ जो यूनिवर्स में मौजूद है वह सब उसका है। और उससे फिर इस बारे में सोचने का फैसला किया और सोचा कि उसको अपने कमरे के फर्श के लिए नया गलीचा और ठंड के मौसम में घर को गर्म करने के लिए एक एन्थ्रेसाइट कोयले का चूल्हा चाहिए ।  

 बुक में दिए गए डिरेक्शंस  से उसने वह चीजें हासिल भी कर ली, तब उसे लगा उसने बहुत कुछ अभी तक नहीं किया है जो वह घर के लिए चाहता है उसेने  अपने घर को एक बार फिर से देखा और एक प्लानिंग बनाई कि वह घर में क्या क्या चाहता है और मेंटली उस चीज के लिए अपने आप को प्रिपेयर किया। वहां उसने एक खिड़की और कमरा जोड़ा जब तक कि यह उनके मंद में चल रहे थॉट के अकॉर्डिंग  नहीं हो गया और फिर उसने उसे अच्छी तरह से फर्निश और सजाने की प्लानिंग करना शुरू की।

जो पिक्चर उसने अपने माइंड में बनाई थी उस पिक्चर को दिमाग में रखते हुए उसी तरीके से सोचने लगा। और उसी तरीके से जीने लगा जो वह चाहता था,और उसकी तरफ बढ़ने लगा। अब वह घर का मालिक था और अपने मन के रिकॉर्डिंग उसमें जो चाहता था वह करता था। अब वह  बहुत विश्वास के साथ बड़ी बड़ी चीजें हासिल करता जा रहा था ,उसके खुद पर विश्वास की वजह  से ही ऐसा हो रहा था। और ऐसा ही आपके साथ और हम सब के साथ होता है।

चैप्टर 7
ग्रेटीट्यूड

पिछले चैप्टर में एक्सप्लेन की  गयी बातों से आपको इतना तो पता चल गया होगा कि अमीर बनने के लिए पहला कदम है अपनी  इच्छाओं के थॉट्स को उस फॉर्मलेस सब्सटांस (Shapeless thing) तक पहुंचना। क्यूंकि उसी फॉर्मलेस सब्सटांस को अपने थॉट्स से शेप दे कर आप अमीर बन सकते हैं और तरक्की कर सकते हैं।  

ये बात बिलकुल सच है और आपको भी  ये पता चल जाएगा कि वही हमें सब कुछ देता है इसके लिए बस आपको अपने थॉट्स और उस शेपलैस चीज़ के  बीच में बैलेंस बनाना होता है।   

इस रिलेशन को बनाए रखना हमारे लिए जरूरी है और यह एक बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक भी है इतना जरूरी है कि इसके लिए मैं आपको कुछ टाइम देना चाहूंगा और आपको डायरेक्शन दूंगा कि अगर आप इन सब चीजों को फॉलो करेंगे तो आपकी जो भी इच्छायें है वो जरूर पूरी होंगी। आपको भगवान की मर्जी के साथ अपनी इच्छाओं को जोड़ना होगा।   

मेंटल एडजेस्टमेंट और  अपनी गलती मानना या अपने आप में सुधार करने के प्रोसेस को हम एक शब्द में ग्रेटीट्यूड कह सकते हैं  आपको सबसे पहले तो यह पता है कि एक बहुत इंटेलिजेंट सब्सटेंस या चीज है जो यूनिवर्स में मौजूद है जो हर किसी की बातें सुनकर समझता है और उनके थॉट्स भी समझता है और दूसरी बात है कि यह आपको हर वह चीज देता है जो आप चाहते हैं या जिसकी आप इच्छा रखते हैं और तीसरी चीज है ग्रेटीट्यूड यही शुक्र गुज़र होना  जिसकी वजह से आप खुद को सबसे और इस दुनिया से जोड़ते हैं यह तीनों चीजें बहुत ही जरूरी है।     

अपनी इच्छाओं को अपनी लाइफ में पूरा करने के लिए बहुत से ऐसे लोग हैं जो जिंदगी को दूसरे तरीके से जीते हैं, और अपनी लाइफ में बहुत डिसिप्लिन रहते हैं पर फिर भी उन्हें कुछ कमी रह जाती हैं ,जिससे वो गरीब हे रह जाते हैं।  और वह चीज है ग्रेटीट्यूड । इससे उनके आगे के रास्ते बंद हो जाते हैं और वह जैसे थे वैसे ही रह जाते हैं।   

यह समझना बहुत ही इजी है कि हम जितना पैसों के सोर्स के नजदीक रहेंगे उतना ही ज्यादा पैसे कमा पाएंगे और यह भी समझना आसान है जो कुछ भी मिलने पर भगवान के प्रति शुक्रगुजार नहीं होते हैं उन से ज्यादा भगवान उन लोगों के नजदीक रहते हैं जो उनके शुक्रगुजार होते हैं या फिर जिनमें ग्रेटीट्यूड होता है। 

  जब हमारे साथ सब अच्छा हो रहा हो हमारे पास सब अच्छी चीजें हो तो हम जितना ग्रेटीट्यूड या जितना हम शुक्रगुजार भगवान के प्रति होंगे हमें उससे ज्यादा ही अच्छी चीजें मिलेंगी और  उतनी ही तेजी से वह हमारे पास आएंगी।  इसका सीधा सा मतलब यह है कि जितना आप शुक्रगुजार होंगे यानी ग्रेटीट्यूड अपने अंदर रखेंगे तो आप उस सोर्स के बहुत नज़दीक हो जायेंगे यहाँ से हमे ब्लेस्सिंग्स और आशीर्वाद मिलता है।   

ग्रेटीट्यूड आपके लिए नया है या पहली बार आप उसके बारे में सुन रहे हैं तो अब से आपके लिए सही यही होगा कि आप उसको समझ ले अच्छे से सीख ले जब आप इससे अच्छी तरह समझ लेंगे तो आप समझ पाएंगे कि आप के अंदर कितनी अच्छी चीज आ चुकी है यह एक ऐसी चीज है जो आपको कभी भी निराश नहीं करेगी ग्रेटीट्यूड आपको क्रिएटिव थॉट्स के  साथ और स्ट्रॉन्ग्ली जोड़  देती है  और आपको मुकाबला करने की होड़ के विचारों से निकाल देती है। और आपको मुकाबला करने की होड़ के विचारों से निकाल देती है।   

ग्रेटीट्यूड या  शुक्रगुजार होना एक ऐसी चीज है जो हर चीज की तरफ देखती है जो हम सोचते हैं और यह हमें यह सोचने से रोकती है कि इस यूनिवर्स में हर चीज लिमिटेड है, क्योंकि ऐसा सोचना गलत है इससे आप अपनी इच्छाओं को पूरा नहीं कर पाएंगे।   

शुक्रगुजार होना एक कानून की तरह है और यह जरूरी है कि आप इस कानून को फॉलो करें अगर आप चाहते हैं कि आपकी हर इच्छा पूरी हो। ग्रेटीट्यूड एक नेचुरल  प्रिंसिपल है जिसमें अलग अलग दिशाओं में हर एक्शन का एक बराबर  रिएक्शन होता है।   

जब आप भगवान के शुक्रगुजार होकर उनकी प्रार्थना करते हैं और कुछ ज्यादा ही ग्रेटीट्यूड शो करते हैं तो उसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि अगर हम भगवान से कुछ मानते हैं और उसके लिए उनको उनको धन्यवाद करते हैं तो यह कुछ नया नहीं है जिसके लिए हमें भगवान को लुभाना पड़े यह एक अगर आप भगवान की पूजा करते हैं तो यह एक एक्शन है और रिएक्शन उसका तब होगा जब आपको उस पूजा का फल मिलेगा और भगवान आपकी मनोकामना पूरी करेंगे यह एक साइकोलॉजिक साफ है कि आप जितना भगवान के नजदीक जाने की कोशिश करेंगे वह आपके उतने ही नजदीक आएंगे।   

और अगर आपके अंदर शुक्रगुजार होने की भावना बहुत स्ट्रॉन्ग है तो जो शेपलेस्स  चीज है उसकी तरफ से रिएक्शन भी उतना ही स्ट्रांग ली होगा। और फिर वैसा ही होगा जैसा आप चाहते हैं और जो आप चाहते हैं।   

जैसे कि प्रभु यीशु ने हमें सिखाया है हमें सब का शुक्रगुजार होना चाहिए तभी वह हमेशा यह बोलते हैं कि “मैं मेरे पिता आपका थैंकफुल क्यूंकि आप मेरी सुनते हो।“ अगर आपके अंदर ग्रेटिटूड  नहीं है तो आप अपने अंदर की पावर को यूज़ नहीं कर सकते क्योंकि ग्रेटिटूड के बिना आप उस पावर से नहीं जुड़ पाएंगे जो हमें भगवान से मिलती है।   

जब भी आप किसी भी चीज को लेकर ना खुश रहेंगे तब तक आप हर चीज को लेकर डाउट करते रहेंगे , और डाउट में रहने की वजह से आपके हाथों सब दूर जाने लगेगा, और कुछ भी सही नहीं होगा। जब आप अपने मन में आम, साधारण गरीब, नीच ,और मतलबी लोगों की तरफ ध्यान देते हैं तो आपका मन इन चीजों की ही तरह से शेप लेने  लगता है और आप इन सब चीजों की इमेज अपने मन से उस से उस शेपलेस्स चीज़ तक पहुंचा देते हैं ,तब आप साधारण, गरीब ,मतलबी और नीच लोगों से घिरा खुद को महसूस करते हैं और आपके पास भी फिर वैसे ही लोग आते हैं।   

खुद को बुरी चीजों के बारे में सोचने देना रोकना और बुरी चीजों से घिरे रहना यह सब आपको सिर्फ गलत चीजों की तरफ ही लेकर जाता है इन सब चीजों से कोई फायदा नहीं होता है पर फिर भी ना चाहते हुए भी आपकी जिंदगी में आ जाते हैं।   

अगर हम दूसरी तरफ अच्छी चीजों पर ध्यान देंगे तो हम ऐसी चीजों को अपनी लाइफ में लेकर आएंगे जिससे हमारी जिंदगी बदल सकती है।  फिर हमारे अंदर की क्रिएटिविटी हमें अच्छाई से भर देगी।    

हम सब एक थिंकिंग सब्सटेंस है कहने का मतलब यह है कि हम जो सोचते हैं चीजें वहीं रूप  ले लेती हैं ,अच्छा सोचेंगे तो अच्छा ही होगा ,और  बुरा सोचेंगे तो बुरा ही होगा।   

जो शुक्रगुजार होते हैं उनका मन बहुत अच्छा होता है तभी जो भी वह सोचते हैं वह अच्छा बन जाता है और इस से वह अच्छे करैक्टर का रूप लेते हैं और उन्हें  सब कुछ अच्छा ही मिलता है। 

  इसके अलावा ट्रस्ट ग्रेटफुल होने ही मिलता है ,जितना आपके अंदर शुक्रगुजार होने की भावना होगी उतना ही आप अच्छी चीजों को एक्सपेक्ट करेंगे  और इस एक्सपेक्टेशन से ही ट्रस्ट बनता है और खुद के मन में अगर शुक्रगुजार होने की भावना होती है तो उससे आपके अंदर विश्वास भी बनता है।  किसी को भी धन्यवाद कहने से या किसी का शुक्रगुजार होने से आपके मन में विश्वास और बढ़ जाता है और जिसके पास  ग्रेसफुलनेस की भावना नहीं है ,वह लंबे टाइम तक अपने अंदर विश्वास नहीं बनाए रख सकता। और जब तक आपके अंदर विश्वास नहीं है आप क्रिएटिव तरीके से अमीर नहीं बन सकते ,जैसा कि हम आगे चैप्टर्स में देखेंगे।   

इसके लिए आपको मिलने वाली हर चीज के लिए शुक्रगुजार होना चाहिए और आपको इसकी आदत डाल लेनी चाहिए क्योंकि अगर आपको इसकी आदत है तो ऐसी आदतें आपको सक्सेस में बहुत हेल्प करती है अगर आप हर चीज में ग्रेटफुलनेस को शामिल करते हैं तो आप जल्दी तरक्की पाते हैं।   

प्लूटोक्रेट्स या ट्रस्ट मैग्नेट के बारे में सोच कर अपना टाइम नहीं  करना चाहिए क्योंकि सबको पता है कि उन्होंने अपनी लाइफ में कुछ गलत डिसीजन लिए। क्योंकि दुनिया ने ही आप को मौका दिया है और आपको जो भी कुछ मिलता है उसी वजह से मिलता है। करप्ट नेता के लिए भी आप नाराज ना हो क्योंकि अगर वह भी हम ही करने लगे तो हम सब बर्बाद हो जाएंगे। भगवान ने बहुत पेशेंश  के साथ हमें इंडस्ट्री और गवर्नमेंट  तक पहुंचाने का काम किया है। उसने अपना सब काम सही से किया है इसमें हमें कोई भी डाउट नहीं होना चाहिए।   

याद रखें कि यह सब चीजें करने से आप को अमीर बनने में मदद मिलेगी सबके शुक्र गुजार रहे हर चीज में अच्छाई देखें और हर अच्छी चीज में बैलेंस बनाकर चलें। अगर आप हर चीज में अच्छाई देखेंगे तो आपको सब अच्छा मिलेगा और अच्छी चीजें आपकी तरफ बढ़ेगी।  

चैप्टर - 8 
थिंकिग इन द सर्टन वे

 

चैप्टर 6 को याद करो और उस इंसान की कहानी फिर से पढ़ो जिसने अपने घर की तस्वीर अपने दिमाग में बनाई थी , और फिर आपको अमीर बनने के लिए एक आईडिया मिल जाएगा। आप जो भी कुछ चाहते हैं उसकी एक क्लियर और नपी तुली तस्वीर अपने मन में बनानी चाहिए; क्योंकि आप किसी भी सोच को तब तक नहीं फैला सकते जब तक कि वह खुद आपके अन्दर  न हो।   

देने से पहले आपके पास यह होना जरूरी है; बहुत से लोग थिंकिंग सब्सटेंस की मदद से अपनी थॉट्स को फैलाने में फ़ैल हो जाते हैं क्योंकि वह जो भी चाहते है वह उनके मन में क्लियर नहीं होता है , वह हर चीज के लिए परेशान रहते हैं। यह काफी नहीं है कि आपके पास "भलाई करने के लिए" पैसे कमाने की इच्छा होनी चाहिए; हर किसी की वह इच्छा होती है।    

यह भी काफी नहीं है कि आपके पास घूमने के लिए, चीजों को देखने के लिए ,ज्यादा जीने के लिए सिर्फ इच्छा ही होनी चाहिए। हर किसी की इच्छाएं होती हैं। अगर आप अपने किसी दोस्त को वायरलेस मैसेज भेजने चाहते हैं, तो आप वर्ड्स में जो लेटेस्ट है उनको खुद नहीं बल्कि सीरियल वाइज लिखेंगे, और उसे लिखने देंगे जैसा सेंटेंस बनेगा;आप प्रॉपर एक सेंटेंस भेजेंगे न की अलग अलग वर्ड्स ।आपकी थिंकिग आपकी इच्छाओं पर असर डालती है, तो यह याद रखें कि आप जो भी बोलना चाहते है वह पूरा सेंटेंस होना चाहिए; और उसका मतलब निकलना चाहिए, औरआपके थॉट्स क्लियर होने चाहिए। क्योंकि अजीब और बिना सिर पैर  की इच्छाओं को बाहर भेजकर आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते,और न ही क्रिएटिविटी पॉवर को एक्टिव कर सकते है    

अपनी इच्छाओं को वैसे ही एनालाइज करें, जैसे घर बनाने की इच्छा रखने वाले उस आदमी ने किया था। फिर आप यह देखें कि आप क्या पाना चाहते हैं और आप उसे जिस तरह पाना हैं, उसी रूप में उसकी तस्वीर देखें।    

आपके मन में आपके थॉट्स की एक क्लियर पिक्चर होनी चाहिए, जिस तरह एक जहाज चलाने वाला का ध्यान हमेसा पोर्ट की ऒर होता है। आपको भी हमेशा  अपना दिमाग उसकी ऒर रखना चाहिए।आपको इसे आँखों से दूर नहीं होने देना है,ठीक वैसे ही जैसे जहाज़ चलाने वाला कंपास को अपनी नजरों से दूर नहीं होने देता।    

कंसंट्रेशन लिए एक्सरसाइज की कोई जरूरत नहीं होती है, प्रेयर और बाकि कामों के लिए भी कोई फिक्स्ड टाइम नहीं होता है, ना ही "चुप रहने" के लिए और ना ही किसी तरह का सीक्रेट स्टंट करने के लिए। यह सब चीजें सही तो है,पर आपको पता होना चाहिए कि आप क्या चाहते हैं।    

आपने जो तस्वीर मन में बनाई है, उस पर धयान करने के लिए जितना हो सके उतना ज्यादा टाइम दे, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि आपको आपके मन के हिसाब से कुछ पाने के लिए एक्सरसाइज करनी पड़ेगी। जबकि आपको इस बात पर भी ध्यान देना पड़ेगा कि आप उन सब बातों पर गौर ना करें, जिनकी आप सच में परवाह नहीं करते हैं।    

जब तक अमीर बनने के लिए आपकी सोच इतनी मजबूत ना हो जाए और  आप उसे अपने पक्के इरादे में बदल सकें, तब तक इस किताब में दिए इंस्ट्रक्शंस को फॉलो करते रहे। यहां बताए गए तरीके उन लोगों के लिए हैं  जिनकी इच्छा दिमागी आलस को छोड़कर पैसा कमाने की है, तब आप अपनी पिक्चर को जितना क्लियर  बनाते हैं उतना ही आप आपकी इच्छा को स्ट्रांग करेगा।    

तब आप अपनी तस्वीर जितनी ज्यादा क्लियर बनाते हैं, जितना ज्यादा उस पर ध्यान देते हैं, और जितना उसकी आनंद देने वाली डिटेल को सामने लाते हैं, उतनी ही आपकी इच्छा मजबूत होगी; आप जो  भी चाहते हैं उसको अपने दिमाग में जब क्लियर रखेंगे वो उतनी ही खुबसुरती से आपकी तरफ आएगी।     

हालाँकि, सिर्फ  तस्वीर को क्लियर रूप से देखने के लिए कुछ और भी जरूरी  है। अगर आप सिर्फ इतना ही करते हैं, तो यह  एक सपना देखने के बराबर होगा, जिससे आपको कुछ नहीं मिलेगा और आपके पास उसको पूरा करने के लिए बहुत कम या बिलकुल भी शक्ति नहीं रहेगी ।    

आपके क्लियर विज़न के पीछे आपका मोटीव भी क्लियर होना चाहिए ;और वह आपके थॉट्स में पूरी तरह से मिक्स हो जाना चाहिए; इसे सामने दिखाई देने वाले रूप में लाना होगा ।    

और इस पर्पस के पीछे आपका विश्वास मजबूत होना चाहिए कि वह चीज पहले से ही आपकी है; और यह भी कि वह   "हाथ में" है और आपको सिर्फ इसे पाने की जरूरत है। मन में बनाए नए घर में आप तब तक रहें, जब तक सच में ना बन जाए। अपने मन में घुस कर, उन सब चीजों का मजा लें जिनका आप मजा उठाना चाहते हैं। भगवान ने कहा, जो कुछ तो प्रार्थना करते समय मांगते हो, भरोसा रखो की वह तुम्हें मिलता है, और हमेशा मिलता ही रहेगा।    

उन चीजों को उसी रूप में देखो, जिन्हे आप सच में अपने सामने या पास देखना चाहते हैं; मानो आप उनके मालिक हैं और उन्हें यूज़ में लाना चाहते हैं।अब अपनी  इमैजिनेशन में उनका यूज करो ,जैसे आपने सच में सामने होने पर करते।  अपने दिमागी तस्वीर पर तब तक ध्यान दें ,जब तक वह साफ ना हो जाए, फिर उस तस्वीर के लिए अपने मन में उसके मालिक होने का भाव पैदा करें।अब अपने मन में उसके मालिक होने का भाव लेकर आएं की वह आपकी हो गई; एक पल के लिए भी इस विश्वास को खत्म ना होने दें कि वह असली नहीं है।    

और आपको यह भी याद रखन है जो ग्रेटिटयूड वाले चैप्टर में क्या कहा गया था; हर समय इसके लिए उतने ही आभारी रहें जितना कि आप उससे मिलने के बाद होने की उम्मीद करते हैं। वह आदमी जो ईमानदारी से भगवन  को उन  सभी चीजों के लिए धन्यवाद करता है, जो अभी तक सिर्फ उसकी ऐमेजिनेशन में है वह सच में उसको अपनी लाइफ में लेकर आ सकता है। उसके अंदर इतना विश्वास है, की वह जो भी चाहता है उसे पा सकता है।     

आप जो  भी चाहते हैं उसके लिए आपको बार-बार प्रार्थना करने की जरूरत नहीं है; इसके बारे में हर दिन भगवान को याद दिलाना भी जरूरी नहीं है। भगवान् ने अपने स्टूडेंटस से कहा, "कि दूसरी जातियों की तरह बिना मतलब का दोहराव न करें ," क्योंकि तुम्हारा पिता जानता है कि तुम्हारे माँगने से पहले तुम्हें उन चीजों की जरूरत  है।    

आपका रोल बस इतना है कि उन चीजों के बारे में समझदारी से सोचिये और समझदारी से अपनी लाइफ में लाने की कोशिश करें। यह एक बड़ा जीवन बनाती हैं, और इन इच्छाओं को अच्छी तरह से बैलेंस करना; और फिर उस बेसिक चीज पर प्रभाव डालना यह आपका काम है,आप में वह शक्ति और विल पॉवर है जो इसको पूरा करने के लिए जरूरी है।    

आप बार बार अपनी इच्छा को दोहराकर उसे पूरा नहीं कर सकते हैं;  इसे पाने स्ट्रांग विल पॉवर की जरूरत है जिसकी मदद से आप  इसे पा सकते हैं। प्रार्थना का उत्तर बात करते समय आपके विश्वास के अकॉर्डिंग नहीं है, बल्कि काम करते समय आपके विश्वास अकॉर्डिंग के है।    

आप भगवन के मन पर अपनी छाप छोड़ने के लिए ऐसा नहीं कर सकते कि वीक में एक दिन ही उनके सामने आप अपनी इच्छा रखें और फिर बाकि पूरे वीक उन्हें याद न करें। अगर आप सिर्फ प्रार्थना के टाइम ही अपने बंद कमरे में भगवान से बात करते हैं तो यह है उम्मीद ना रखें कि आप इस से भगवान पर प्रभाव डाल सकते हैं।     

बोल कर की गई प्रार्थना ही काफी होगी, और इसका आप पर गहरा असर पड़ता है ,इससे आपको अपने विजन और विश्वास को मजबूत करने में मदद मिलती  है; लेकिन ओरल प्रेयर से ही आपको अपनी इच्छा का नहीं मिल सकता। अमीर बनने के लिए आपको प्रेयर के लिए"कुछ घंटों" की जरूरत नहीं है;बल्कि आपको "बिना रुके" प्रेयर करनी चाहिए। प्रेयर से मेरा मतलब है कि अपने विजन को क्लियर रखना, और आपको यह विश्वास रखना है कि आप जो चाहते हैं, जो सोच रहे हैं,वह आपके सामने एक दिन जरूर आएगा। "आपको अपने किए पर भरोसा रखना होगा।"    

एक बार जब आप साफ रूप से अपना विजन बना लेते हैं, तो सारा मामला उसे पाने  में बदल जाता है। जब आप अपने विचार बनाते है,तो उसे बोलकर एक बार भगवान् को बताना चाहिए;  आपको मन में, वह सब चीजें पा लेनी है जैसी आप उम्मीद करते हैं। जैसे की आप नए घर में रहते हैं; अच्छे कपड़े पहनते हैं ; ऑटोमोबाइल में सवारी ; घुमने जाते हैं , और सेल्फ कॉन्फिडेंस से भरे है। आपको यह सोचना है कि यह सब चीजें आपके पास आ गई है, और आप इनके मालिक बन चूके हैं। एक एनवायरमेंट, और ऐसी कंडीशनके बारे में सोचें जैसा आप चाहते हैं, और हर समय उस इमेजनरी वर्ल्ड में रहें।    

हालाँकि, यह सब चीजें ओवर थिंकर के मामले में फिट होती हैं; वह भी ऐसा ही करते है, वह अपना एक इमेजनरी वर्ल्ड बना लेते है और उसी में जीते हैं, याद रखें कि यह आपकी कल्पना को पूरा करने का पर्पस आपके विचारों में होना चाहिए।जो वैज्ञानिक और सपने देखने वालों के बीच का अंतर बताता है। और इस बात को जानने के बाद, आपको पता चलेगा कि आपके पास जो भी है वह एक तरह की वसीयत है, जिसका सही यूज करना आना चाहिए।   

चैप्टर --9 
हाउ टू यूज द विल

  

साइंस के तरीके से अमीर बनना चाहते है तो, आप अपने से बाहर किसी भी चीज़ पर अपने विल को लागू नहीं करेंगे । वैसे भी आपको ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।    

अगर आप अपनी विल को दूसरे लोगों पर लागू करते हैं तो यह गलत बात है,क्योंकि हर कोई अपने हिसाब से काम करते है,वह आपके हिसाब से का नहीं कर सकते।  

दिमागी ताकत से लोगों को मजबूर करना उतना ही गलत है जितना कि उन्हें अपने शरीर की ताकत से मजबूर करना है।अगर किसी को भी शरीर की ताकत से काम के लिए मजबूर करना उन्हें गुलामी लगती है, तो उन्हें दिमागी रूप से काम के लिए मजबूर करना भी ठीक वैसे ही है; सिर्फ तरीकों में अंतर है। अगर शरीर की ताकत से लोगों से चीजें लेना लूट पाट है, तो दिमागी ताकत से चीजें लेना भी लूट पाट  है; बात वही है,बस तरीका अलग है।  

आपको अपनी विल पर का यूज किसी दूसरे इंसान पर करने का कोई राइट नहीं है, फिर चाहे आप "उनके भले के लिए" ही क्योँ न कर रहे हों; क्योंकि आप यह नहीं जानते कि किसी भी दूसरे इंसान के लिए क्या चीज अच्छी है और क्या बुरी। अमीर बनने के विज्ञान के लिए आपको किसी दूसरे इंसान पर किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती की जरूरत नहीं है। हमे ऐसा कभी नहीं करना चाहिए; क्योंकि दूसरों पर अपनी इच्छा डालने से पहले आपको यह सोच लेना चाहिए की ऐसा करने से आपके काम बनेंगे नहीं बल्कि ख़राब हो जाएंगे।   

आपको अपनी विल को चीजों पर लागू करने की जरूरत नहीं है, आप उन्हें आपके पास आने के लिए मजबूर नहीं कर सकते ।
यह भगवान पर अपना ज़ोर देखना जैसा होगा, इसे आप मूर्खतापूर्ण, यूजलेस अपमानजनक भी कह सकते है। आप भगवान को इस बात के लिए मजबूर नहीं कर सकते की वह आपको अच्छी चीजें ही दें है, ठीक उसी तरह जैसे सूरज को उगने के लिए आपको अपनी विल पावर की जरूरत नहीं होती। 

  आपको किसी भी अमित्र देवता को जीतने के लिए के लिए, या जिद्दी ताकतों को अपने आगे झुकाने के लिए भी अपनी विल पवार का यूज नहीं करना है। यह बेसिक चीज आपके हिसाब से काम करती है। आप क्या चाहते है वो वह सब कुछ आपको देना चाहती है। अमीर बनने के लिए, आपको सिर्फ अपनी विल का यूज अपने ऊपर करने की जरूरत है।  

जब आप जानते हैं कि क्या सोचना है और क्या करना है, तब आपको अपनीं विल पावर का यूज करके सही काम करने के लिए मजबूत बनाना होगा। अगर आप अपने आप को सही रास्ते पर लाने के लिए विल पावर का यूज करते हैं ,तो यह अच्छी बात है और पॉजिटिव भी। अपने आप को एक खास तरीके से काम करने के लिए तैयार करें और इसके लिए आप अपनी विल पावर का यूज कर सकते है।   

अपनी बिल पावर का यूज़ आप अपने लिए करें ना कि दूसरों के लिए। दूसरों के लिए करना या सोचना हमारा काम नहीं है, इस तरह के थॉटस को स्पेस में भेज कर आप कुछ भी नहीं पा सकते।  अपने दिमाग को अपने साथ ही रखें,यह इसी जगह सबसे अच्छा काम कर सकता है।  

आप जो भी चाहते हैं, अपने मन में उसकी एक पिक्चर बना लें और पुरे विश्वास और मोटिव के साथ उसे होल्ड करके रखें ;फिर अपनी विल पावर का यूज कर के सही रस्ते पर चलें। 

आपका इरादा और विश्वास जितना पक्का और क्लियर होगा, आप इतनी जल्दी अमीर बनेंगे, क्योंकि आप उस बेसिक चीज पर जो हमारे दिमाग में है उस पर एक पॉजिटिव असर डाल रहे हैं; और आप उसे नेगेटिविटी से बेअसर नहीं कर पाएंगे ।  

विश्वास और मोटिव के साथ, अपनी इच्छाएं पूरे यूनिवर्स में फैली हुई हैं, यह बात मुझे पता है, वहां हर चीज आपकी इच्छाओं को पूरा करने के लिए डेस्पिरेट है। जैसे-जैसे यह इरादा फैलता जाता है, सभी चीजें पूरी होने लगती हैं; हर लिविंग और नॉन लिवंग थिंग्स, जो अभी तक बनी नहीं है, और जो आपकी सोच में तो है लेकिन उसे प्रोड्यूस करना बाकि है।वह सब अपनी सारी शक्ति उस तरफ लगने लगती है; सभी चीजें आपकी ओर बढ़ने लगती हैं। हर जगह लोगों का मन आपकी इच्छाओं को अकोडिंग काम करने लगते है; और वे सब आपकी इच्छा को पूरा करने में आपकी मदद करते है।  

लेकिन आप बिना आकर की चीज में एक नेगेटिव निशान छोड़कर यह सब चैक कर सकते हैं।तो आप डाउट और अविश्वास के तो पास होंगे लेकिन विश्वास और मोटिव से दूर जाने लगेंगे। जो भी लोग "दिमागी साइंस" का यूज करके अमीर बनना चाहता है, वह इसी वजह से फेल हो जाता हैं। आपके लाइफ का हर घंटा और हर पल ,जो चिंता और डर में बीतता है, हर घंटे जिसमें आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस काम होता है, वह आपको उस इंटलीजेंस से दूर करता जाता है। यह सब वर्ड्स उनके लिए हैं जो विश्वास करते हैं, और सिर्फ विश्वास करते है। ध्यान दें कि विश्वास के इस पॉइंट पर भगवन कितना जिद कर रहे थे; और अब आप इसकी वजह जानते हैं।  

विश्वास बहुत इंपॉर्टेंट है, यह आपको अपनी सोच की रक्षा करने की इंस्पिरेशन देता है। आपका विश्वास काफी हद तक उन चीजों पर बेस्ड होते हैं, आप देखते हैं जिनके बारे में आप सोचते हैं, यह बहुत इंपॉर्टेंट है कि आप इन बातों पर पूरा ध्यान दें। 
यहीं से विल पावर का यूज़ करना सामने आएगा; आपकी जो विल है वह यह तय करेगा कि आप अपना ध्यान कहां लगाएं। अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो, आपको गरीबी के बारे में नहीं पढ़ना चाहिए।  

नेगेटिव चीजों के बारे में सोचने से पॉजिटिव चीजें नहीं मिलती। बीमारी के बारे में पढ़ने से और उसके बारे में सोचने से हमें अच्छी हेल्थ नहीं मिलती; पाप के बारे में पढ़ने और उसके बारे में सोचने से हमें कभी अच्छाई नहीं मिलती और गरीबी के बारे में पढ़ने और उसके बारे में सोचने से आज तक कोई अमीर नहीं बना है।  

बीमारी की साइंस के रूप में इलाज ने रोग को बढ़ा दिया है; पाप की साइंस के रूप में धर्म ने पाप को बढ़ावा दिया है,और इक्नोमिक्स ने गरीबी की पढ़ाई के रूप में दुनिया को दुखों और कमियों से भर दिया है। गरीबी के बारे में बात मत करो; उसकी चिंता मत करो, इसकी चिंता मत करो इसकी चिंता मत करो यह किस वजह से है; इसका आप से कोई लेना देना नहीं है। आपको जो चिंता है वह इसका इलाज है।     

अपना समय धर्म के कामों, या दान के कामों में न लगाएं; सभी दान सिर्फ उस कमजोरी को खत्म करने के लिए बने होते हैं, जिसका गोल उसे मिटाने का होता है। मैं यह नहीं कहता कि तुम कठोर या बुरे हैं, और आपको किसी जरूरत मंद की मदद नहीं करनी चाहिए; लेकिन में यह कहना चाहता हूँ कि, किसी भी पुराने तरीके से गरीबी को खत्म नहीं किया जा सकता है।   

गरीबी को अपने पीछे रखो, और जो कुछ उससे जुड़ा है उसे अपने पीछे रखो, और "अच्छा करो।" अमीर बनिए; यह सबसे अच्छा तरीका है जिससे आप गरीबों की मदद कर सकते हैं। अगर आप अपने मन को गरीबी की इमेज से भर कर रखते है, तो अमीर बनाने की दिमागी इमेज जो आपने बनाई है, वह नहीं बन पायेगी ,क्योंकि आपके मन में पहले से ही गरीबी रहेगी। ऐसी किताबें या कागज़ों को मत पढ़ें, जो मकानों में रहने वालों की गरीबी के बारे में बताते है, जो बच्चों से करवाई मजदूरी की डरावनी सचाई के बारे में बताते है। ऐसा कुछ भी न पढ़ें जो आपके मन को दुखों और कमियों की उदास इमेज से भर देता हो।  

इन बातों को जानकर आप गरीबों की कम से कम मदद नहीं कर सकते; और न ही उनके बारे में ज्यादा जानकारी उनकी गरीबी को दूर करने के लिए है। गरीबी को दूर करने के लिए आपके मन में जो भी सोच है वो सब आपकी लाइफ में भी आने लगेगी , और गरीबी की सोच आपको हर तरह से पैसों से खली कर देगी  

जब आप अपने मन को उस दुख के चित्रों से भरने से मना करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप गरीबों को उनके दुख में नहीं छोड़ रहे हैं। गरीबी को दूर करने वाले लोगों की गिनती नहीं बढ़नी चाहिए,जो गरीबी के बारे में सोचते हैं। बल्कि ऐसे लोगों को साथ जोड़ना चाहिए जो आमिर बनना चहते है, और जो विश्वास के साथ अमीर बनने का गोल रखते हैं। गरीबों को दान की जरूरत नहीं है; उन्हें इन्स्पिरेशन चाहिए  

दान के बदले में भले ही उन्हें पेट भरने के लिए रोटी मिल जाए, या मनोरंजन के बदले में भले ही वह  एक -दो घंटे अपने दुख भूल जाएं; लेकिन इन्स्पिरेशन से वह उनके दुख से बाहर निकलने सकते हैं ।अगर आप गरीबों की मदद करना चाहते हैं,तो उन्हें देखाइए कि वे अमीर बन सकते हैं; खुद अमीर बनकर इसे साबित करें ।  

इस दुनिया से गरीबी को हमेशा के लिए दूर करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि इस किताब में जो तरीके दिए है उनको आपको अच्छे से सीखना है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह किताब पहुंचनी है।  लोगों को कॉम्पिटिशन से नहीं बल्कि डेवलपमेंट से अमीर बनना सिखाया जाना चाहिए।  

हर वो आदमी जो कॉम्पिटिशन से अमीर बनता है, वह अपने लिए रास्ता बनता है और फिर उसे तोड़ता जाता है, ताकि दूसरे ऊपर न आ सकें; लेकिन हर आदमी जो क्रिएटिविटी से अमीर बनता है, वह हजारों लोगों के लिए इन्स्पिरेशन बन जाता है, और वह सिर्फ अपने बारे में न सोच कर सब के बारे में सोचता है।   

जब आप गरीबी पर दया करने से मना कर देते हैं, गरीबी देखते हैं, गरीबी के बारे में पढ़ते हैं, या इसके बारे में सोचते हैं और बात करते हैं, या इसके बारे में बात करने वालों को सुनते हैं, तो आप दिल की कठोरताको नहीं देखा रहे बल्कि आप सिर्फ उस भाव को हटा रहे हैं जो आपके ऊपर हावी हो सकती है।   

अपने मन को गरीबी के विषय से दूर रखने के लिए अपनी विल पवार का यूज करें, और जो आप चाहते हैं उस पर विश्वास रखें और अपने विश्वास और और उद्देश्य के साथ इस पर स्टेबल रहिए ।  

चैप्टर 10
फर्दर यूज ऑफ़ विल

अगर आप अपना ध्यान ऐसी चीजों पर लगा रहे हैं जो आपकी सोच के ऑपोजिट है, फिर चाहे वह बाहरी हो या इमेजिनरी आप अपना पैसा कमाने का मौका गवा रहे हैं,ऐसे में आप पैसे की सही सोच नहीं रख सकते।  

अगर आपने कुछ दिनों पहले पैसों से रिलेटिड परेशानियां फेस की है, और उनसे आप बहुत परेशान रहे चुके हैं ,तो आप उनके बारे में बिल्कुल भी मत सोचिए अपने पेरेंट्स की गरीबी, या अपने स्ट्रगलिंग टाइम की गरीबी, के बारे में किसी को भी ना बताएं; किसी को बताने से आप अपने लिए परेशानियां ही खड़ी करते हैं, क्योंकि इन सब के बारे में सोच कर आप फिर से उन्हीं चीजों की तरफ ध्यान देंगे और आप अपने पास आने वाली पोसिटिव चीजों को रोक देंगे।    

"मरे हुओं को अपने मरे हुऒं को दफनाने दो," जैसा कि भगवन ने कहा था।
गरीबी और गरीबी से जुडी सभी चीजों को पूरी तरह से अपने पीछे रखो।
जब आपने यूनिवर्स के रूल्स को एक्सेप्ट कर लिया है, और उसे यूज भी कर रहे है; तो आपको ओपोजिट चीजों को सोचने की क्या जरूरत है, ऐसी गलत सोच पर ध्यान देकर आप क्या हासिल करना चाहते हैं? 

धार्मिक किताबें न पढ़ें जो आपको यह बताती हैं कि दुनिया जल्द ही खत्म होने वाली है; बकवास करने वालों और नेगटिव टाइप के राइटर्स की किताबे भी न पढ़ें जो आपको बताते हैं कि अगर अप्प कुछ गलत करते है तो आप शैतान के पास जा रहें  है। दुनिया शैतान के पास नहीं जा रही है;बल्कि भगवान के पास जा रही है  

यह एक अद्भुत शरुआत है। यह सच है कि, हमारे इन्वायरमेंट में बहुत सी अच्छी चीजें तो है पर उनसे सिर्फ नेगटिवटी ही निकलती है; लेकिन उनके बारे में पढ़ने से भी क्या फायदा जब वे हर रूप से मर रहे हैं? उन चीजों पर टाइम और ध्यान क्यों दें जो डेवलपमेंट के रस्ते में रुकावट बन रहे हैं ,और आपको खाई की तरह ले जा रहे हैं, इन सब को हटाने का  एक ही तरीका है कि डेवलपमेंट कैसे करना है? यह सोचना और उसी दिशा में काम करना इससे वह आपके रस्ते से हट जायेंगे ?   

कुछ देशों, वर्गों, या जगहों कंडीशन कितनी भी ख़राब क्यों न हों, अगर आप उसके बारे में सोच रहे है, या बात कर रहे हैं, तो आप अपना समय तो बर्बाद करते ही हैं लेकिन अपनी ओपूरचूनेटिस भी खत्म कर देते  है। आपको  यह सब छोड़कर दुनिया के सबसे अमीर बनने में इंट्रेस्ट लेना चाहिए।   

उस धन के बारे में सोचें जिसके बारे में दुनिया के सभी अमीर सोचते है और अपने पैसों को और बढ़ा रहे है; इस दुनिया को अमीर बनाने में मदद करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप क्रिएटिव तरीके से खुद को अमीर बना लें-कॉम्पिटिशन के तरीके से नहीं। अपना पूरा ध्यान पैसा कमाने पर लगाओ; गरीबी को इग्नोर करें।   

जब भी आप गरीबों के बारे में सोचते हैं या बोलते हैं, तो ऐसे गरीबों के बारे में सोचें जो अमीर बन रहे हैं ;  उन लोगों के अंदर यह बदलाव आ रहा है और वो दिल से अमीर बनना चाहते है ,वह इतने मेहनत करते  हैं की उनको दया के जगह बधाई दी जानी चाहिए।तब वह बाकि लोगों के लिए प्रेरणा बन जायेंगे, और गरीबी से  बाहर निकलने का रास्ता ढूंढेगे।   

क्योंकि मैं कहता  हूँ कि आपको अपना पूरा टाइम और दिमाग पैसा कमाने और पैसा कमाने के बारे में सोचने  में लगाना चाहिए, इसका मतलब यह नहीं है कि मैं  आपको बुरा या मतलबी बनने के लिए बोल रहा हूँ । सच में अमीर बनना आपके जीवन का सबसे अच्छा गोल है, क्योंकि इसमें बहुत सी चीजें इन्वॉल्व है।   

आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप कॉम्पिटिशन के रास्ते पर न चलें, अमीर बनने के लिए बहुत से लोग लड़ाई झगड़े करते है; लेकिन जब हम क्रिएटिविटी की मदद से अमीर बनने के बारे में सोचते है, तो हमारे दिमाग में बदलाव आ जाता है ।   

महानता और आत्मा के विकास, सेवा औरअच्छी कोशिशों के रास्ते में जो कुछ भी आता  है, वह सब अमीर बनने से आता है; सभी चीजों का यूज करने से यह सब कुछ पॉसिबल हो सकता है। अगर आप हमेशा बीमार रहते है ,तो उसका इलाज यह कि अमीर बनेगे तो आप अपना इलाज अच्छे  कारवा पायेंगें और हमेशा हेल्दी रहेंगें।    

केवल वे लोग जो पैसों की  चिंता नहीं करते  हैं, और जिनके पास अच्छे साधन है, जिससे वह अपना  ध्यान रख सकते है,अपनी हेल्थ को ठीक रख सकते है, बस वही लोग सुखी है।   

मोरल और स्प्रिचुअल महानता सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए पॉसिबल है जो किसी भी कॉम्पिटिशन की लड़ाई से ऊपर हैं; और वे लोग जो अपनी सोच में क्रिएटिविटी रखते है, वही आगे बढ़ रहे हैं और उन्हीं का विकास रहा है। अगर आप अपने घर में प्यार बढ़ाना चाहते है , तो कॉम्पिटिशन को को भूल जाइए, क्योंकि  प्यार वहीं पनपता है, जहां कॉम्पिटिशन नहीं होता है।वह लोग सिर्फ क्रिएटिव सोच से पैसा कमाते हैं, और खुश रहते हैं और दूसरों को भी खुश रखते हैं ।, ।  और वह लोग क्रिएटिव सोच से  पैसा कमाते हैं,वह भी खुश रहते है और दूसरों को भी खुश रखते है  ।  

आप ऐसे ही इतना महान नहीं बन सकते और न इतनी महान सोच को अपने दिमाग में ला सकते हैं ,जब तक आप कुछ अलग करने की कोशिश न करें, मैं दोहराता हूं, जैसे कि अमीर बनना; और आपको अपना ध्यान पैसों की उस इमेज पर रखना चाहिए जो आपके दिमाग में है, आपको ऐसी चीजों से अपना ध्यान पूरी तरह हटा लेना चाहिए जो आपके गोल में रुकावट बनती हो।    

आपको सभी चीजों में जो सच है उसको देखना चाहिए; आपको उन चीजों को नहीं देखना चाहिए जो आपको रस्ते से भटकती हों ,आपको गलत सिचुएशन में नहीं  पड़ना चाहिए क्योंकि इससे आपका बहुत नुकसान हो सकता है,एक महान जीवन हमेशा आगे बढ़ने और खुश रहने की कोशिश करता है। यह सच है कि गरीबी जैसी कोई चीज नहीं होती; यह सिर्फ पैसों का खेल है।    

यह सच है कि गरीबी जैसी कोई चीज नहीं होती यह सिर्फ यह पैसों और सोच का खेल है; क्योंकि उन्हें यकीन ही नहीं होता कि उनके लिए भी पैसा मौजूद है, और भगवान उन्हें खुले हाथों से देना चाहता है। उन लोगों के विश्वास को बनाए रखने के लिए आपको उन्हें अपना एग्जांपल देना पड़ेगा और अपने आसपास के उन लोगों के बारे में बताना पड़ेगा जो अमीर बन रहे हैं या बन चुके हैं।   

बहुत से लोग गरीब हैं, क्योंकि उन्हें लगता है अमीर बनने के लिए जो रास्ता हैं वह थोड़ा मुश्किल है।  वह अपने दिमाग से इतने आलसी हैं कि वह उस रास्ते को ढूंढने और उस पर चलने की कोशिश ही नहीं करते; आप उनके लिए जो सबसे अच्छा कर सकते हैं वह करें ,वह यह है कि उनके अंदर अमीर बनने की इच्छा को जगाना और उन लोगों को इस बात से इंस्पायर करना कि वह अमीर बन सकते हैं।  बस उन्हें थोड़ी कोशिश करने की जरूरत है।    

और बाकी के लोग इसलिए गरीब हैं,क्योंकि उन्हें पता तो होता है कि क्या करना है, पर यह नहीं पता कि कैसे करना है? कम या गलत नॉलेज की वजह से वह रास्ता भटक जाते हैं और उन्हें समझ में नहीं आता कि उन्होंने जो किया है वह सही है या गलत। वह हर तरह की कोशिश करना चाहते हैं क्योंकि वह ऐसा सोचते हैं कि जितने ज्यादा रास्तों पर वह चलेंगे,उतने ही ज्यादा अमीर हो जाएंगे। लेकिन होता उसका उल्टा ही है ,उन लोगों के लिए सबसे अच्छी बात यह होगी कि आप उनके सामने खुद अमीर होकर दिखाइए और उनके अंदर यह विश्वास जगाए कि वह भी अमीर बन सकते हैं।     

पूरी दुनिया के लिए आप जो सबसे अच्छी चीज कर सकते हैं, वह है अपना ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना। आप अमीर होने के अलावा और ज्यादा इफेक्टिव तरीके से भगवान औरलोगों की मदद नहीं कर सकते हैं; यानी की आप तभी दूसरों की मदद  सकते हैं जब आप अपनी क्रिएटिविटी से अमीर बन हों न कि दूसरों से कॉम्पिटिशन कर के ।   

एक और बात। हम यह दावा करते हैं कि यह किताब अमीर बनने की साइंस के रूल्स के बारे में डिटेल में बताती है; और अगर यह साच है, तो आपको इस टॉपिक पर किसी और किताब पुस्तक को पढ़ने की जरूरत  नहीं है। यह थोड़ा अजीब और घमंडी लग सकता है, लेकिन सोचें कि: मैथ्स में काउंटिंग का कोई और तरीका नहीं है, जो कि प्लस, माइंनस ,मल्टीप्लाई, और डिवाइड से है; कोई और तरीका पॉसिबल ही नहीं है। दो पॉइंट्स के बीच की दूरी काम से काम हो सकती है।   

 साइंस रूप से सोचने का सिर्फ एक ही तरीका है,और वह यह है कि उस तरीके से सोचना जो आपके गोल के लिए सबसे सीधा और इज़ी हो। किसी भी इंसान ने अभी तक इससे "आसान तरीका" नहीं बनाया है,जो आपको अमीर बना सकेजो यहां बताई गई है उसे इन सब चीजों से दूर रखा है जो जरूरी नहीं है।  जब आप इस किताब को पढ़ते हैं और और अमीर बनने के लिए साइंस को शुरू करते हैं तो आपको बाकी की सब चीजों को अपने से दूर कर देना होता है और सभी बातों या  नॉलेज को जो आपके दिमाग में है उसको निकाल देना होता है।     

हर दिन इस किताब को पढ़िए; और अपने पास रखिए; कोशिश करिए कि यह आपको पूरी तरह से याद हो जाए, जिससे कि इसमें लिखी सारी बातें आपके लिए इंपॉर्टेंट साबित हो सके। जब आप इस किताब को पढ़ते हैं तो दूसरे" सिस्टम" के बारे में मत सोचो जो आपको अमीर बनने के लिए बहुत से लोग लिख चुके हैं।क्योंकि अगर आप दूसरी किताब पर ध्यान देंगे  तो आपके मन में सभी चीजें मिक्स हो जाएंगी;  जिनका कोई मतलब नहीं रह जाएगा, आपकी सोच बेकार हो जाएगी और फिर आप फेलियर को फेस करना शुरू कर देंगे।    

एक बार अच्छा बनने और अमीर बनने के बाद आप जितना चाहे दूसरी किताबें पढ़ सकते हैं; उसमें आपको कोई नहीं रोकेगा। इसके अलावा, अपनी जांच को सीक्रेट तरीके से  रोक दें। थियोसॉफी, स्प्रिचुअलिस्म, या समान अध्ययन में उलझ कर न रहें । यह पॉसिबल है कि मरे हुए अभी भी जंदा हैं, पर आपको डिस्टर्ब नहीं होना हैं; बल्कि अपने काम से काम रखना है।   

जो लोग मर जाते है उनकी आत्माएँ जहाँ कहीं भी हों, अपना काम करती है, और अपने काम से मतलब रखती हैं, उनके उनकी अपनी परेशानियां होती हैं जिन वह सॉल्व करती है ; हमें उनकसे मतलब रहने की कोई जरूरत नहीं है। हम उनकी मदद तो  नहीं कर सकते, पर यह बहुत ही  सोचने की बात है कि क्या वे हमारी मदद करते हैं या नहीं ,मरे हुओं और परलोक में रहने वालों को अकेला छोड़ दें , और अपनी प्रॉब्लम को खुद सॉल्व; और अमीर बने। लेकिन अगर आप खुद ही उनसे घुलना-मिलना शुरू करते हैं, तो आपकी सारी कोशिशें ख़राब हो जाएँगी। जैसा कि हमने इस में और पिछले चैप्टर में यह बातें सीखी है:-     

*की एक सोच का सामान होता है जिससे हम सभी चीजें बना सकते हैं, और जो अपनी बेसिक स्थिति में, यूनिवर्स में पहुंचती है, और वहां की जगहों को भरती है।
* जितना ज्यादा हम सोचते जाते हैं यूनिवर्स में हमारी सोच से निकलने वाली शक्ति उतनी ही भरती जाती है, हमारे मन में जैसे विचार आते हैं, वैसे ही वो बनकर हमारे सामने आ जाते हैं। 
  *इंसान जो चाहे वह बन सकता है, वह यह सब चीजें सोचता है और उन्हें अपने सामने लाने के लिए एक कदम बढ़ाता है, जिससे कि उसकी सोच बेसिक चीजों के साथ मिलकर उसके विचरों को उसकी सामने रख देते हैं।   

ऐसा करने के लिए, इंसान को कॉम्पिटिशन से क्रिएटिव दिमाग में जाना होगा; उसे जो चीजें पसंद है उनकी एक क्लियर पिक्चर अपने दिमाग में बनानी चाहिए, और इस पिक्चर को अपनी सोच में क्लियर पर्पस के साथ अपनाना चाहिए कि वह क्या चाहता है, और यह विश्वास खाना चाहिए कि वह जो चाहता है उसे प्राप्त कर लेगा,और अपने दिमाग को उन सभी चीजों के लिए बंद कर दे जो आपके भरोसे कमजोर बनाते हैं, या आपके विश्वास को पूरी तरह से बुझा दें।   

और इन सब के अलावा, अब हम देखेंगे कि उसे एक खास तरीके से जीना और काम करना चाहिए।  

चैप्टर 11 . एक्टिंग इन द सर्टेन वे

थॉट्स  ही वह पावर है जो क्रिएटिव पावर से हमारे लिए काम करवाती है।  हालांकि यह सच है कि एक अलग तरीके की  सोच रखने से आपकी तरफ दौलत आने लगती है लेकिन आपको सिर्फ अपने थॉट के भरोसे ही नहीं बैठे रहना चाहिए। आपको काम भी करना होगा। यही वह बर्फीले पहाड़ है जिस से टकराकर बहुत से एक्सपर्ट्स का जहाज भी डूब जाता है और वह थॉट को काम के साथ जोड़ने में अनसक्सेसफुल रहते हैं।   

इंसान अभी डेवलपमेंट की उस स्टेज तक  नहीं पहुंचे हैं जिसमें इंसान हाथों की मेहनत या  नेचुरल  एक्टिविटीज पर भरोसा किए बिना सीधा किसी भी फॉर्म लेस चीज़  से अपनी मनचाही चीज बना सकें हमें सिर्फ अपने थॉट पर ही नहीं बैठे रहना होगा बल्कि उसके साथ काम को भी जोड़ना होगा। लेकिन आपको अपना काम एक खास तरीके से करना होगा ताकि आप मनचाही चीज कर सके और उसे हासिल कर सके और उसे सही जगह पर रख सके।     

आपके थॉट्स के जरिए आप पहाड़ों के नीचे दबे सोने को अपने पास खींच सकते हैं लेकिन यह सोना किसी खादान से अपने आप नहीं निकलेगा और खुद ब खुद निकल कर साफ नहीं होगा ,सिक्कों में नहीं बदल जाएगा और किसी भी तरीके से सड़क पर लुढ़कते हुए आपके पास नहीं आ जाएगा ,और ना ही खुद ब खुद आपकी पॉकेट तक पहुंच जाएगा।    

आपकी स्पिरिट आपके अंदर ऐसी पावर लेकर आएगी जिससे की आप सोने की खुदाई करने के लिए मोटिवेट होंगे।  और यह आपको दूसरों से ऐसे बिजनेस करवाएगी जिससे आपकी तरफ सोना आ सके। आपको अपने बिजनेस को ऐसे मैनेज  करना चाहिए ताकि जब सोना आपके पास आए तो आप उसे हासिल कर सकें पर यह सब कुछ आपके थाँट पर निर्भर करता है आपके थॉट ही हैं जिससे कि आप अपनी मनचाही चीजें अपने पास ला सकते हैं। पर ध्यान रखिए आपको खुद भी उसके लिए बहुत एक्टिव रहना पड़ेगा ताकि आप अपनी हर मनचाही चीज अपने पास ला सके और उसे बहुत ही इमानदारी से हासिल कर सके। आप उसे दान में नहीं ले रहे हैं और ना ही चोरी कर रहे हैं।  इसीलिए आपको कॅश  वैल्यू से ज्यादा यूज वैल्यू देना होगा हर किसी को।    

अपनी थॉट्स  को किसी भी गुप्त तरीके से यह नहीं सोचा कि वह जादू तरीके से बाहर निकलकर आपके लिए काम करने लगेंगे , ऐसा करने से आप अपनी कोशिशों को खत्म कर रहे हैं इससे आपके अंदर जो क्लियर थॉटस  की पावर है वह कम होती जाएगी।    

अमीर बनने के थॉट को हमने पिछले चैप्टर्स में बहुत अच्छी तरह और क्लियर तरीके से पढ़ा है लगन  और इरादे के साथ रखा गया थॉट फॉर्मलेस चीज पर आपकी मनचाही और पॉजिटिव छाप छोड़ देता है। फॉर्मलेस चीज में भी जीवन की यही चाहत है जो आप में है। आपका मैसेज मिलने के बाद वह चीज काम करने के लिए क्रिएटिव पावर को एक्टिव कर देती है ,और आपकी मनचाही चीज आपकी और आ जाती है। आपका काम क्रिएटिव चीजों को दिशा देना या उसकी निगरानी करना नहीं है। आपको तो बस इतना करना है कि अपने सपने को बनाए रखें,अपना इरादा अटल रखें और हमेशा शुक्रगुज़र रहे।    

लेकिन आपको अपना काम एक खास तरीके से करना होगा ताकि जो भी आपके पास आए आप उसे सही कर सकें और आपने जो अपने माइंड में एक पिक्चर बनाई थी उस चीज की वह आपके पास वैसे ही आए और फिर आप उसे उस सही जगह यूज कर पाए जहां आप चाहते थे।    

आप खुद सच्चाई देखेंगे जब चीजें आपके पास पहुंचेंगी , तो वह दूसरे लोगों के हाथ में होगी जो उसके बराबर हकदार होंगे। आपको वही मिलेगा जो आपका है और आप दुसरो को वह दे पाएंगे  जो उनका  है।    

आपकी पॉकेट अचानक एक बड़े से और Fortunata पर्स में ,जो की हमेशा पैसों से भरा रहे नहीं बदल सकती अगर आप अपने हिस्से की मेहनत पूरी ईमानदारी के साथ नहीं करेंगे।    

अमीर होने की साइंस में एक बहुत इंपोर्टेंट पॉइंट है ,जहां थाट्स को आपके पर्सनल एक्शन के साथ मिलाना होगा मतलब की जो आप सोच रहे हैं उसके लिए आपको काम भी करना होगा । ऐसे बहुत से लोग हैं जो जानबूझकर या अनजाने में अपने अंदर की क्रिएटिव पावर को बहुत ही अटल इरादे के  साथ काम में लगाते हैं।    

लेकिन कुछ लोग गरीब इसलिए रह जाते हैं क्योंकि जब चीजें उनके पास आती हैं तो वह उन्हें वैसे इस्तेमाल नहीं कर पाते जैसे करना की  जरूरत है। यहां हम यह कह सकते हैं कि जब उनके पास कोई मौका आता है तो वह उस मौके का  सही से फायदा नहीं उठा पाते हैं।    

आपका काम चाहे जो है आपको इसी समय उसे करना होगा आप पास्ट  में काम नहीं कर सकते। ये जरूरी है कि आपके अंदर क्लियर थॉट्स होने चाहिए। आपका मेंटल विज़न  क्लियर होना चाहिए ताकि आप अपने माइंड से अपने पास्ट  को निकाल सके। आप फ्यूचर में क्या होगा यह नहीं सोच सकते क्योंकि फ्यूचर अभी आया नहीं है। आप यह भी नहीं बता सकते कि आप  किसी आने वाली एमरजैंसी सिचुएशन में कैसे काम करेंगे , जब तक कि वह सिचुएशन आ ना जाए।    

अगर आप इस समय सही बिजनेस या सही  माहौल में नहीं है तो यह सोच कर खुद को बहलाने नहीं कि काम करने के लिए आपको सही बिजनेस या माहौल में पहुंचने का वेट करना होगा । क्योंकि सही मौके और मोहल का वेट करते रहना गलत होगा, फ्यूचर क्या होगा इसके बारे में सोच कर अपना टाइम बर्बाद ना करें।    

किसी भी एमरजैंसी सिचुएशन के आने पर उससे निबटने की अपनी कैपेबिलिटीज पर विश्वास रखें। अपने माइंड  को पूरी तरह प्रेजेंट के' काम में लगा दें। अगर आप फ्यूचर को माइंड  में रखकर प्रेजेंट में काम करते हैं, तो आपका ध्यान बंट  जाएगा और आपका माइंड अच्छी तरह काम नहीं कर पाएगा।    

आपके अंदर जो भी क्रिएटिविटी है उसे ओरिजिनल सब्सटांस पर ना छोड़ दें और फिर बैठ जाएं और रिजल्ट की वेट करें अगर आप करते हैं तो आप वह चीज कभी नहीं हासिल कर पाएंगे जो आप चाहते हैं ,अभी कदम उठाएं। अपना काम अभी करें अभी के अलावा कोई समय नहीं है और ना ही कभी होगा अगर आपको अपनी मनचाही चीज पाने के लिए तैयारी करनी है तो आपको इसी समय शुरुआत करनी होगी।    

आपका काम चाहे जो भी हो ,आपके प्रेजेंट बिजनेस या जॉब में ही हो सकता है। यह आपके आसपास के लोगों और चीजों के साथ ही हो सकता है। आप वहां काम नहीं कर सकते जहां आप नहीं है। आप वहां काम नहीं कर सकते जहां आप कभी रह चुके हैं। और आप वहां भी काम नहीं कर सकते जहां आप भविष्य में कभी रहने वाले हैं। तो आपको सिर्फ वहीँ काम करना है जहां आप इस समय है।    

इस बारे में सोचें नहीं कि कल का काम अच्छी तरह हुआ या नहीं आज का काम अच्छी तरह करें।  आने वाले कल का काम अभी करने की कोशिश ना करें तब आपके पास इसे करने के लिए बहुत समय होगा। किसी दूसरी जगह पर मौजूद या आपकी पहुंचकर बाहर के लोगों या चीजों पर काम करने के लिए अजीब तरीके से काम करने की  कोशिश ना करें।  काम करने से पहले माहौल बदलने का इंतजार ना करें अपने काम के जरिए माहोल बदल दें।    

आप इस समय जिस माहौल में  हैं उसी में माहौल में इस तरह का काम कर सकते हैं जिससे कि आने वाले बेहतर माहौल तक पहुंचा जाए। पूरी लगन और इरादे के साथ बेहतर माहौल में काम करने की पिक्चर अपने माइंड में बनाकर रखें और अपने प्रेजेंट माहौल में ही पूरे दिल, पूरे ध्यान और पूरी पावर के साथ काम करें।    

दिन में सपने देखने में अपना टाइम बर्बाद ना करें अगर आप अपनी मनचाही चीज “पा लेंगे तो क्या होगा” बस अपने माइंड में अपनी मनचाही चीज का सपना रखें और अभी काम करते रहे।    

अमीर बनने के लिए आप पहले कदम के लिए आप कोई अजीब चीजें ना करने की कोशिश करें। क्योंकि कुछ समय तक आपके वही काम आपके सामने आएंगे जो आपने पहले किए हैं।,और जो आप इस समय कर रहे हैं। और अभी आप उन कामो उसी तरीके से करें ताकि वह आपको आने वाले समय में अमीर बना दे।    

हताश  हो कर बैठे मत रहो और सोचते रहो कि तुम किसी गलत जगह पर हो , कोई भी इतनी गलत जगह पर नहीं हो सकता कि वह अपनी प्रेजेंट सिचुएशन को बेहतर बनाने के लिए सही जगह तक पहुंच सके। कोई भी आदमी किसी गलत बिजनेस में इतना शामिल नहीं होता कि वह सही बिजनेस ना कर सके।    

सही जगह की पिक्चर अपने माइंड में बनाकर रखें। वहां पहुंचने का इरादा बनाए रखें यह लग्न रखें कि आप वहां  तक जरूर पहुंच जाएंगे लेकिन अपनी प्रेजेंट जगह पर ही काम करें। अपने प्रेजेंट बिजनेस को बेहतर बिजनेस तक पहुंचने का एक जरिया बनाएं ,अपनी  प्रेजेंट चीजों का इस्तेमाल आप अपने फ्यूचर को बेहतर बनाने के लिए करें। सही बिजनेस के सपने को अगर आप अपनी लगन और पक्के इरादे'के साथ बनाए रखते हैं , तो सुप्रीम पावर सही बिजनेस तक आपको पहुंचा देती है और अगर आप यहां बताए गए खास तरीकों से काम करते हैं तो आप उस तरफ जरूर बढ़ेंगे।    

अगर आप एक एंप्लॉय है जो सैलरी के लिए काम करते हैं और आपको ऐसा लगता है कि जगह चेंज करने से आप वह पा सकते हैं जो आप चाहते हैं तो अपने को थॉट्स  पर विश्वास करें और दूसरी नौकरी ले ले।    

अपने मनचाहे काम को पाने के लिए अपने विजन को बनाए रखें जबकि आप अपने पास जो काम है उस पर पूरा विश्वास और इरादे के साथ काम करते हैं तो आपको जरूर वह काम मिलेगा जो आप चाहते हैं।    

आपका विज़न और विश्वास आपको आपकी क्रिएटिव पावर की तरफ ले जाने लगेगा और आपका जो भी एक्शन  होगा वह आपके लिए वह माहौल तैयार करेगा जहां आप जाना चाहते हैं।  फिनिश करते हुए हम अपने सिलेबस में एक और स्टेटमेंट ऐड करेंगे :    

सभी चीजें सोच से ही पैदा होती है ,और जो अपनी ओरिजिनल स्टेट से यूनिवर्स में एंटर करती है ,और खाली जगह को भर देती है।     

एक थॉट सब्सटांस में उस चीज को पैदा करता है ,जिसकी पिक्चर हम अपने थॉटस  से बनाते हैं। इंसान अपने थॉट्स के जरिए हर कोई चीजों को शेप दे सकता है और उस थॉट से  शेपलेस  चीजों में क्रिएटिविटी डाल सकता है, और उस चीज़ को बना सकता हैं     

ऐसा करने के लिए आपको कॉन्पिटिटिव माइंड से निकलकर क्रिएटिव माइंड में पहुंचना होगा। आपको अपनी मनचाही चीजों की क्लियर पिक्चर अपने माइंड में बनानी होगी और फिर अपने थॉट्स में इस सपने को पूरा होने का पक्का इरादा और अटल विश्वास बनाए रखना होगा। आपको अपना माइंड उस चीज या इंसान के अगेंस्ट बंद कर देना होगा जो आपके इरादे को हिला सकता है ,आपका इरादा कम कर सकता है यह आप की लगन और पावर को  कम कर सकता है।    

आपकी मनचाही चीज पास आने पर उसे पाने के लिए आपको अपने प्रेजेंट माहौल में लोगों और चीजों के साथ अभी से काम करना होगा।  

चैप्टर 12
एफिशिएंट एक्शन

इस थॉट से काम कर करवाने के लिए आपको पिछले चैप्टर के सजेशंस के अकॉर्डिंग अपने थॉटस  का इस्तेमाल करना होगा। और वह सब करना होगा जिसे आप इसी टाइम अपनी प्रजेंट जगह पर कर सकते हैं। यही ,नहीं आपको वह सब भी करना होगा जो आप कर सकते हैं ,चाहे आप कहीं भी हो।

  आप तभी आगे बढ़ सकते हैं जब आप अपनी  प्रेजेंट जगह की जरूरत से ज्यादा बड़े बन जाए। जो अपना काम पूरा नहीं कर पाता वह कभी अपनी  जगह से ज़ादा बड़ा नहीं बन पाएगा।  दुनिया की तरक्की तभी होती है जब लोग अपनी प्रेजेंट जगह की जरूरत से ज़ादा काम करते हैं। जो लोग अपनी प्रेजेंट जगह के काम भी पूरा नहीं कर पाते हैं ,वह तरक्की नहीं कर पाते हैं ,और दुनिया की प्रोग्रेस को भी कम कर  देते हैं।   

जो इंसान अपनी जगह की जरूरत से कम काम करता हो वह सोसाइटी की प्रोग्रेस नहीं कर पाते जिसमें वह रहते हैं। मेंटल ग्रोथ ही सोशल प्रोग्रेस के लिए रास्ता दिखाता है। अगर कोई अपनी प्रेजेंट जगह की जरूरत को पूरा नहीं करता है तो इसका मतलब है कि हर चीज नीचे की ओर फिसल  रही है। जो लोग अपनी जगह की ज़रूरत के काम पूरे नहीं कर पा रहे हैं वह सोसाइटी पर ,गवर्मेंट पर  कंपनी पर  सेना और बिजनेस पर बोझ है। और यह बोझ दूसरों को उठाना पड़ता है और इसका हर्ज़ाना फिर सब को भुगतना पड़ता है ,इसका एक ही रिजल्ट निकलता है वह होता है। - विनाश मतलब सोसाइटी का डिक्लाइन होना।  

कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता अगर हर आदमी अपनी जगह से छोटा होता है सोशल ग्रोथ फिजिकल और मेंटल ग्रोथ  के डायरेक्शन पर ही होता है। पशुओं की दुनिया में ग्रोथ जीवन के अधिक होने की वजह से होता है।  

जब किसी भी जीव के पास प्रेजेंटेज से ज्यादा लाइफ होती है तो वह अपने आगे की स्टेट के लिए ऑर्गन डेवलप्ड करने लगता है और एक नई प्रजाति पैदा होती है अगर डेवलपिंग जीव जरूरत से ज्यादा काम नहीं करते तो नई प्रजातियां कभी पैदा नहीं होती। अमीर बनने के लिए भी यही लॉ  फॉलो करना होता है।  

हर दिन या तो सक्सेसफुल दिन होगा या फिर एक फेलियर से भरा दिन होगा और यह सफल दिन ही है जिस दिन आप जो चाहते हैं वह आपको मिल जाता है।  अगर हर दिन फैलियर्स होने लगे तो आप कभी अमीर नहीं बन सकते। जबकि अगर हर दिन सक्सेसफुल है तो आप अमीर बनने से कोई रोक नहीं सकता।  

अगर ऐसा कोई काम है जो आप कर सकते हैं लेकिन करते नहीं है तो जहां तक उस काम  का सवाल है आप उसमें फेल हो चुके हैं ,इसके रिजल्ट आपकी सोच से भी ज्यादा बुरे हो सकते हैं।  

छोटे छोटे काम के रिजल्ट आप पहले से नहीं देख सकते। आप यह नहीं जानते कि कितनी सारी पावरस  आपके लिए काम शुरू कर चुकी है। आपके किसी आसान से काम पर बहुत कुछ डिपेंड हो सकता है शायद यह वही काम हो या मौका हो जिससे आपकी तरक्की के दरवाजे खुल जाए।  

आप कभी भी उन बातों को नहीं जान पाते जो सुप्रीम इंटेलिजेंस (यहाँ सुप्रीम इंटेलिजेंस का मतलब ईश्वर से है ) लिए कर रही है. चीजों और चीजों की दुनिया में ह्यूमन रिलेशन बना रही है। अगर आप किसी भी छोटे काम को करने में फेल होते हैं या आप उसमें लापरवाह होते हैं तो इस वजह से आप जो चीज चाहते हैं तो उसका आप तक पहुंचने में टाइम लग सकता है।  

तो हर दिन वह काम पूरा करो जो किया जा सकता है। हालाँकि  आपको ज़ादा  से बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है आपको अपने बिजनेस में अंधों की तरह भागना नहीं है।  और कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा चीजें करने की कोशिश भी नहीं करनी है।   

आपको आने वाले कल का का आज ही पूरा करने या एक हफ्ते का काम 1 दिन में पूरा करने की कोई जरूरत नहीं है।  क्योंकि कितना काम आपने किया है. क्या उसके नंबर है। इससे ज्यादा जरूरी है आपने काम कैसा किया है और कितना इफेक्टिव काम किया है। हर काम  अपने आप में या तो सफल होता है या असफल। हर काम , अपने आप में, इफेक्टिव या इनएफिशिएंट होता  है।  

हर इनएफिशिएंट काम एक फेलियर  है, और अगर  आप अपना जीवन इनएफिशिएंट काम  करने में बिताते  हैं, तो आपका पूरा जीवन फेलियर हो जाएगा। अगर आपका काम इफेक्टिव नहीं है चाहे आप जितना भी काम कर ले वह आपके लिए इतना ही बुरा रहेगा।

दूसरी तरफ हर इफेक्टिव कम अपने आप में सफल है अगर आपका हर काम इफेक्टिव है तो आपका पूरा जीवन सफल होगा। चीजों को सही तरीके से ना करना और काम इफेक्टिव ना होना असफल होने की सबसे बड़ी वजह है।  

आप देखेंगे कि यह एक self-evident प्रपोजल है कि अगर आप इफेक्टिव काम नहीं करते हैं और अगर जितना ज़रूरत है इफेक्टिव काम  करते हैं तो आप अमीर बन जाएंगे। अगर आपके लिए हर काम को एक इफेक्टिव काम बनाना पॉसिबल है तो आप देखेंगे कि अमीर बनना भी मैथ्स के जितना ही एक्यूरेट साइंस हो सकता है।  

सवाल यह आता है कि क्या आप हर अलग काम को अपने आप में सफल बना सकते हैं। और ऐसा आप बिल्कुल कर सकते हैं। आप हर काम को सफल बना सकते हैं क्योंकि सारी पावरस  आपके साथ काम कर रही है। और सारी पावरस  फेल नहीं हो सकती ,पावरस  आपके साथ काम कर रही है। और हर काम को सफल बनाने के लिए आपको बस उसमें पावर ही डालनी है।  

हर एक्ट या तो स्ट्रांग होता है या कमज़ोर।  जब सब स्टॉन्ग होता है और  आप किसी खास तरीके से काम करते हैं तो आपको सफलता जरूर मिलती है जिससे कि आप अमीर बन सकते हैं। किसी भी काम को इफेक्टिव बनाया जा सकता है अगर उस काम में पूरी पावर लगाई जाए तो आप हर काम में सफल हो सकते हैं।  

यहां इस पॉइंट पर वो लोग  फेल हो जाते हैं जो मेंटल पावर को अपने पर्सनल एक्शन  से अलग रखते हैं। वह अपनी माइंड की पावर को एक टाइम पर एक जगह पर ही यूज करते हैं। और वह दूसरी पेस में और किसी दूसरे टाइम  में काम करते हैं। तो उनके काम अपने आप में सफल नहीं होते ,उनमें से बहुत से लोग इनएफिशिएंट होते हैं।  

चाहे काम कितना भी सिंपल क्यों ना हो हर काम में पूरी पावर लगाई जाए तो हर काम में आप सफल हो सकते हैं। जैसा की चीजों की नेचर में सफलता ही आगे आने वाली सफलताओं के लिए राह खोल देती  है। और आप जो चाहते हैं उसकी तरफ आपकी तरक्की तेज हो जाती है।  

याद रखेगी सफल काम का रिजल्ट कम्युलेटिव होता है।  क्योंकि हर चीज में ज़ायदा जीवन की चाहत इन्हेरेंट होती है, जब कोई इंसान बड़े जीवन की तरफ बढ़ना शुरु करता है,तो और चीजें उससे जुड़ जाती है और उनके इरादों  का असर कई गुना हो जाता है। इसीलिए हर दिन वह सब कुछ करें जो आप उस दिन कर सकते हो और अपने हर काम को इफेक्टिव बनाएं।  

ऐसा कहते हैं कि आपको हर काम करने के लिए उस काम के लिए अपना विज़न बनाए रखना चाहिए , चाहे काम कितना भी सिंपल या छोटा क्यों ना हो। यहां मेरे कहने का मतलब यह है कि हमें हर छोटी सी छोटी डिटेल देखते हुए अपने विज़न  से हर काम करना चाहिए।  

अपने सपनों की डिटेल्स स्टडी  पर ध्यान करने के लिए फुर्सत के पलों का यूज़ करें और तब तक उस पर काम करते रहे जब तक कि वह आपकी मेमोरी में अच्छी तरह फिक्स  ना हो जाए। अगर आप जल्दी रिजल्ट चाहते हैं तो प्रैक्टिकली कुछ टाइम निकालें और उस चीज की प्रैक्टिस करते रहें।  

बार-बार उस चीज के बारे में सोचें जो आप चाहते हैं। वह आपको मिल जाता है क्योंकि उसकी  पिक्चर आपके मेमोरी में फिक्स हो जाती  है और उसकी छोटी-छोटी डिटेल बहुत ही मजबूती से आपके दिमाग में बनी रहती है। जिसे की वो उसे उस फॉर्मलेस सब्स्टन्स तक पंहुचा देती है जिस से चीज़ें बन जाती हैं। आपको अपने वर्किंग हॉर्स में  बस उस पिक्चर की तरफ ध्यान देना है जो आपके अंदर विश्वास और आपके इरादों को मजबूत बनाती है। जिससे कि आप काम करने के लिए अपना बेस्ट दे सकते हैं। खाली समय में जो पिक्चर आपने अपनी मेमोरी में बनाई है उस पर इतना ध्यान दें और इतना उसके बारे में सोचें जब तक की आपको उसके बारे में सब समझ ना आ जाए। ऐसे करने से आपके इरादे और विश्वास इतना मजबूत हो जाएगा कि आप खुद को बहुत पावरफुल महसूस करेंगे। फिर जो आपने सोचा है आप उसे रियलिटी तक लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।  

आइए हम सिलेबस को खत्म करते हुए अपनी स्टेटमेंट और रिपीट करें और उस पॉइंट  तक लाए जहां हम पहुंच गए हैं। सोच से ही सारी चीजें बनती हैं यह वह ओरिजिनल स्टेट है जिससे कि यूनिवर्स की सारी खाली जगहों को भरा जा सकता है। पिक्चर हम अपने  थॉट से बनाते हैं इस सब्सटेंस में हम उस चीज को पैदा कर सकते हैं।

इंसान अपने थॉट से चीजों को बना सकता है ,और अपने थॉट्स को शेपलेस चीज पर भी इस्तेमाल कर सकता है।  वह जिस चीज के बारे में सोचता है उसको बना सकता है।  

ऐसा करने के लिए इंसान को कॉम्पिटेटिव होने की जगह अपना माइंड क्रिएटिव बनाना होगा। उसे जो वह चाहता है उसकी क्लियर पिक्चर अपनी मेमोरी में बनानी होगी ,पूरा विश्वास और पक्के इरादे रखने होंगे। वह सब कुछ करना होगा जो हर रोज का किया जा सकता है।  हर अलग काम को एक एफिशिएंट तरीके से करना होगा।

चैप्टर -13.
गैटिंग इंटू द राइट बिजनेस

किसी भी पटिकुलर बिजनेस में,सफलता, इस बात पर डिपेंड करती है कि वह किस एरिया में है,और आपको उसका कितनी नॉलेज है। 

  अच्छे म्यूजिक की नॉलेज के बिना कोई भी अच्छा म्यूजिक टीचर नहीं बन सकता है; अच्छी तरह से डेवलप मकैनिकल नॉलेज के बिना कोई भी मकैनिकल बिजनेस में बड़ी सफलता नहीं पा सकता है; सही तरीका और सही बजनेस एबिलिटी के बिना कोई भी बिजनेस ऐक्टिविटीज़ में सफल नहीं हो सकता है। लेकिन एक अच्छी तरह से डेवलप स्टेट में आपके पटिकुलर बिजनेस में जरूरी स्किल के होने से अमीर होने का विश्वास नहीं मिलता है। ऐसे कई म्यूजिशियन हैं जिनके पास म्यूजिक की बहुत टेलेंट है, लेकिन फिर भी वो गरीब हैं; बहुत से ऐसे लोहार, और लकड़ी सामान बनाने वाले हैं जिनके पास अपने काम की बहुत अच्छी नॉलेज तो है, लेकिन फिर भी वह गरीब हैं; और ऐसे बिजनेसमैन जिनके पास डीलिंग की अच्छी एबिलिटी तो है लेकिन फिर भी वह असफल रहते हैं  

टूल्स हमारी एबिलिटी है;अच्छे टूल्स का होना जरूरी है, लेकिन टूल्स का सही तरीके से यूज करना आना भी जरूरी है।एक लकड़ी का सामान बनाने वाला आदमी आरी, और रंदे, की मदद से सुन्दर फर्नीचर बना सकता है; वहीं दूसरा कारपेंटर भी उन सब टूल्स की मदद से वैसा ही सामान बना सकता है ,लेकिन उसका बनाया गया सामान ठीक नहीं बनता। इसकी वजह यह है उसे टूल्स को सही तरीके से यूज करने की नॉलेज।      

आपके दिमाग में अलग-अलग शक्तियों के टूल्स है जिनके यूज़ से आप अमीर बन सकते हैं; अगर आप किसी ऐसे काम में लगे हैं जो आपके मेंटल टूल से मेल खाता हो, तो आपके लिए सक्सेस पाना और आसान हो जाएगा।  

जर्नली आप ऐसे बिजनेस में सबसे अच्छा करेंगे, जो आपकी शक्ति का और आपके नॉलेज का अच्छे से यूज करें, जिसके लिए आप हर तरह से फिट हैं, लेकिन इसकी कुछ अपनी सीमाएं हैं। हम जिन एबिलिटीज के साथ पैदा हुए हैं वह हमारे प्रोफेशन को तय नहीं करती है  

आप किसी भी बिजनेस से अमीर बन सकते हैं, क्योंकि अगर आपके पास सही टैलेंट नहीं है तो आप उस टैलेंट को डेवलप नहीं कर सकते हैं; इसका सीधा सा मतलब है कि आपको अपने जन्म के साथ आने वाले गुणों पर भरोसा करने की जगह अपने गुणों और एबिलिटीज को टूल्स की तरह डेवलप करना चाहिए।अगर आपके पास पहले से डिवेलप टैलेंट होंगे तो आप किसी भी काम में सफलता आसानी से पा सकते हैं।आप किसी भी जरूरी एबिलिटीज को डेवलप कर सकते हैं,क्योंकि हमारे अंदर बहुत सारी बेसिक एबिलिटी या टैलेंट होता है।

  अगर आप  ऐसा काम करेंगे जो आपके लिए सूटेबल हो तो आपके लिए अमीर बनना इतना मुश्किल नहीं होगा, लेकिन अपना मनपसंद काम करते-करते अगर आप अमीर बन जाते हैं इससे ज्यादा ख़ुशी की बात कोई नहीं हो सकती।  

आप जो करना चाहते हैं; वह लाइफ है और अगर हमें वही काम करना पड़े, जो हम नहीं करना चाहते ,या ऐसा काम करने के लिए कहा जाए जो हमें पसंद न हो, तो हम लाइफ में कभी खुशी नहीं हो सकते।यह तय है कि आप जो करना चाहते हैं,कर सकते हैं कुछ करने की इच्छा ही इस बात का प्रूफ है कि आपके पास उसे करने की पावर है। आप अपनी इच्छाशक्ति को दिखा सकते हैं।

म्यूजिक बजाने की पावर ही वह पावर है, जो आपसे एक्सप्रेशन और बढ़त चाहती है; चीजों की खोज करने की इच्छा वह मैकेनिकल एबिलिटी है; जो आपसे एक्सप्रेशन और बढ़त चाहती है।  

जहां काम करने की पावर डेवलप या अनडिवेलप रूप में होती है, वहां उसे करने की इच्छा भी नहीं रहती। जहां काम करने की स्ट्रांग इच्छा होती है, यह ग्रुप है कि उसे करने की पावर डिवेलप हो सकती है। बस उसे सही रूप से डेवलप करना आना चाहिए।  

बाकी सब इक्वल है लेकिन उस बिजनेस को चुनना सबसे अच्छा होगा जिससे आपका टैलेंट पूरी तरह से डेवलप हो। हालांकि अगर आपके अंदर कोई खास तरह का काम करने की इच्छा है तो आपको ऐसे काम को चुनना चाहिए, जो आपको आपके गोल की ओर ले जा सके।  

आप जो करना चाहते हैं, उसे कर सकते हैं और यह आपका राइट और स्पेशल रराइट बनता है कि आप उस प्रोफेशन को अपनाएं,जो आपके लिए सबसे सूटेबल और आपको खुश करने वाला हो । आपको वह काम नहीं करना चाहिए, जो आपको पसंद ना हो, बल्कि ऐसी चीजों में अपना मन लगाना चाहिए आप सच में करना चाहते हों।  

अगर पिछली गलतियों की वजह से आप किसी ऐसे बिजनेस में फस चुके हैं जो आप करना नहीं चाहते हैं। लेकिन फिर भी आप को जबरदस्ती वह  काम करना पड़ रहा है, तो आपको निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है आप यह सोच कर खुश हो जाइए आपको इसकी वजह से यह तो पता चल रहा है कि सच में आप करना क्या चाहते हैं।   

अगर आपको ऐसा लगता है कि आप सही बिजनेस नहीं कर रहे हैं और आप को चेंज करना चाहिए इसके लिए जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। बेहतर होगा कि आप विकास के बेसिस पर चेंजेस करें।  

अवसर मिलने पर अचानक और बेसिक चेंजेस करने से न डरें, और आप अच्छी तरह सोच ले कि क्या वह आपके लिए सही है; अगर आपके मन में उसके लिए थोड़ा भी डाउट हो या ऐसा करने की समझदारी पर डाउट हो तो अचानक कदम ना उठाएं।  

जब आप क्रिएटिव तरीके से सोचते हैं तो इसमें कोई भी जल्दबाजी काम नहीं करनी चाहिए उसको आप बहुत अच्छे से और कुशलता से करो।  

जब आप कॉन्पिटिशन की सोच से बाहर निकलेंगे ,तो आपको यह बात समझ में आएगी कि जल्दबाजी करना किसी भी काम को करने का सही तरीका नहीं है। आप जो भी करना चाहते हैं,उस काम में आपको दूसरा कोई हरा नहीं सकता है क्योंकि हर किसी के लिए इनफ चीजें मौजूद है,अगर वह सही तरीके से काम करेंगे तो। अगर कोई आपकी एक जगह ले लेता है, तो आपके लिए दूसरी जगह तैयार हो जाती है।  उसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।  

एक-दो दिन तक अपने विजन पर विचार करने और भगवान के प्रति थैंकफुल होने के बाद, आपका मन उस भगवान.के इतना पास हो जाएगा कि आप अपने काम में कोई भूल नहीं करेंगे।

एक मन है, जो सब कुछ जानता है और जिसे जानना चाहिए , आपके जीवन में फेथ , बीलिव और ग्रटिटूड के बल पर इसके कॉन्टैक्ट में आ जाते है।  

जल्दबाजी ,डर, और डाउट से सही मोटिव को भूल कर काम करने में हमेशा  भूल हो जाती है।  आपका मोटिव  भी यही होना चाहिए कि आप सभी  को और ज्यादा जीवन दे सके।

जब आप एक खास तरीके से काम करेंगे, तो सामने आने वाली अपॉर्चुनिटी भी बढ़ जाएंगी और आप बिलीव और फेथ  के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगेंगे ;थैंकफूल होकर आप भगवान के और पास जा सकते हैं।  

हर दिन सभी काम ठीक ढंग से करें, लेकिन जल्दबाजी, डर, और चिंता से दूर रहें। जितनी तेजी से काम कर सकते हो,उतनी तेजी से काम करें, लेकिन जल्दबाजी न करें याद रखें कि जब आप जल्दबाजी में काम करते हैं तो आप उस टाइम मेकर बनने के रस्ते से हट जाते है, और आप एक कॉम्पिटेटिव बनकर फिर से अपनी पुरानी जगह पर आ जाते हैं।

  जब भी आप अपने आप को जल्दबाजी में पाएं, तो वहीं पर रुक जाए, आप जो भी चाहते हैं उसकी  दिमागी तस्वीर पर अपना ध्यान लगाएं, और भगवान के  प्रति थैंक्फुल बने। आप इसे पा सकते हैं, ग्रिटीट्यूड की नॉलेज आपके विश्वास को और मजबूत कर देता है और आपके गोल को यह बना देता है इस तरह से आप कुछ भी नया ट्राई करने में फेल नहीं होंगे।  

चैप्टर 14
द इम्प्रैशन ऑफ़ साइंस

चाहे आप अपने प्रोफेशन बदले या ना बदले आपका  प्रजेंट काम उसी हिसाब से ही होना चाहिए जिसे आप इस समय कर रहे हैं। आप अभी चाहे जो भी पोजीशन पर है अपने काम को आप क्रिएटिव तरीके से कर कर और उसे यूज़फुल तरीके से कर के आप अच्छी पोजीशन और दूसरे काम तक पहुंच सकते हैं।

  आपको अपने काम के लिए फोन , लेटर्स , ऑनलाइन मीडियम से या आमने-सामने लोगों से कांटेक्ट में आना पड़ता है  तो आपकी  सारी कोशिशें यही होनी चाहिए कि आप उन्हें यह एहसास करवा  सकें कि इससे उन्हें इसमें फायदा ही होगा और उन्हें इससे इनक्रीस का इंप्रेशन नजर आएगा।  

हर एक आदमी ,औरत अपनी लाइफ में तरक्की ही चाहता है उनके अंदर छुपी हुई फॉर्मलेस इंटेलिजेन्स जब कामो में क्रिएटिव तकीके से'लगती हैं तो  ऐसी जरिए ये हो पाता है।  

सारी नेचर में सबको ज़ायदा  की चाहत छुपी होती है यह यूनिवर्स की बेसिक डिजायर है। इंसान सभी एक्टिविटीज़  में ज़ायदा  की इच्छा रखता है। लोग अपने लिए ज़ायदा  खाना ,ज़ायदा और बेहतर कपड़े ,घर, ब्यूटी ,नॉलेज और खुशी की चाहत रखता है किसी ना किसी तरीके से ज़ायदा  और अच्छे जीवन की चाहत रखते हैं।  

हर जिंदा चीज लगातार तरक्की चाहती है , जहां जीवन की तरक्की रूकती है वही अचानक ठहराव या मौत आ जाते हैं। इंसान यह सब जानता है और इसीलिए वे हमेशा ज़ायदा  की खोज में रहता है. हमेशा तरक्की के लिए प्रभु यीशु ने अपनी स्प्रिचुअल स्टोरी  में भी इसको बताया है बस वह लोग ज्यादा हासिल करते हैं वही उनके पास रुकता है , जो उसके पास नहीं है, वह भी ले लिया जाएगा जो उसके पास है।  

ज़ायदा दौलत की चाहत कोई बुराई या गलत चीज नहीं है यह तो बस एक आकांक्षा है एक अच्छी और रिच लाइफ की। क्योंकि हर इंसान के अंदर की एक इच्छा होती है कि उसके पास सब कुछ हो। सभी आदमी और औरतें उसकी तरफ अट्रेक्ट होते हैं जो चीज़ें उन्हें लाइफ में कुछ ज्यादा दे सकें। दिए गए खास तरीकों का पालन करने से आप अपने लिए लगातार तरक्की हासिल  सकते हैं। और आप इसे उन सभी को दे सकते हैं जिनके साथ आपका रोज का मिलना जुलना या डीलिंग है।

  एक क्रिएटिव सोर्स हो सकते हैं जिसके जरिए सभी लोगों की तरक्की हो सकती है। पर यह ध्यान रखें कि आप अपने कांटेक्ट में आने वाले सभी लोगों के साथ इस को बांटे ,भले ही कोई लेनदेन कितना ही छोटा क्यों ना हो आपको किसी बच्चे को एक कैंडी ही क्यों ना बेचनी है ,यह ध्यान रखें कि कस्टमर तक आपका थॉट पहुंच जाए।

  आप अपने हर हर काम में तरक्की के sign  दें ताकि दूसरे लोगों को पता चले कि आप एक प्रोग्रेस्सिव थॉट  के इंसान हैं। और अपने कांटेक्ट में आने वाले सभी लोगों की तरक्की का कारण बनते हैं। भले ही आप लोगों से  बिना किसी काम सोशल मिले या जिन्हें आपने कुछ ना बेचना हो उन्हें भी तररकी आइडियाज  दें।  

आपको खुद पर और अपनी थॉट पर पूरी तरह से विश्वास रखते हुए यह काम करना होगा आपका यही विश्वास उन्हें इंस्पायर् करेगा , आप जो भी करें पूरे विश्वास के साथ करें कि आप अपनी तरक्की कर रहे हैं और अपने आसपास के हर इंसान के बेहतर के लिए कर रहे हैं अपने पूरे विश्वास के साथ आप बढ़ोतरी  कर रहे हैं।  इस लगन से हर काम को  होने इंस्पायर दे।  

अपनी सक्सेस  को लेकर कभी घमंड ना दिखाएं लोगों को बढ़ा चढ़ा के ना बताएं और ना ही इसके बारे में कभी बेवजह बात करें अगर विश्वास सच्चा हो तो उसमें घमंड की कोई जगह नहीं होती।  

आपको जब भी कोई घमंडी इंसान मिले और जिससे आपको लगे कि उसके साथ जोड़ने में बढ़ोतरी हो सकती है आपको यह देखना है कि जब भी आप कोई लेन-देन करते हैं तो उसमें आपका लुक ,आपका काम करने का तरीका ,आपका नेचर यह सब चीजें उनको शो  करेंगे कि आप अमीर हो रहे हैं और आप पहले से ही अमीर है। इस चीज को दूसरों तक पहुंचाने के लिए वर्डस  की जरूरत नहीं होती।  वह आपकी पर्सन्स  में ही बढ़ोतरी महसूस  करेंगे और फिर आपकी तरफ अट्रैक्ट होंगे।  

आपको उनपर  इस तरह का इंप्रेशन डालना है ताकि उन्हें लगे कि आपके साथ जुड़ने से उनकी लाइफ में भी बढ़ोतरी होगी या तरक्की मिलेगी आपको यह भी देखना है कि आप उनसे जो भी कैश वैल्यू ले, तो यूज वैल्यू उससे ज्यादा दे।   

पूरी सच्चाई के साथ यह करें और सबको पता चलने दें तब आपके पास कस्टमर्स की कमी नहीं होगी लोग वहीं जाएंगे जहां उन्हें बढ़ोतरी एहसास होगा। ईश्वर जो सबकी तरक्की की कामना करते हैं वह आपकी तरफ उन लोगों को लेकर आएंगे जिनके बारे में आपने कभी सुना भी नहीं होगा। आपका बिजनेस तेजी से बढ़ेगा और आपको अपनी तरफ आने वाले फायदे  हो को देखकर हैरानी होगी जिनके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं था। अब हर दिन बेहतर करते हुए ज़ायदा  मुनाफा  कमा पाएंगे और ज्यादा उस काम  में भी आ पाएंगे जो आप चाहते हैं।  

लेकिन यह सब करते हैं आप जो चाहते हैं उसके लिए आपको अपने विज़न , अपने विश्वास और अपनी लगन को कभी कम नहीं होने देना है। अब मैं यहां मोटिव्स  को ध्यान में रखते हुए आपको सावधान करना चाहूंगा दूसरों के काम पर हक़ जताने या उसको हासिल करने  से आपको हामफूल नुक्सान हो सकता है।  सावधान रहें  

बिना दिमाग के  लोग दूसरों पर अपनी पावर यूज़ करके बहुत अच्छा महसूस करते हैं। अपनी सेलफिशनेस के लिए दूसरों पर राज करने की इच्छा हमेशा से एक कर्स  रही है काफी समय से सरकारें और इंसान इसके लिए लड़ते आ रहे हैं और खून बहाते आ रहे हैं। वह अपनी जगह को बढ़ाने के लिए ऐसा करते हैं।  -सबके लिए ज्यादा या अच्छा जीवन मिल सके इसलिए नहीं बल्कि खुद के लिए ज्यादा पावर हासिल करने की चाहत  से ऐसा करते हैं ।  

आज बिजनेस और इंडस्ट्रियल वर्ल्ड में एक ही मोटिव है। लोग दौलत जमा करते हैं दूसरों पर अपनी पावर हासिल करने के लिए ,लाखों लोगों की लाइफ को खत्म कर दिया जाता है बड़े पॉलिटिशियन की तरह बड़े बिजनेसमैन को भी सत्ता की बहुत भूख है।  

यीशु ने  दूसरों का हक मारना और दूसरों  पर अपनी पावर यूज़ करने की चाहत इस दुनिया में बहुत देखि  है और उसे कम करने की बहुत कोशिश की है। वह Pharisees  की खुद को मास्टर चलाने की जो चाहत होती है उसके बारे में बताते हैं कि वह ऊँची  जगह पर बैठने के लिए और खुद को दूसरों पर हावी करने के लिए क्या कुछ करते हैं।  

सत्ता हासिल करने के लालच में, सबको  नीचे लगाना और उन पर अपनी पावर यूज करना ,सबसे बड़ा बनने  के लिए दूसरों को इन्फ्लुऐंस  करने के लिए हर तरह का दिखावा करने लगते हैं।   

अपने सरकमस्टान्सेस और लक  को वश में करना हो तो उसके लिए किसी पर राज  करने की जरूरत नहीं होती। अगर आप सही में अपनी हैसियत बढ़ाने के लिए दुनिया के स्ट्रगल में शामिल होंगे तो लक और हालात आप को हरा देंगे। तब आपके लिए अमीर बनना  बस लक  या जोड़-तोड़ पर डिपेंड  रह जाएगा। कॉम्पिटेटिव सोच से सावधान रहें। क्रिएटिव काम के रूल के लिए इससे बेहतर शब्द कोई नहीं हो सकता ,यह एक गोल्डन रूल है - "मैं अपने लिए जो चाहता हूं वही हर इंसान के लिए चाहता हूं।"  

चैप्टर 15
द एडवांसिंग मैन

पिछले चैप्टर में जो कहा गया है वह प्रोफेशन सैलरी लेने वाले और बिजनेस मैन पर लागू होता है। 
भले ही आप कोई डॉक्टर हो या टीचर या फिर पादरी  अगर आप दूसरों की  लाइफ को बेहतर बनाते हुए उन्हें इस बात का विश्वास दिला सकते हैं, तो वह आपकी तरफ अट्रैक्ट  होंगे और आप अमीर होंग, जो डॉक्टर अच्छे और सक्सेसफुल होने का सपना देखते हुए उसे पूरी लगन और इरादे  के साथ पूरा करने के लिए मेहनत करता है जैसा कि पिछले चैप्टर  में बताया गया ,वह लाइफ के अपने मोटीव  के इतना नजदीक आ जाएगा कि वह जरूर सक्सेसफुल होगा और उसके दरवाज़े  पर पेशेंट की लाइन लगी रहेगी।

  इसकी बुक की लर्निंग को अपनी लाइफ में अप्लाई करने का इससे बड़ा मौका किसी के पास नहीं है जितना की मेडिसिन फील्ड में काम करने वालों के पास।  इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किस स्कूल से हैं क्योंकि ट्रीटमेंट का जो प्रिंसिपल है वह सबके लिए कॉमन है और सभी के लिए सेम तरीके से पहुंचाया जा सकता है। मेडिसिन के फील्ड में आगे बढ़ने वाला आदमी जो खुद को मेंटल इमेज में  सक्सेसफुल मानता है और जो विश्वास , मोटिव  और शुक्रगुजार होकर रूल्स को फॉलो करता है , वो हर रोग का इलाज कर सकेँगे।

  रिलीजन के फील्ड में दुनिया अपने लिए ऐसे टीचर चाहती है जो उन्हें लाइफ की सच्चाई सिखा सकें ,जो इंसान अमीर बनने की साइंस में मास्स्टर होता है।  इसके साथ ही हेअल्थी ,ग्रेट बनने और दूसरों का प्यार पाने आर्ट  सीख लेता है। और अपने लेसनस  में यह सिखाता है सुनने वाले उन्हें सुनने वालों की कभी कमी नहीं होती। लोग उन्हें खुश होकर सुनेंगे और पूरी काइंडनेस अपना साथ देंगे।

  हमें ऐसे उपदेश देने वाले चाहिए जो लाइफ के साइंस का को हमें एक्सप्लेन कर सकें हमें ऐसे टीचर चाहिए जो ना सिर्फ नॉलेज  बल्कि उसे रियल लाइफ में पूरा करके भी दिखा सकें। हमें ऐसे उपदेश देने वाले चाहिए जो खुद अमीर, हेल्दी ,ग्रेट और जिनके बहुत चाहने वाले हैं। और जो हमें सिखाएं की चीजों को कैसे हासिल कर सकते हैं ऐसे लोगों के पास बहुत से फॉलोअर्स होंगे।  

यही बात उस टीचर के बारे में भी है जो बच्चों को आगे बढ़ने के विश्वास और मोटिव  से इंस्पायरर कर सकता है।  ऐसे टीचर कभी भी बेरोजगार नहीं रहते जो टीचर इस इरादे और विश्वास को अपने स्टूडेंट तक पहुंचते  हैं,वह इसे दिए बिना रह नहीं सकते क्योंकि यह उनके अपने जीवन अपनी लाइफ और प्रैक्टिस का इंपॉर्टेंट पाठ है।  

टीचर,उपदेश देने,वाले डॉक्टर के बारे में जो सच है वह वकील डेंटिस्ट, रियल स्टेट मैन ,इंश्योरेंस एजेंट सब के बारे में सच है।  मैंने जो कंबाइंड मेंटल और पर्सनल एक्शन  के बारे में बताया है ,वह बिल्कुल एक्यूरेट है और कभी फेल नहीं हो सकता। हर आदमी और औरत जो पूरी  लगन के साथ ये डायरेक्शन  फॉलो करता है वह जरूर अमीर हो जाएंगे।  जिंदगी में तरक्की के लिए उतना ही सच है जितना कि लॉ ऑफ ग्रेविटेशन अमीर बनना एक एग्जैक्ट साइंस है।  

सैलरी पर काम करने वाले के लिए भी यह सही है।  यह ना सोचें कि आपके पास अमीर बनने का कोई अवसर नहीं है ,क्योंकि आप जहां काम कर रहे हैं ,वहां तरक्की का कोई असर नहीं नजर आ रहा पर सैलरी कम है और खर्च बहुत ज्यादा। अपनी मनचाही चीज की क्लियर  मेंटल इमेज बना ले और पक्के इरादे और भरोसे के साथ काम करना शुरू कर दें।  

हर दिन आप जितना काम कर सकते हो करें और हर काम को इफेक्टिव तरीके से करें सक्सेस की पावर और अमीर बनने के इरादे को अपने हर काम में भर दे। किसी की दया लेने के इरादे से ऐसा ना करें यह न सोचे कि वह आपके काम की तारीफ करते हुए तरक्की दे देंगे ऐसा होने की उम्मीद कम है। जो वर्कर अच्छा काम करते हैं ,और अपनी एबिलिटी से अच्छा काम करके सेटिस्फाइड रहते हैं। वह अपने एंपलॉयर के लिए वैल्युएबल होते हैं ,उन्हें तरक्की देना एंपलॉयर के हित  में नहीं होता,वह  वही रहते हैं जहां पहले से हैं।  

तो अपने एंपलॉयर को खुश करने के इरादे से अपने प्रेजेंट जगह के कामों को ज्यादा करने की कोशिश ना करें, इसे खुद की तरक्की के इरादे से करें।  

जो एंप्लाइज तरक्की करते हैं वह अपनी जगह के लिए बहुत बड़े बन जाते हैं। उन्हें क्लेअर्ल्य  पता होता है कि वह क्या करना चाहते हैं और क्या बनना चाहते हैं ,वह जानते हैं कि वे जो बनना चाहते हैं। वह बन सकते हैं ,और वह उसके लिए पक्के इरादे से डटे हुए हैं।  

अपने एम्प्लायर को खुश करने के लिए अपनी  प्रेजेंट जगह में ज़ायदा  काम ना करें, यह आप अपनी तरक्की के इरादे से करें। काम के घंटों के दौरान, काम के घंटों के बाद, और काम के घंटों से पहले विश्वास और तरक्की का इरादा पक्का रखें। इसे इस तरह बनाए रखें कि आपके कांटेक्ट में आने वाला हर इंसान चाहे फोरमैन हो, आपका को एंप्लॉय हो या आप उसे सोशली जानते हो,आप से निकलने वाली पॉजिटिव एनर्जी हर कोई महसूस कर सकें ,जिससे सभी को आपसे तरक्की और बढ़ोतरी की फीलिंग हो। हर आदमी आपकी तरफ अट्रैक्ट होंगे और अगर आपके प्रेजेंट जॉब में तरक्की की कोई उम्मीद नहीं है तो आपको बहुत ही जल्द दूसरी नौकरी के मौके मिलने लगेंगे।  

यह एक ऐसी पावर है जो प्रोग्रेसिव थॉट रखने वाले लोग अगर इस रूल  को फॉलो करते हैं तो ,उनको नए मौके हमेशा मिलते रहते हैं और उनमें वह कभी फेल नहीं होते। अगर आप यहां बताए गए खास तरीकों से काम करते हैं तो ईश्वर आपकी मदद किए बिना नहीं रह सकते उन्हें खुद की मदद के लिए ऐसा करना चाहिए।  

आपकी सिचुएशन में या इंडस्ट्रियल सिचुएशन में ऐसा कुछ भी नहीं है जो आपके नीचे रख सके अगर आप स्टील ट्रस्ट के लिए काम करके अमीर नहीं बन सकते ,तो आप 10 एकड़ के खेत में अमीर बन सकते हैं।  और अगर आप सही तरीके से आगे बढ़ना शुरू करते हैं तो आप सही में ट्रस्ट के "क्लचिस"  से बच जाएंगे और खेत में या जहां भी आप रहना चाहते हैं वहां पहुंच जाएंगे।  

अगर कुछ हजार वर्कर इस तरीके से काम करने लगे तो बड़ी चीज़ें बनाने वाली  कंपनियों की हालत खराब हो जाएगी। इसे अपने वर्कर्स को ज़ायदा  मौके देने होंगे नहीं तो वह बिजनेस से बाहर हो जाएंगे।  किसी को भी बड़े कॉपोरेशन  में काम करने की जरूरत नहीं है ,ऐसी कंपनियां लोगों को बुरी सिचुएशन में तब तक ही रख सकती है जब तक लोग अमीर बनने के साइंस  से अनजान है या दिमागी तौर पर आलस से भरे हैं और काम नहीं करना चाहते।  

इस तरह की सोच रखते हुए अपना काम करना शुरू करें। आपकी लगन और  विश्वास जल्दी आपको अपने हालात से बेहतर मौकों  की तरफ ले जाएंगे।   ऐसे मौके बहुत तेजी से आपकी तरफ आएंगे क्योंकि ईश्वर अपनी सारी पावर आपके साथ लगा देते हैं और वही आपके लिए सब कुछ सामने लाते हैं।  आप जो भी बनना चाहते हो उसके लिए मौके का इंतजार ना करें।  जब भी अपने से ज्यादा मौके सामने हो तो उसे लेने से चुके नहीं। यह बहुत बड़े मौके की  तरफ आपका पहला कदम होगा।  

इस यूनिवर्स में आगे बढ़ने वाले और जिंदगी जीने वाले इंसान के लिए मौकों की कमी जैसी कोई चीज नहीं होती।  यह यूनिवर्स सविधान में ही बसा है कि हमारे लिए सब कुछ  मौजूद होगा और हमारी भलाई के लिए काम करेगा। अगर हम एक सही तरीके से सोचें और काम करें तो हम सही मायने में अमीर हो सकते हैं। सैलरी लेने वाले इस बुक को पढ़े और इसमें बताए गए रास्तों पर पूरे ध्यान से कदम रखें वह कभी फेल नहीं होंगे।

चैप्टर 16
सम कॉशन एंड कन्क्लुडिंग ऑब्सेर्वशन्स

बहुत से लोग इस  थॉट्स का मजाक करेंगे कि अमीर होना एक्यूरेट साइंस है यह इंप्रेशन दिमाग में रखते हुए की पैसा सीमित है इस बात पर जोर देंगे कि सोशल और गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट के बदलने पर ही बड़े नंबर से लोग दौलत हासिल कर सकते हैं।

  लेकिन यह सच नहीं है
यह सच है कि मौजूदा सरकारें जनता को गरीबी में रखती हैं, लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि जनता कुछ खास तरीके से नहीं सोचती और न ही काम करती है।  

जनता इस बुक में बताए गए सजेशन के अकॉर्डिंग आगे बढ़ने लगे तो ना तो गवर्नमेंट और ना ही इंडस्ट्री उन्हें रोक सकते हैं अगर लोगों का माइंड प्रोग्रेसिव हो और वह यह सोचते हो कि वह अमीर बन सकते हैं और उनमें पक्का इरादा हो कि वह आगे बढ़ेंगे तो कोई भी चीज उन्हें गरीबी में रोककर नहीं रख सकती। इस प्रोग्रेसिव सोच को राह देने के लिए सभी तरह के सुधार करने ही  पड़ेंगे।  

अगर लोगों के अंदर आगे बढ़ने की चाहत है ,और विश्वास है कि वह अमीर बन सकते हैं और अमीर  बनने के पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ते हैं तो कुछ भी उन्हें गरीब नहीं रख सकता।  

कोई भी किसी भी सरकार के नीचे किसी भी टाइम इस खास तरीके पर काम शुरू कर सकता है और अमीर बन सकता है जब बहुत सारे लोग किसी सरकार के नीचे ऐसा करते हैं तो वह दूसरों के लिए रास्ता खोल देते हैं।  

जो लोग कंपटीशन से अमीर बनते हैं वह दूसरों के लिए उतने ही बुरे होते हैं।  और जो क्रिएटिव तरीके से अमीर बनते हैं दूसरों के लिए उतना ही अच्छे होते हैं। दुनिया के इकोनॉमिक् इशू सिर्फ तभी खत्म होंगे जब दादा नंबर में लोग इस बुक में बताई गई साइंटिफिक स्टडी का यूज़ करेंगे और अमीर बनेंगे। वह दूसरों को तरीका सिखाएंगे और सच्चे जीवन की चाहत में उन्हें इंस्पायरर करेंगे। इस इरादे के साथ कि इसे हासिल किया जा सकता है इसे ,हासिल करने के इरादे के साथ।  

फिहाल ये जानना काफी  है कि आप की सरकार या पूंजीपति या बिजनेस का कंपटीशन आपको अमीर बनने से नहीं रोक रहा है। जब आप के थॉट क्रिएटिव होंगे तो आप इन सारी चीजों से ऊपर उठ जाएंगे। और एक अलग ही राज्य के सिटीजन बन जाएंगे  

लेकिन याद रहे आपके विचार आपके थॉट्स क्रिएटिव होने चाहिए ,एक पल के लिए भी सप्लाई में कमी नहीं मानते कंपटीशन में काम नहीं करते हैं जब भी आप सोच के पुराने तरीकों की तरफ अट्रैक्ट होने लगे खुद को सुधार लें विचार सोच के पुराने तरीके खत्म कर दे। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो अपने ही मन के साथ तालमेल खो देंगे।  

फ्यूचर में आने वाली एमरजैंसी सिचुएशन से कैसे निपटा जाएगा, इसकी प्लानिंग बनाने में अपना समय बर्बाद ना करें। अपना समय बस उन्हीं प्लानिंग में लगाएं जो आज आपके काम पर असर डालती हों।  आपकी चिंता है ,आज का काम सबसे इफेक्टिव तरीके से करना। ना कि इमरजेंसी सिचुएशन से निपटना जो आने वाले कल में आ सकती है, जब वह आएंगी तब आप उनसे निपट लेंगे।  

यह न सोचे कि आप फ्यूचर में आने वाली समस्याओं से कैसे निकालेंगे। जब तक आप क्लेरिटी से यह ना देख ले कि उनसे बचने के लिए आपको आज ही अपनी दिशा बदलनी होगी। चाहे कितनी भी बड़ी समस्या सामने हो आप महसूस करेंगे कि अगर आप खास तरीके से काम करते हैं ,तो कोई भी समस्या के पास पहुंचने पर या तो वह खत्म हो जाएगी या उसके ऊपर नीचे आस पास  से आपके लिए कोई ना कोई रास्ता निकल आएगा।  

हालात चाहे जैसी भी हूं उस आदमी या औरत को हरा नहीं सकते ,जो पूरे इरादे से साइंटिफिक रूल्स पर अमीर बनने की तरफ चलते हैं ,कानून का पालन करने वाला कोई भी आदमी या औरत अमीर बनने में फेल हो सकता।  ठीक उसी तरह जैसे'कोई भी दो से दो मल्टीप्लाई कर सकता है और 4 हासिल  करने में फेल हो सकता है।  

फ्यूचर की प्रॉब्लम ,बाधाओं , ऐसी सिचुएशन जो आपके अकॉर्डिंग ना हो उनके बारे में चिंता ना करेंफ्यूचर की प्रॉब्लम ,बाधाओं , ऐसी सिचुएशन जो आपके अकॉर्डिंग ना हो उनके बारे में चिंता ना करें क्योंकि उनके लिए अभी बहुत टाइम है जब वह टाइम आएगा उस सिचुएशन में आप देखेंगे कि कोई ना कोई उनसे निकलने का हल जरूर मिल जाएगा।  

अपने वर्ड्स  पर हमेशा ध्यान दें। कभी भी निराश भरे अंदाज में ना बोले। अपने हालात या किसी दूसरी चीज के बारे में बात करते हुए कभी भी नेगेटिव वर्ड का यूज ना। करें कभी भी फेल होने की संभावना को एक्सेप्ट ना करें या ऐसे तरीके से ना बोले जिसमें फेल होने की संभावना झलकती हो।  

कभी भी ना बोले की मुश्किल टाइम चल रहा है ,या बिजनेस के हालात बुरे हैं। ऐसा उन लोगों के साथ हो सकता है जो कॉम्पिटेटिव है ,लेकिन आपके साथ ऐसा कभी नहीं हो सकता ,आप अपनी मनचाही चीज को क्रिएटिव बना सकते हैं इसीलिए आप से डर बहुत दूर है।  

दूसरे लोग जिसे मुश्किल टाइम और बिजनेस के बुरे हालात मानते हैं, वह आपको बड़े मोको की तरह मिलेंगे। खुद को दुनिया के बारे में इस तरह सोचने और देखने के लिए तैयार करें जैसे वह तरक्की कर रहा हो। बुरी चीज हो इस नजर से देखें जैसे वह अनडेवलप्ड हो। हमेशा तरक्की के बारे में बात करें इसके अलावा किसी और तरीके से बोलना अपनी अपने विश्वास को हिलाना है ,और विश्वास हिलने का मतलब है उसे गवा देना।  

कभी भी खुद को निराश महसूस होने ना दें अगर आप किसी खास समय पर किसी खास चीज की उम्मीद करते हैं ,और वह आपको उस समय नहीं मिलती तो यह आपको फेलियर लग सकता है ,लेकिन अगर आप विश्वास बनाए रखें  आपको लगेगा कि फेलियर सिर्फ ऊपर से ही है. जब आप खास तरीके से काम करते हैं तो उस चीज के ना मिलने पर आपको उससे बेहतर कोई दूसरी चीज मिल सकती है ,तब यह फेलियर नहीं बल्कि बड़ी सक्सेस की तरह नजर आएगा।  

इस साइंस को समझने वाले एक स्टूडेंट ने एक खास बिजनेस डील करने का मन बनाया ,डील बहुत ही अच्छी नजर आ रही थी और उसने इसे करने के लिए कई हफ्ते मेहनत की। जब वह जरूरी टाइम आया तो जैसा वह चाहता था ,वैसी डील नहीं हो सकी ,उसे इसकी वजह समझ नहीं आई ,ऐसा लग रहा था जैसे कोई ना दिखने वाली पावर गुप्त तरीके से काम कर रही थी।लेकिन वह निराश नहीं हुआ बल्कि उसने ईश्वर को थैंक यू कहा कि उसकी  चाहत पूरी नहीं हुई और वह शुक्रगुजार होकर लगातार काम करता रहा। कुछ हफ्ते बाद उसके सामने एक और मौका आया जो इतना अच्छा था कि अगर उसे वह पहला मौका मिलता तो वह पिछले डील  पर सोचता भी नहीं।  इससे उसे समझ आया कि उसे से ज्यादा नॉलेज वाली किसी पावर ने रोका था क्योंकि वह उसे कम अच्छाई की जगह ज्यादा अच्छाई तक पहुंचाना चाहता था।  

फेलियर  आपके लिए ऐसे ही काम करते हैं अगर आप अपना विश्वास बनाए रखते हैं पर आप का इरादा पक्का होता है। आपके अंदर शुक्रगुजार होने की भावना होती है और हर दिन वह सब कुछ करते हैं जो उस दिन किया जा सकता है, हर अलग काम को सरल तरीके से करते हुए।  

क्योंकि आपने इतना नहीं मांगा जितनी जरूरत थी ,इसी वजह से आप फेलियर एक्सपीरियंस करते हैं।  आप आगे बढ़ते रहें ,आपकी मनचाही चीज से ज्यादा बड़ी कोई चीज जरूर आपके पास आएगी यह बात हमेशा याद रखें।  

आप फ़ैल नहीं होंगे ,क्योंकि आपके पास वह काम करने के लिए जितना टैलेंट चाहिए उसकी कमी है। अगर आप मेरे दिए गए सजेशन से आगे बढ़ते हैं, तो आप अपने काम को करने के लिए जरूर अपने अंदर उन सभी जरूरी टैलेंट को डिवेलप होते हुए देखेंगे।  

डर की वजह से हिचकीचाय नहीं कि जब कोई कठिन सिचुएशन सामने आएगी तो आप हुनर की कमी के कारण फेल हो सकते हैं। जुटे रहे ,जब आप उस जगह पर पहुंचेंगे तो हुनर अपने आप आ जाएगा। हुनर के जिस ज़रिये ने अनएजुकेटेड इब्राहिम लिंकन को सरकार में वह बड़ा काम करने में के लायक  बनाया ,जो कोई अकेला इंसान कर सकता था। वही आपके लिए भी हो सकता है आपकी पहुंच उस सुपर नेचुरल पावर तक है जिसमें आपकी सारी जिम्मेदारियों को  पूरा करने की इच्छा है बस आप पूरी लगन और पक्के इरादे से अपना काम करते रहें।   

इस बुक को पढ़ें इसे हमेशा साथ रखें जब तक आप इसमें बताए गए सभी सजेशंस में माहिर ना हो जाए। लगन और विश्वास बनाते समय आपको कुछ एंजॉयमेंट से दूर रहना होगा और उन जगहों से भी जहां इसके अगेंस्ट चीजें बताई जा रही हों। और नेगेटिव चीजें ना पढ़े , इसके बारे में बहस में ना उलझें , अपनी फुर्सत के ज्यादा समय में अपने सपने के बारे में सोचें अपने अंदर शुक्रगुजार होने की भावना डिवेलप करें। और यह बुक बार-बार पढ़ें इसमें वह सब कुछ है जो अमीर बनने के साइंस के बारे में आपको जानना जरूरी है। अगले चैप्टर में सभी जरूरी बातें की समरी दी गई है।

चैप्टर - 17.
समरी ऑफ़ द साइंस ऑफ़ गैटिंग रिच

एक सोच की सामान है जिससे सभी चीजें बनाई जाती हैं, और जो अपनी बेसिक कंडीशन में यूनिवर्स के अन्दर एंट्री करती है, और उसे भरती है। इस सब्स्टेंस  में एक विचार उस चीज को पैदा करता है जिसका रूप आपकी सोच में होता है। इंसान  अपने सोच में चीजों को बना सकता सकता है, और बिना आकर की चीज पर अपनी सोच को असर डालकर वह जिस चीज के बारे में सोचता है, उसको बना सकता है। ऐसा करने के लिए, इंसान को कॉम्पिटिशन से क्रिएटिविटी में आना होगा; नहीं तो वह बिना आकर की बुद्धि के साथ मेल नहीं बना सकता, जो हमेशा क्रिएटिव होती है और कभी कॉम्पिटिश नहीं करती है।

  इंसान बिना आकार की चीज के साथ पूरा मेल बना सकता है, बस हमें मिलने वाली ब्लेसिंग के प्रति सच्चा आभार रखते हुए उन्हें पेश करना होगा। आभार इंसान के मन को चीजों के ज्ञान से जोड़ती है, जो इंसान जितना ज्यादा आभारी होगा  वह लोगों को और भगवान को उतने ही आसानी से अपनी मुठी में कर सकता है।वह बुद्धि के साथ इकट्ठा होकर क्रिएटिव बन सकता है।इंसान को उन चीजों की एक क्लियर पिक्चर बनानी चाहिए जो वह, करना चाहता है या बनना चाहता है; और उसे इस दिमागी पिक्चर को अपनी सोच में लाना चाहिए, जबकि उसको भगवान के प्रति पूरी तरह से आभारी होना चाहिए कि उन्होंने उसे इस लायक समझा कि वह अपनी सोच से कोई भी चीज पैदा कर सकता है। जो इंसान अमीर बनना चाहता है, उसे अपने ख़ाली टाइम में अपने विजन को और डेवलप करने की जरूरत है , और उसे भगवान को  इस बात के लिए  ईमानदारी से धन्यवाद देना चाहिए कि सच्चाई उसे दी जा रही है। बहुत विश्वास और भक्तिपूर्ण आभार के साथ अपनी दिमागी इमेज को बार-बार सोचना चाहिए और इसके इम्पोटैंस पर बहुत ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए। यह बस एक प्रोसेस है जिससे बिना आकार की इमेज को आगे बढ़ाया जा सकता है।   

जो क्रिएटिव पावर होती है वे नैचरल डेवलपमेंट, इंडस्ट्रियल और सोशल सिस्टम के हिसाब से काम करती है। यह सारी चीजें दिमागी इमेज बनाने के बाद लोगों की लाइफ में आती है, और जिससे विश्वास नहीं डगमगाता। वह जो चाहता है वह स्टेबल ट्रैड और कॉमर्स से पा सकता है। जब यह उसके पास आएगा, तो उसे पाने के लिए,इंसान को एक्टिव होना पड़ेगा ; और यह सारी चीजें सिर्फ उसकी  प्रेजेंट जगह को भरने के लिए होनी चाहिए।उसे अपनी दिमागी सोच के हिसाब से अमीर बनने पर ध्यान देना चाहिए। और उसे हर दिन, वह सब करना चाहिए जो उस दिन किया जा सकता है, हर काम को सफल तरीके से करने का ध्यान रखना चाहिए। उसे हर इंसान को मिलने वाले कैश प्राइस से ज्यादा यूज  वैल्यू देना चाहिए, ताकि हर लेन-देन जीवन के लिए हो; और उसे आगे बढ़ाने वाले विचारों को इस तरह से सोचना चाहिए कि उसकी डेवलपमेंट का जो भी ख्याल है वो हर किसी के दिमाग में आए ,लोग भी उन से प्रभावित हो कर इसे अपनी लाइफ में उतारने की कोशिश करें।उसकी डेवलपमेंट का जो भी प्रभाव है वह उन सब पर पड़े जो उसके कॉन्टेक्ट में आते हैं।    

पहले से ही दिए गए इंस्ट्रक्शन का पालन करने वाले आदमी और औरतें डेफिनेटली सफल होंगे,वह हर तरीके से पैसे वाले बन जाएंगे; और जो पैसा वह कमाएगें , वह जिस भी चीज हक़दार हैं चाहे वह उनकी सोच हो, या विश्वास हो ,या उनका  कोई मोटीव हो वो सब कुछ कर पाएंगे।उन्हें यह सब देने के लिए सही विश्वास,आभार,स्टेबिलिटी और सही विज़न होना चाहिए।
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The Science of Getting Rich-(Full Book) Summary in Hindi



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